सरकार की आंखों में धूल झोंक कर फल फूल रहा है फ्लैट का धंधा

फ्लैट वाली जमीन का नहीं है खरीदार को मालिकाना हक

HNN/ नाहन

जिला सिरमौर के नाहन क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर फ्लैट कारोबारियों का धंधा जमकर फल फूल रहा है। मुजरियत एंव भू- सुधार अधिनियम की धारा 118 की यह प्रमोटर्स बड़े अच्छे तरीके से सर्जरी भी कर रहे हैं। प्रदेश को छोड़कर देश के सभी राज्यों में माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद जिस जमीन पर फ्लैट बना होता है उस जमीन का सभी फ्लैट ओनर्स का मालिकाना हक भी होता है। मगर हिमाचल प्रदेश में ऐसा नहीं है। यहां अगर किसी भी आपदा में फ्लैट अगर गिर जाते हैं तो यह जमीन मालिक की मर्जी है कि वहां दोबारा से फ्लैट बनाई जाए या नहीं।

यानी जिसने 50-70 लाख रुपए में फ्लैट खरीदा है वह सड़क पर होगा। नाहन में तो रियल स्टेट व्यवसाय में उतरे हुए व्यवसायियों के द्वारा खरीदारों के साथ पारदर्शिता भी नहीं बरती जाती है। जबकि प्रदेश सरकार चाहती है कि रियल स्टेट व्यवसाय में संपत्ति के खरीदारों को परियोजना की पूरी जानकारी दी जाए। नाहन के यशवंत विहार में प्लॉट खरीदारों के साथ प्रमोटर के द्वारा शुरू में ही बड़ा छल किया गया था। प्रमोटर ने जहां जहां एनजीटी की रूलिंग के अनुसार ग्रीनपैच छोड़ने थे उन सभी जगह फ्लैट बना दिए गए हैं। गैराज सहित बनाए गए 4 मंजिल के फ्लैट में लिफ्ट का प्रोविजन ही नहीं रखा गया है।

शहर में रियल स्टेट के व्यवसाय में उतरे व्यवसायियों ने प्लाट बेचने की जगह अब फ्लैट बनाने का धंधा पकड़ लिया है। अब यहां यह भी जांच का विषय है कि जिन कथित रियल स्टेट व्यवसाई अथवा प्रमोटर्स के द्वारा फ्लैट बनाए जा रहे हैं क्या उनका रजिस्ट्रेशन हुआ है या नहीं। जांच का विषय यह भी है कि फ्लैट कंप्लीट हो जाने के बाद कितने नक्शे पास किए गए। या फिर अधूरे निर्माण में ही नक्शे पास करवा दिए गए। जानकारी तो यह भी है कि कुछ फ्लैट व्यवसाई बेनामी संपत्तियों में भी सलिप्त है।

हैरानी की बात तो यह भी है कि जहां भी फ्लैट बनाए जा रहे हैं उच्च निर्माण स्थल पर प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी भी नहीं दी गई है। जबकि नियमानुसार प्रोजेक्ट स्थान पर बाकायदा पूरी जानकारी के साथ बोर्ड लगाया जाता है। शहर के प्रबुद्ध बुद्धिजीवी वर्गों के द्वारा सरकार से नाहन क्षेत्र में फ्लैट व्यवसाय में उतरे कथित कारोबारियों की जांच किए जाने की मांग भी रखी गई है। बताना यह भी जरूरी है कि यह क्षेत्र जोन 5 में आता है।

जहां पर निर्माण संबंधी नियम भी भूकंप प्रतिरोधक क्षमता के अनुसार रखे जाते हैं। जानकारी तो यह भी है कि जितने भी नाहन में फ्लैट अथवा बहुमंजिला भवन बनाए जा रहे हैं उन्हें किसी के पास भी फायर की एनओसी भी नहीं है।

उधर, नाहन नगर परिषद के नए कार्यकारी अधिकारी संजय तोमर का कहना है कि जितने भी फ्लैट और बहुमंजिला भवन के निर्माण हो रहे हैं उनकी जांच की जाएगी। कहीं भी अगर नियमों की अनदेखी पाई जाएगी उनको एनओसी जारी नहीं की जाएगी।

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