हामिद की जुबानी पाकिस्तान के टॉर्चर की कहानी।

आज भी याद है सर्दी की वो भयावह रात : हामिद अंसारी

हामिद अपने साथ धोखा करने वालों को आज भी माफ करने की बात कहते हैं। हामिद आज भी उस लड़की के लिए यही कहते हैं कि वह जहां भी रहे खुश रहे। जासूसी के आरोप में 6 साल पाकिस्तान की जेल में कैद रहकर भारत लौटे सॉफ्टवेयर इंजीनियर हामिद निहाल अंसारी ने पाकिस्तान में अपने साथ हुई निर्दयता के बारे में बताते हुए दर्द साझा किया।

उन्होंने अपने वतन लौटने पर भी यही कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कुछ करना उनका मकसद नहीं था। हामिद ने बताया कि उसे कैद करने के दौरान ऐसी जगह रखा गया था जहां से दिन या रात तक का पता नहीं चलता था। हामिद ने कहा मैं जमीन के 15 फुट नीचे तहखाने में पड़ा रहता था ना ठीक से खाना दिया जाता था और ना ही कोई अन्य सुविधा मिलती थी।

पाकिस्तान के अफसर आते और पूछताछ के लिए ले जाते सर्दी की वो रात मुझे आज भी याद है। पूरा सप्ताह मुझे बिना सोए आंखों पर पट्टी बांधकर पैरों पर खड़े रहने को कहा गया जरा भी हिलता को पिटाई होती। हामिद ने बताया कि पाकिस्तान के अफसर भी जानते थे कि वो बेगुनाह है। वे कहते थे कि तुम एक पका-पकाया फल हो जो हमारे हाथ आ गया है। हमें ज्ञात है कि तुमने कोई गुनाह नहीं किया। लेकिन तुम एक हिंदुस्तानी हो इसी कारण तुम यहां हो।

भारत लौटने और अपने परिवार वालों को 6 साल बाद देखने के बारे में बात करते हुए हामिद नम आंखों से कहते हैं। जब मैं अटारी-वाघा बॉर्डर के उस पार पाकिस्तान में था तब हर बीतते पल के साथ मेरी धड़कनें तेज हो रही थीं।

सीमा के इस पार मुझे मेरी मां, पापा और मेरा भाई दिखे। 6 साल बाद उन्हें मैंने देखा मैं इस मंजर को शब्दों में बयां नहीं कर सकता जब सीमा पार कर भारत आया तो सुकून मिला। मेरे जीवन का वह काला अध्याय मैं कभी नहीं भूल सकता। अंत में हामिद ने कहा कि मुझे आगे बढ़ना है अपने माता-पिता व भाई के लिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *