हिमाचल के बद्दी काला आम और पांवटा साहिब में नहीं लग सकेंगे नए उद्योग NGT ने किया बैन

इन क्षेत्रों में पोलूशन के लेवल हुआ पार ,एनजीटी हुआ सख्त रेड व ऑरेंज कैटेगरी के ना लगेंगे उधोग ना ही पुरानो को मिलेगी एक्सपेंशन, बचाव के लिए सरकार का यह है फैसला ….

HN News नाहन/ शिमला

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने हिमाचल प्रदेश के तीन प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में रेडवा ऑरेंज कैटागिरी के नए उद्योगों को लगाए जाने पर पाबंदी लगा दी है। यही नहीं एनजीटी ने पुराने उद्योगों की एक्सपेंशन पर भी सख्ती दिखाते हुए रोक लगा दी है।

एनजीटी के इन आदेशों के बाद सरकार सहित प्रदेश के सभी उद्योगपतियों में हड़कंप मच गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ऐसा आदेश इन क्षेत्रों में पॉल्यूशन लेवल खतरे के निशान से पार किए जाने को लेकर दिया है।

एनजीटी की इस सख्ती के बाद प्रदेश के इन उद्योग क्षेत्रों में सरकार के उद्योग विस्तार की नीति को भी बड़ा झटका लगा है। हालांकि हाल ही में हुई इन्वेस्टर मीट में जिन उद्योगों ने प्रदेश में बड़ी इन्वेस्टमेंट करने की इच्छा जताई है वह सब रेड व ऑरेंज कैटागिरी से बाहर है।

अब यहां यह भी बताना जरूरी है कि इस समस्या का समाधान भी हो सकता है बशर्ते प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को सख्ती दिखानी पड़ेगी। क्योंकि इस पोलूशन के स्तर को पार करने के लिए भी इंडस्ट्री ही जिम्मेवार है।

बड़ी बात तो यह है कि प्रदेश सरकार अन्य राज्यों की वनस्पति तमाम पैरामीटर्स को इंडस्ट्री लगाने से पहले ही पूरा कर लेती है। यानी पोलूशन कंट्रोल बोर्ड से बाकायदा परमिशन ली जाती है। मगर यहां सबसे बड़ा चिंता का विषय यह है कि ऐसे कथित रेड व ऑरेंज कैटागिरी के साथ साथ अन्य उद्योग भी बिजली बचाने के चक्कर में लगाए गए ईटीपी प्लांट रात को बंद कर देती है।

ऐसे में इन उद्योग क्षेत्रों का पॉल्यूशन खतरे के लेवल को पार कर चुका है। सेंट्रल पॉल्यूशन बोर्ड के द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के द्वारा यह कड़ा कदम उठाया गया है।

वही प्रदेश सरकार इस पोलूशन लेवल को खतरे के स्तर से नीचे लाने के लिए जहां अब सख्त रवैया अपनाए गी वही एनजीटी में रिव्यू पिटिशन के साथ साथ केंद्रीय पॉल्यूशन बोर्ड को री वैल्युएट करने के लिए भी कहेगी। अगर फिर भी बात नहीं बनती है तो सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती है।

कौन-कौन से उद्योग है रेड व ऑरेंज कैटेगरी में

इस्पात उद्योग, फर्निश यूनिट्स, एल्युमीनियम वर्क, पेपर मिल, स्टील प्लांट आदि तथा ऑरेंज कैटागिरी में फार्मा उद्योगों को रखा गया है।

उधर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के एक्सईएन एके शारदा मैं एनजीटी के आदेशों की पुष्टि की है।

उधर मेंबर सेक्ट्री हिमाचल प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड आदित्य नेगी ने बताया कि सरकार पर्यावरण के संरक्षण को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। इन उद्योगी क्षेत्रों में ट्रीटमेंट प्लांट लगे हैं अब यह चलाए जाते हैं या नहीं इस पर पोलूशन कंट्रोल बोर्ड अब सख्ती के साथ उतरेगा।

उन्होंने कहा कि जिन नए उद्योगों ने इंडस्ट्री के लिए आवेदन किया है वे अपने उद्योग लगा सकते हैं। सरकार के द्वारा उन पर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। मगर उन्हें पॉल्यूशन से संबंधित सभी पैरामीटर्स फॉलो करने पड़ेंगे।

आदित्य नेगी ने कहा कि वह एनजीटी में एक रिव्यू पिटिशन डालेंगे तथा केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को री वैल्युएट करने के लिए भी कहेंगे। बावजूद इसके सरकार सुप्रीम कोर्ट भी जा सकती है। प्रदेश में नए उद्योगों का स्वागत है।