सुखराम, बिंदल से बेस्ट परफॉर्मर रही रीना कश्यप

ना रही प्रदेश अध्यक्ष ना रही मंत्री और ना ही रही विधानसभा अध्यक्ष पहली बार बनी विधायक और सरकार की रख ली लाज

HNN News राजगढ़ नाहन

जिला सिरमौर नगर निकाय के चुनावों में एक और जहां ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी अपने कद के अनुरूप पांवटा साहिब नगर परिषद के चुनाव में बैड परफॉर्मर रहे हैं तो वही नाहन में विधानसभा अध्यक्ष के साथ-साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रहे तेजतर्रार कहलाए जाने वाले डॉ राजीव बिंदल भी एक सीट घाटे में रहे हैं।

जबकि पच्छाद उपचुनाव में पहली बार जीत कर आई साधारण सी महिला रीना कश्यप ने स्पष्ट बहुमत के साथ नगर पंचायत पर भाजपा का कब्जा किया है। यही नहीं अपनी जीत के कुछ दिनों बाद ही राजगढ़ नगर पंचायत पर से कांग्रेस का कब्जा हटाने में भी कामयाब रही थी। राजगढ़ क्षेत्र कांग्रेस का मजबूत दुर्ग रहा है ऐसे में जिस प्रकार तमाम कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के साथ सामंजस्य बिठाते हुए रीना कश्यप आगे बढ़ रही हैं उसको लेकर पंचायत चुनाव में भी गुड परफॉर्मेंस की उम्मीद ज्यादा नजर आ रही है।

अब यदि बात की जाए नाहन नगर परिषद के चुनाव की तो 13 के 13 वार्डों में डॉक्टर बिंदल प्रचार के दौरान फ्रंट फुट पर थे। यही नहीं जिस प्रकार नहान में किए गए विकास कार्यों का गुणगान भी किया गया था उसको लेकर नाहन में भाजपा के द्वारा 13 के 13 वार्डों पर कब्जा करने का दावा किया था। हालांकि नगर परिषद पर भाजपा ने कब्जा तो कर लिया है मगर इसको गुड परफॉर्मेंस नहीं कहा जा सकता। क्योंकि पहले भाजपा के 9 पार्षद थे और अब एक सीट घाटे में आई है। जबकि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और नाहन में प्रदेश अध्यक्ष रहे डॉ राजीव बिंदल विधायक भी है। इसके साथ साथ चाहे नगर निकाय के चुनाव हो या होने वाले पंचायत व जिला परिषद के चुनाव हर जगह भाजपा की फूट प्रखर हो रही है।

दमदार कद्दावर नेता के नेतृत्व के बावजूद अपने ही भाजपाई समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ नाराज मैदान में आजाद उम्मीदवार के तौर पर उतरे हुए हैं। अब इसके 2 मायने भी निकलते हैं या तो डॉक्टर बिंदल को 2022 से पहले पहले पूरी तरह से डैमेज किए जाने का खेल खेला जा रहा है या फिर अपने विधानसभा क्षेत्र में संगठन पर विधायक की पकड़ कमजोर हो रही है।

उधर पांवटा साहिब में नगर निकाय के चुनाव के बाद संगठन में एक बड़ी दरार पैदा होनी शुरू हो चुकी है जिसका असर पंचायत चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। और यह संकेत पोंटा साहिब के विधायक व मंत्री सुखराम चौधरी के लिए अच्छा नहीं माना जा सकता है। भाजपा के दो बड़े चेहरों का हार जाने के बाद हारे हुए पार्टी समर्थित प्रत्याशी को संभवत यह भी जानकारी मिल गई है की आजाद उम्मीदवार को कहीं ना कहीं बिग बॉस का समर्थन मिला हुआ था।

अब वही रामपुर भारापुर जिला परिषद सीट पर भाजपा समर्थित मनीष चौहान मैदान में है तो उसके सामने बतौर आजाद उम्मीदवार भाजपा के ही वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे लाल सिंह उतर आए हैं। जानकारी तो यह भी है कि लाल सिंह को पौंटा साहिब से सपोर्ट मिल रहा है।

जाहिर है नहान और पांवटा साहिब की आपसी दखलअंदाजी कहीं ना कहीं संगठन को कमजोर करती नजर आ रही है। नहान विधानसभा क्षेत्र के अंदर पंचायत प्रधानों में भी जो घमासान मचा हुआ है उसमें एक ही पार्टी के लोग आमने-सामने आ गए हैं।

बरहाल फूट व आपसी लड़ाई की स्थिति रीना कश्यप के विधानसभा क्षेत्र में भी है मगर जो जानकारी मिली है उसमें यह भी सामने आया है कि अधिकतर नाराज उम्मीदवारों को मनाने में रीना कश्यप काफी कामयाबी हो रही है। इसके पीछे संभवत रीना कश्यप के सर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप सहित जयराम ठाकुर का हाथ भी सहयोग कर रहा है। जबकि नहान के विधायक डॉ राजीव बिंदल लगातार उप प्रधान प्रधान बीडीसी व जिला परिषद के तमाम पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के लिए डोर टू डोर प्रचार में भी डटे हुए हैं। मगर ऐसे में डॉक्टर बिंदल के वे तमाम प्रयास कमजोर भी पड़ते नजर आए आ रहे हैं जहां-जहां पार्टी के ही एंटी बिंदल सक्रिय हो रहे हैं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि पंचायत चुनाव में जो घमासान अब मचा हुआ है यह 2022 के लिए शुभ संकेत नहीं है।

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