विशाल ने मशरूम उत्पादन को बनाया स्वरोजगार का जरिया

हर रोज 1,500 रूपये की मशरूम बेच रहा गांव का युवक

HNN / संगड़ाह

उपमंडल संगड़ाह के अंतर्गत आने वाली नौहराधार पंचायत के बांदल गांव के विशाल मधाईक ने पढ़ाई लिखाई के बाद मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार का जरिया बनाया। गत वर्ष अपने परिवार की मदद से मशरूम की खेती शुरू की और इन दिनो प्रतिदिन औसतन डेढ़ हजार रुपए का मशरूम बेच रहे हैं।‌ स्थानीय बाजार में उनका मशरूम 150 रुपए प्रति किलो खरीदा जा रहा है, हालांकि दुकानदारों द्वारा इसे 200 से 250 रुपए किलो तक ग्राहकों को बेचा जा रहा है।

चूड़धार पर्वत श्रंखला के साथ लगते नौहराधार इलाके में तापमान काफी कम होने के चलते यहां बिना एसी के लगभग साल भर मशरूम उगाई जा सकती है और मात्र 200 बैग से वह हर रोज 10 किलो खुंब बेच रहे हैं। विशाल अपना कारोबार बढ़ाकर गांव के कुछ अन्य युवाओं को रोजगार देने व यहीं खाद तैयार करने की योजना भी बना रहे हैं। जमा दो की पढ़ाई के बाद आईआईटी कर चुके उक्त युवक ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना अथवा मुख्यमंत्री स्वलंबन योजना के तहत ऋण लेने की ठानी है।

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