सक्षम ने राष्ट्रिय स्तर पर छोटी उम्र में जीता गोल्ड मैडल तो बुआ ने भी खेले है इतने नेशनल

HNN News/ नाहन

हिमाचल का नाम खेल जगत में राष्ट्रिय स्तर पर रोशन करने के लिए जिला सिरमौर का नाम एक ऐसे परिवार से जुड़ गया है जिसमे नन्हे सक्षम ने किक बॉक्सिंग में राष्ट्रिय स्तर पर गोल्ड मैडल हासिल किया है। तो सक्षम की बुआ ने भी बास्किट बॉल की चैंपियन है जिसने प्रदेश का राष्ट्रिय स्तर पर पंद्रह बार प्रतिनिधित्व किया है यहां हम यह भी बताना चाहेंगे कि इस परिवार को गायत्री देवी के परिवार से जाना जाता है।

गायत्री देवी को महिला शक्ति में हिम्मत व हौंसले की एक मिसाल माना जाता है। जिनके परिवार में बड़े दुखों का सैलाब भी रहा है। सक्षम के पिता व बुआ तब बहुत छोटे थे जब उनके पिता पेशे से निजी ट्रक चालक रहे है। उनके दादा का स्वर्गवास हो गया था। परिवार पर रोजी-रोटी का संकट था ऐसे में सक्षम की दादी अपने बेटे व बेटी को गोद में संभालते हुए दिल्ली गेट के समीप गायत्री फ़ास्ट फ़ूड के नाम से दूकान करते थे।

फ़ास्ट फ़ूड का तजुर्बा गायत्री देवी को अपने पति से मिला जब उन्होंने आरपी गेट नाहन के समीप गायत्री फ़ास्ट फ़ूड के नाम से दुकान शुरू की थी। पति के चले जाने के बाद जहां फ़ास्ट फ़ूड की दुनिया में गायत्री देवी यानि नन्हे सक्षम की दादी ने दूर-दूर तक नाम कमाया वहीं बच्चों ने भी पढ़ाई के साथ -साथ खेल जगत में इतिहास रच डाला।

अजय राजपूत के बेटे सक्षम ने 28 से 31 दिसंबर तक महाराष्ट्र के नासिक में खेले गए जूनियर किक बॉक्सिंग में राष्ट्रिय स्तर पर एक नहीं बल्कि दो गोल्ड मैडल हासिल कर सिरमौर सहित हिमाचल प्रदेश का नाम राष्ट्रिय स्तर पर रोशन कर दिया है बीते शनिवार को जब सक्षम गोल्ड मैडल लेकर नाहन पहुंचा तो गोरखा समूह ने उसका जोरदार स्वागत किया व विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने सक्षम को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।

सक्षम राजपूत एस वी एन स्कूल की चौथी कक्षा का छात्र है जोकि वाइट टाइगर मार्शल आर्ट अकादमी से प्रशिक्षण हासिल कर रहा है और आप जानकर हैरान होंगे कि दो गोल्ड एक सिल्वर मैडल जीत चूका है और बुआ को बास्किट बॉल की जादूगरनी कहा जाता है। कहते है कि सक्षम की बुआ ने जो भी गोल बिस्किट बॉल में दागा है कभी खाली नहीं गया सक्षम की बुआ इसमें प्रतिनिधित्व राष्ट्रिय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर चुकी है।

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