जिला स्तरीय वन महोत्सव में मंत्री राजेश धर्मानी ने पर्यावरण और पशुपालन को जोड़ते हुए नई सोच के साथ ‘एक बूटा मां के नाम’ थीम के तहत किया पौधरोपण।
घुमारवीं
औषधीय और फलदार पौधों से भरा वन महोत्सव, पर्यावरण और भावनात्मक जुड़ाव की अनूठी पहल
कोठी पंचायत में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव के अवसर पर नगर नियोजन व तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने ‘एक बूटा मां के नाम’ थीम के अंतर्गत हरड़, आंवला, बेहड़ा, जामुन, बटवृक्ष व दाडू जैसे बहुउपयोगी पौधों का रोपण किया। उन्होंने कहा कि यह केवल पौधरोपण नहीं बल्कि प्रकृति से जुड़ाव और मां के प्रति सम्मान प्रकट करने का प्रतीक है।
पशु स्वास्थ्य के लिए 250 किसानों को वितरित की गईं निःशुल्क किट
वन महोत्सव कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग द्वारा 250 से अधिक किसानों को निःशुल्क पशु स्वास्थ्य किट वितरित की गईं। इन किटों में मिनरल मिक्सचर, पेट के कीड़ों की दवाई और आयरन गोलियां शामिल थीं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं की देखभाल में उपयोगी सिद्ध होंगी।
सरकार की प्राथमिकता: पशुधन की सेहत और किसानों की आय में बढ़ोतरी
मंत्री धर्मानी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और पशुपालन को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। निःशुल्क पशु स्वास्थ्य शिविर, दवा वितरण, और पोषण संबंधी सहायता इसके उदाहरण हैं।
स्थानीय सहभागिता से बना जन-जन का अभियान
इस वन महोत्सव कार्यक्रम में वन विभाग, पंचायत प्रतिनिधि, किसान, महिला मंडल और युवक मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण की रक्षा और समाजिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

