सब्जी बीज़ गुणन फार्म भट्टू बनेगा उत्कृष्ट प्रदर्शनी फॉर्म…

HNN News/ धर्मशाला

कृषि मंत्री डॉ राम लाल मारकंडा ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने तथा उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्प है। यह जानकारी उन्होंने सब्जी बीच गुणन फार्म भट्टू का निरीक्षण करते हुए दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कृषि तथा बागवानी में रसायनिक खादों तथा कीटनाशकों के बढ़ते प्रयोग से मुक्ति दिलाने के लिए शून्य लागत प्राकृतिक खेती पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसकी तकनीक बारे कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय-समय पर जानकारी उपलब्ध करवा कर उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है।

कृषि मंत्री ने बताया कि शून्य लागत खेती की तकनीक का परीक्षण करने के लिए कृषि विभाग द्वारा भट्टू फार्म में प्रयोग के तौर पर एक प्रदर्शन प्लाट लगाया गया है जिसमे गेहूं की बंसी किसान का बीज लगाया गया है जिसे प्राकृतिक खेती की तकनीक से उगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसमें रसायनिक खादों तथा कीटनाशकों का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं किया जाएगा I उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल पूर्णतः प्राकृतिक खेती के तरीके से बीजामृत व जीवामृत के उपयोग से उगाई जाएगी । इसके बाद बीज तैयार होने पर यह बीज अगले वर्ष किसानों को उनके खेतों में बिजाई के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा।

डॉ मारकंडा ने बताया कि शून्य लागत खेती को बढ़ावा देने के लिये इस बार गेहूं की बंशी किस्म का केवल 50 किलो बीज ही जिला कांगड़ा को उपलब्ध हुआ है और यह बीज भट्टू फार्म के 10 कनाल क्षेत्र में लगाया गया है । उन्होंने बताया कि गेहूं की इस फसल में कोई भी खाद नहीं डाली जाएगी इसलिए गेहूं के बीच में ऐसी फसल लगाई गई है जिसकी जड़ों से गेहूं की फसल को भी खाद मिलती रहे । इन बातों को ध्यान में रखते हुए गेहूं की चार पंक्तियां के बीच मे 2 पंक्तियां मटर बीज की लगाई गई हैं । इसके अतिरिक्त इस फॉर्म में प्रयोग के तौर पर चाइना सरसों की भी बिजाई की जाएगी।

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कृषि मंत्री ने बताया कि यह फार्म वर्ष 1962 से विद्यमान है परंतु अभी तक इस फॉर्म में सुविधाओं का अभाव है ।उन्होंने बताया कि इस फार्म को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि बाहर से आने वाले किसानों को भ्रमण करवाने के साथ-साथ प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा सके। कृषि मंत्री ने कहा इस फार्म में फसलें इस तरह से उगाई जाएं कि किसान उससे तकनीकों को सीख कर अधिक से अधिक फायदा उठा सकें और लाभ कमा सकें

उन्होंने किसानों से कीटनाशकों तथा उर्वरकों के अत्याधिक इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए उनसे जैविक खेती तथा जीरो बजट खेती को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके अपनाने से जहाँ कृषि पर लागत कम होगी वहीं उनकी आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।

इस मौके पर कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ एनके बधान, उप कृषि निदेशक डॉ एनके धीमान, जिला कृषि अधिकारी डॉ कुलदीप धीमान, विषय वाद विशेषज्ञ डॉ शशि पाल अत्री, जाइका के विषय वाद विशेषज्ञ डॉ नवनीत सूद, भट्टू फॉर्म के प्रभारी डॉ शशिकांत शर्मा व अन्य कृषि विकास अधिकारी उपस्थित थे।

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