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शांति व सद्भावना के लिए यशपाल कपूर को मिला एकता राष्ट्रीय यूथ अवार्ड -2024

PARUL • 10 Jun 2024 • 1 Min Read

उड़ीसा के बनपुर में अयोजित समारोह में किया सम्मानित

HNN/नाहन

इंटरनेशनल ट्राइबल कल्चरल यूथ फेस्टीवल बनपुर उड़ीसा में सिरमौर जिला निवासी यशपाल कपूर को एकता राष्ट्रीय यूथ अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया। एकता परिषद बनपुर और प्रोजेक्ट प्वाइंट उड़ीसा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इंटरनेशनल ट्राइबल फेस्टीवल के दौरान आयोजित सम्मान समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

एकता परिषद और प्रोजेक्ट प्वाइंट संस्था ने देश की विभिन्न क्षेत्रों में समाज सेवा व अन्य कार्यों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 25 लोगों को सम्मानित किया। इसमें हिमाचल के एकमात्र समाजसेवी यशपाल कपूर भी शामिल है। उन्हें यह पुरस्कार शांति और सद्भावना के लिए दिया जा रहा है।

कपूर पिछले एक दशक से हिमाचल प्रदेश में नेशनल यूथ प्रोजेक्ट (एनवाईपी) सहित दो दर्जन सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हैं। युवाओं को राष्ट्रीय एकता से जोडऩे की दिशा में लगातार कार्यरत रहते हैं। साथ ही स्कूलों व कॉलेज में एनएसएस छात्रों को समाजसेवा, राष्ट्रीय एकता के साथ मीडिया लिट्रेसी के बारे में भी समय-समय पर जागरूक करते हैं। स्वयं रक्तदान करते हैं और युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं।

वह अब तक 45 बार रक्तदान करते हैं। साल में दो बार वह आवश्य रक्तदान करते हैं। यशपाल कपूर का जन्म 5 अक्टूबर 1973 को सिरमौर जिला की पच्छाद तहसील के छोटे से गांव शामपुर में पिता सूबेदार जीत सिंह व माता विद्या देवी के घर हुआ। प्रारंभिक शिक्षा सीनियर सेकंडरी स्कूल गागल-शिकोर में हुई। सीनियर सेकंडरी स्कूल सराहां से जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण की।

उच्च शिक्षा के लिए डिग्री कॉलेज नाहन, हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी शिमला व भारतीय विद्या भवन मुंबई से ली है। यशपाल कपूर पिछले अढ़ाई दशक से लेखन व सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े रहे। कहानी, कविता के अलावा कई शोधात्मक लेख लिख चुके हैं। उनके लेख पत्र-पत्रिकाओं में छपते हैं।

उनकी लिखी एक कहानी हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की तीसरी कक्षा (हिन्दी) विषय में भी पढ़ाई जा चुकी है। देशभर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता शिविरों में हिमाचल प्रदेश के करीब एक हजार युवा उनके नेतृत्व में जा चुके हैं। यह युवा समाज में राष्ट्रीय एकता,शांति, सद्भावना व अपनी समृद्ध संस्कृति के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसे देखते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।