डीसी और एमसी कमिश्नर ने 6 किमी पैदल चलकर किया निरीक्षण, जल संकट से मिलेगी राहत
धर्मशाला : धर्मशाला शहर की पुरानी कूहलें एक बार फिर तरोताजा होंगी। जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त रूप से इनका जीर्णोद्धार करने की योजना बनाई है। इस पहल के तहत पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर शहर को जल संकट से राहत दिलाने और पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति तैयार की जा रही है।
पुरानी कूहलों के पुनरुद्धार की दिशा में बड़ा कदम
बुधवार को उपायुक्त हेमराज बैरवा और नगर निगम के आयुक्त जफर इकबाल ने गमरू से लेकर धर्मशाला तक पुरानी कूहलों की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि वर्षों से उपेक्षित पड़ी ये कूहलें अब भी उपयोग में लाई जा सकती हैं। प्रशासन ने इनकी मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इन मार्गों पर फैली हैं पुरानी कूहलें
रिकॉर्ड के अनुसार, गमरू से शुरू होकर कोतवाली बाजार, परिधि गृह, शाम नगर, राम नगर और पुलिस थाना से लेकर जेल तक कूहलों का प्राचीन नेटवर्क मौजूद है। प्रशासन की योजना है कि इन सभी कूहलों को व्यवस्थित किया जाए, ताकि शहर में जल आपूर्ति को बेहतर बनाया जा सके और शहर की प्राकृतिक सुंदरता को भी बढ़ावा दिया जा सके।
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगी कूहलें
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि इन जल धाराओं के संरक्षण से न केवल शहर को जल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि ये पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि कूहलों के आसपास सौंदर्यीकरण के लिए विशेष योजना तैयार की जाए ताकि स्थानीय लोग और पर्यटक इन स्थानों पर बैठकर धर्मशाला की खूबसूरती का आनंद उठा सकें।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान, उपायुक्त और नगर निगम आयुक्त ने गमरू में स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर की जल आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट और कूहलों के पुनरुद्धार को प्राथमिकता दी जाए।
पुरानी कूहलों के निरीक्षण के लिए 6 किमी पैदल चले अधिकारी
इस परियोजना को प्रभावी बनाने के लिए उपायुक्त हेमराज बैरवा और नगर निगम के आयुक्त जफर इकबाल ने राजस्व विभाग के तहसीलदार और पटवारियों के साथ मिलकर 6 किमी पैदल यात्रा की। इस दौरान उन्होंने गमरू ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर मिट्ठा नाला, कोतवाली और परिधि गृह तक कूहलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को जल्द से जल्द जीर्णोद्धार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

