सड़कों के निर्माण कार्यों में सरकारी अधिकारियों द्वारा लगाया जा रहा चूना

HNN News/ शिमला

हिमाचल में सड़क प्रोजेक्टों के निर्माण में लोक निर्माण विभाग के कुछ अधिकारी सरकार को चूना लगा रहे हैं। वे सक्षम अधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बिना ठेकेदारों को डेविएशन की अनुमति दे रहे हैं। इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। विभाग के इंजीनियर इन चीफ ने ऐसे मामलों का कड़ा नोटिस लिया है। उन्होंने इसे 27 अक्टूबर 2004 को जारी स्टेंडिग ऑर्डर का उल्लंघन करार दिया है। यह आदेश राज्य सरकार ने जारी किए थे।

अधिकारी आदेश का पालन करने की बजाय इसका उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों को चेताया गया है। उन्हें कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। जहां आदेश का ज्यादा उल्लंघन हुआ है, वहां दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस संबंध में सभी चीफ इंजीनियरों व एसई को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसकी प्रतिलिपि प्रधान सचिव लोक निर्माण, ईएनसी प्रोजेक्ट समेत सभी एक्सईएन को भेजी गई है।

इसमें कहा गया है कि विभाग के फील्ड ऑफिसर सड़कों के निर्माण में डेविएशन के मामले स्वीकृति के लिए भेज रहे हैं। इससे सरकार के खजाने पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा है। कई अधिकारी ठेकेदारों को डेविएशन की अनुमति भी दे रहे हैं जबकि अतिरिक्त बजट की उपलब्धता सुनिश्चत नहीं की गई है। निर्देशों के अनुसार एक्सईएन का दायित्व है कि वे ऐसे कार्यो की सक्षम अधिकारी से स्वीकृति लें अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

वे वित्तीय देनदारियां सृजित कर रहे हैं। सेंट्रल रोड फंड, नेशनल हाईवे, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना व हुडको से निर्मित होने वाली सड़कों की DPR फंडिग एजेंसी से स्वीकृत करवानी होती है। बिना स्वीकृति के अतिरिक्त खर्च गैरकानूनी है। ऐसी स्थिति अगर नियमों का उल्लंघन हुई तो सरकार को फंड से हाथ धोने पड़ सकते हैं। इसके बावजूद एक्सईएन प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशों व नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। अगर ये अधिकारी अब भी नहीं सुधरे तो उन पर कार्रवाई हो सकती है।