वित्तिय वर्ष में शिक्षा के लिए 7044 करोड़ के बजट का प्रावधान – किशन कपूर

प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए निरन्तर प्रयासरत: किशन कपूर
कहा………प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद कर रही मेधा प्रोत्साहन योजना
HNN News धर्मशाला

इस वित्तीय वर्ष में शिक्षा क्षेत्र के लिए 7044 करोड रुपए के बजट का प्रावधान रखा गया है। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाढ में भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत उप निदेशक उच्च शिक्षा विभाग धर्मशाला के तत्वाधान में एंपायर अवार्ड मानक कार्यक्रम के तहत रखी गई चार दिवसीय कार्यशाला के दौरान कही ।

कार्यक्रम में शुक्रवार को बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है।

बता दें कि इस चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रदर्शनी व परियोजना प्रतियोगिता में कांगड़ा के 428 तथा चम्बा के 28 सरकारी, प्राईवेट तथा केन्द्रीय विद्यालय के बच्चे भाग ले रहे हैं।

इस दौरान मुख्य अतिथि ने बच्चों द्वारा लगाई गई मॉडल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे प्रतिभागी छात्रों के बनाए गये प्रोजेक्टों का निरीक्षण कर होनहारों की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि बाल विज्ञान कॉग्रेस सरीखे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करना और अपनी दिनचर्या में विज्ञान की भूमिका को समझना व उपयोग में लाने की प्रवृति को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा छात्र-छात्राओं को अपनी वैज्ञाानिक प्रतिभा को विस्तार देने का अनूठा अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने नन्हे वैज्ञानिकों को उनके सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को जेईई मेन, एनईईटी इत्यादि परीक्षाओं तथा अन्य उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश हेतू कोचिंग की आवश्यकता होती है। इसके अलावा महाविद्यालय से निकले हुए छात्रों को रोजगारपरक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जरूरत होती है।

उन्होंने कहा इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश सरकार ‘‘मेधा प्रोत्साहन योजना’’ शुरू की है। इसके तहत बच्चों को राज्य में अथवा राज्य से बाहर कोचिंग के लिए सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकार ने इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

कहा……विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक की अहम भूमिका

खाद्य आपूर्ति मंत्री ने अध्यापकों से बच्चों की वैज्ञानिक बुद्धि एवं प्रतिभा को निखारने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को विज्ञान विषय को अधिक रोचक तरीके से पढ़ाए ताकि विज्ञान विषय में उनकी रूचि में बढ़ोतरी हो।
बच्चों को नशे की बुराई से दूर रहने का कियाआह्वान

कपूर ने बच्चों को नशे की बुराई से दूर रहने तथा अन्य बच्चों को भी इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि छात्र पश्चिमी सभ्यता के बजाए देश की समृद्ध संस्कृति का अनुसरण करें तथा सादा व्यवहार और उच्च विचार की परिपाटी का अनुसरण कर अच्छे नागरिक बनें।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा उपनिदेशक केके शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा जिला स्तरीय प्रदर्शनी व परियोजना प्रतियोगिता बारे विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहने वाले छात्र व छात्राएं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे।

इस अवसर पर कार्यक्रम की समन्वयक आयशा नेगी ने प्रतियोगिता बारे विस्तार से बताया।
इस दौरान पर स्कूली बच्चों द्वारा द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गए। उन्होंने सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी एच्छिक निधि से 21 हजार रुपये देने की घोषणा की।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा बोर्ड की अतिरिक्त सचिव रेखा कपूर, रावमापा डाढ़ के प्रधानाचार्य विजय कुमार, डाढ़ की प्रधान सरला देवी, एक्स प्रधान मुन्शी राम सहित विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य, अध्यापक तथा बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद थे।

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