देशभर के 50 संस्थानों में आईआईआईटी ऊना का चयन
शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (एमआईसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने नवाचार और उद्यमिता पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) आयोजित करने के लिए देशभर से 50 प्रतिष्ठित संस्थानों का चयन किया है। इस सूची में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना को भी स्थान मिला है।
प्रस्तावना और स्वीकृति
इस पहल का प्रस्ताव आईआईआईटी ऊना के एसोसिएट फैकल्टी सदस्य डिव्यांश ठाकुर और सहायक प्रोफेसर डॉ. शिवदत्त शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया। उनके प्रयासों के फलस्वरूप, शिक्षा मंत्रालय ने इस कार्यक्रम के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह पहल फैकल्टी सदस्यों को नवप्रवर्तकों और युवा उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन देने के लिए सक्षम बनाने पर केंद्रित है।
संस्थान की प्रतिबद्धता और लाभ
आईआईआईटी ऊना के निदेशक मनीष गौर ने इस उपलब्धि को संस्थान में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह एफडीपी न केवल छात्रों के विचारों को प्रभावी उद्यमों में बदलने में सहायक होगी, बल्कि भारत के बढ़ते उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र में भी योगदान देगी।
हिमाचल प्रदेश का एकमात्र चयनित संस्थान
आईआईआईटी ऊना हिमाचल प्रदेश का एकमात्र संस्थान है जिसे इस प्रतिष्ठित एफडीपी के आयोजन के लिए चुना गया है। निदेशक मनीष गौर ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल फैकल्टी सदस्यों के कौशल को उन्नत किया जाएगा, बल्कि वे अगली पीढ़ी के नवप्रवर्तकों और उद्यमियों को प्रशिक्षित करने में भी सक्षम होंगे। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और एआईसीटीई के प्रति आभार व्यक्त किया और इस पहल को सफल बनाने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई।
एफडीपी की तैयारी और भविष्य की योजनाएं
एफडीपी सत्रों की तैयारी जोरों पर है और आईआईआईटी ऊना इसे एक परिवर्तनकारी शिक्षण अनुभव बनाने के लिए तैयार है। यह संस्थान नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय एजेंडे में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ शैक्षणिक उत्कृष्टता और तकनीकी प्रगति का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

