सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश 25 साल पहले सड़क हादसे का शिकार हुए परिवार को एक करोड़ का मुआवजा

HNN News/ नई दिल्ली

25 वर्ष पूर्व हुई एक सड़क दुर्घटना में तबाह हुए एक इंजीनियर के परिवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। उस दुर्घटना में जहां पति-पत्नी व एक बच्चे आजीवन दिव्यांग हो गए जबकि एक बच्चे की मौत हो गई थी।

पीठ ने सुप्रीम कोर्ट केहालिया आदेश का हवाला देते हुए कहा कि मुआवजे की रकम तय करते वक्त पीड़ित के भविष्य की संभावना पर विचार किया जाना चाहिए। लिहाजा पीठ ने मुआवजे की रकम 96 लाख कर दी। वहीं शशि के बेटा पुनीत(दुर्घटना के वक्त उम्र आठ वर्ष) इस दुर्घटना में 40 फीसदी दिव्यांग हो गया और उसकेनिजी अंगों को भी चोटें आई थी।

वर्ष 1993 में अजमेर में हुए इस सड़क दुर्घटना में 33 वर्षीय इंजीनियर शशिकांत बगरिचा 100 फीसदी दिव्यांग हो गया था और वह सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हो गया। मोटर वाहन दुर्घटना पंचाट ने पीड़ित परिवार को महज छह लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया था।

हाईकोर्ट द्वारा तय की गई मुआवजे की रकम अपर्याप्त और अनुचित है। पीठ ने पीड़ित परिवार पर होने वाले चिकित्सकीय खर्च, फिजियोथैरेपी, चिकित्सकीय अटेंडेंट के वेतन सहित अन्य खर्चों पर भी गौर किया।

पंचाट में पुनीत के लिए महज 1.02 लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया था लेकिन हाईकोर्ट ने यह रकम बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट पुनीत के हर्जाने की रकम को बढ़ाकर 10.8 लाख रुपये कर दी है। वहीं पत्नी और मृतक बेटे को मिले मुआवजे के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने सही करार दिया।

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