सोलन व्यापार मंडल पर भाजपाइयों के सहयोग से अब होगा कांग्रेस का कब्जा

पूर्व मंत्री खेल रहे हैं खेल और मोहरा बन रहे हैं हारे हुए प्रत्याशी ,संगठन की प्रतिष्ठा दांव पर, भाजपा हाईकमान चुप

HNN News सोलन

बदले की भावना से कार्य कर रहे सोलन भाजपा के प्रमुख नेता कांग्रेस के नेताओं के द्वारा खेले जा रहे हैं खेल में फसते नजर आ रहे हैं। पूर्व मंत्री बनाम बिंदल के इस खेल में व्यापार मंडल को ढाल बनाकर एक बड़ा खेल भी खेला जा रहा है।
जो जानकारी हमारे हाथ लगी है उसके अनुसार राजगढ़ रोड पर स्थित एक होटल में एक ऐसे बड़े व्यापारी के साथ असंवैधानिक तरीके से व्यापार मंडल गठन किए जाने की कवायद चलाई जा रही है।
हालांकि संवैधानिक व्यापार मंडल के अध्यक्ष के बड़े भाई यह पहले से ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह किसी व्यक्ति विशेष के साथ नहीं बल्कि संगठन के प्रति निष्ठावान हैं। हैरानी तो इस बात की है कि अपनी हार का ठीकरा उन निष्ठावान भाजपा कार्यकर्ताओं के सर फोड़ा जा रहा है जिन्होंने विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें टिकट दिए जाने पर अपना समर्थन भी दिया था। मगर वह प्रमुख भाजपा नेता यह नहीं समझ पा रहे हैं कि इस पूरे प्रकरण के पीछे व्यक्तिगत चुनावी रंजिश चल रही है। सोलन में इस दूसरे गुट ने एक बार नहीं बल्कि कई बार भाजपा संगठन की सोलन में किरकिरी की है।
फिर चाहे वह नगर परिषद के अध्यक्ष रह चुके हैं पवन गुप्ता को अविश्वास प्रस्ताव लाकर सीट से हटाने की बात रही हो या फिर अब बैंक के अध्यक्ष को हटाए जाने की बात हो।
बड़ी बात तो यह है कि जिन व्यक्तियों को साथ में लेकर भाजपा के कथित नेता व्यापार मंडल को ध्वस्त कर अपना वर्चस्व कायम करना चाह रहे हैं उनमें वीरेंद्र सूद भाजपा सुरेंद्र बहल कांग्रेस कृष्ण ग्रोवर कांग्रेस अंकुर अरोड़ा कांग्रेस सजीव मोहन bjp से जुड़े हुए लोग हैं।
और हैरानी इस बात की है कि इस व्यापार मंडल के खेल में अपने आपको स्वयंभू व्यापार मंडल का अध्यक्ष घोषित करने वाले प्रशासन की आंखों में भी धूल झोंक चुके हैं। स्वयंभू बनाए गए व्यापार मंडल में पदाधिकारियों की सूची के साथ प्रशासन को पत्र भी सौंपा गया। यहां इस सारे खेल के पीछे वह पत्र शामिल है जिसमें सोसायटी एक्ट का हवाला देकर व्यापार मंडल के कार्यकाल को जनरल हाउस बुलाकर 5 साल से 3 साल का करने का सुझाव दिया गया था। जबकि इस पत्र में ऐसा कुछ नहीं लिखा गया था की सोलन व्यापार मंडल को डिजॉल्व कर दिया गया है। अब यदि संविधान की बात करें तो ना तो इसके लिए सोलन व्यापार मंडल का जनरल हाउस हुआ और ना ही नियमों में कोई संशोधन। ऐसे में कुछ मुट्ठी भर लोगों के साथ व्यापार मंडल पर कब्जा करने की नाकाम कोशिश की गई है।
यहां यह भी बताना जरूरी है कि मौजूदा चल रहे संवैधानिक व्यापार मंडल ने एक वास्तविक कोरोनावरियर्स बनकर ना केवल सरकार व प्रशासन की प्रतिष्ठा को बढ़ाया बल्कि लॉकडाउन में व्यापारियों के लिए कंधे से कंधा मिला कर खड़ा रहा।
बता दें कि एक ऐसे व्यक्ति को भाजपा के प्रमुख दिग्गज नेता जिन्हें में हारे हुए नेता भी कह सकते हैं समर्थन दे रहे हैं जिन्होंने कभी भाजपा सरकार पर तो उंगली उठाई ही थी और भाजपा के दिग्गज नेता पर एक बड़े घोटाले का आरोप भी लगाया था। ऐसे में साफ तौर पर कहा जा सकता है किस संगठन के नियमों को ताक पर रखकर व्यापार मंडल की आड़ में कॉन्ग्रेस अपना खेल खेलने में लगभग कामयाब हो चुकी है। अब देखना यह होगा कि इस कथित व्यापार मंडल के द्वारा रचे जा रहे असंवैधानिक खेल पर प्रशासन कब लगाम खींचता है।

यहां यह भी बताना जरूरी है कि विनय शर्मा कांग्रेस,परवीन गुप्ता कांग्रेस
पंकज वर्मा भाजपा कि एक नेत्री के बहुत करीबी है । नगर परिषद के खेले गऐ खेल मे भी इस महिला नेत्री का बहुत अहम रोल रहा था।
जबकी खुद बने प्रधान जेठी और हर्ष सहगल इस टीम का नेतृत्व करने मे अहम भूमिका निभा रहे है।

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