स्कूलों की समय सारिणी बदलने को लेकर उपनिदेशकों ने नहीं दिए सुझाव


HNN News/ऊना  

शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षा उपनिदेशकों को निर्देश जारी कर समय सारिणी बदलने को लेकर फीडबैक मांगा था। प्रदेश में एक को छोड़कर किसी ने भी इसकी रिपोर्ट नहीं भेजी है।

ठंड में स्कूलों की समय सारिणी बदलने को लेकर फैसला न होने के कारण बच्चे ठिठुरने को मजबूर हैं। इसके कारण बच्चों को सुबह कड़ाके की ठंड में स्कूल जाना पड़ रहा है। इन दिनों घनी धुंध और कोहरे के चलते जिला ऊना में न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। इससे सुबह कोहरे की ठंड में स्कूल जाने वाले नन्हे विद्यार्थियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

उपनिदेशकों को अपने क्षेत्र के अध्यापकों और अभिभावकों सेे स्कूल समयसारिणी बदलने के लिए सुझाव लेकर निदेशालय को सौंपने थे। लेकिन उपनिदेशकों की ओर से सुझाव रिपोर्ट न मिलने से निदेशालय की समय सारिणी बदलाव की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। इसका खामियाजा स्कूल के नौनिहालाें को झेलना पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार ठंड के स्तर में और बढ़ोतरी होगी। न्यूनतम तापमान माइनस में भी जा सकता है। शिक्षा निदेशालय ने 5 सितंबर को सरकारी स्कूलों की समयसारिणी में बदलाव के लिए प्रदेश के सभी शिक्षा उपनिदेशकों को निर्देश जारी किए थे।


समय सारिणी बदलने पर हो रहा विचार :

डॉ अमरजीतइस अधिसूचना के तहत प्रदेश के स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों को बरसात के दिनों में करने और सर्दियों में स्कूल समयसारिणी सुबह 10 बजे खोलने और शाम 4 बजे बंद करने का प्रस्ताव था। इस वर्ष बरसात के कारण विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।


इसके चलते निदेशालय ने विद्यार्थियों को कोहरे और घनी धुंध की ठंड के प्रकोप से बचाने के लिए सितंबर में सरकारी स्कूलों की समय सारिणी में बदलाव की योजना बनाई थी। उच्चतर शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूलों की समय सारिणी में बदलाव को लेकर सभी उपनिदेशकों से मांगी गई


सुझाव रिपोर्ट संतोषजनक न मिलने से थोड़ी दिक्कत आई है। निदेशालय की ओर से इस पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। जल्द ही समय सारिणी को बदलने के लिए निर्णय लिया जाएगा।

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