बघाट बैंक लोन रिकवरी मामले में पहली गिरफ्तारी, आरोपी पर 2.10 करोड़ की देनदारी

बघाट अर्बन कोऑपरेटिव बैंक सोलन के लोन रिकवरी मामले में पुलिस ने गुरुवार को पहली गिरफ्तारी की है। आरोपी ने बैंक का करीब 2.10 करोड़ रुपये ब्याज सहित लौटाना है। बैंक ने उसे डिफॉल्टर घोषित किया था।

सोलन।

डिफॉल्टर खेम लाल गिरफ्तार, कोर्ट में दिया 10 लाख का चेक
एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि सपरून निवासी खेम लाल ने बघाट बैंक सोलन से व्यावसायिक ऋण लिया था लेकिन समय पर चुकाने में विफल रहा। अदालत से दो नोटिस के बावजूद पेश न होने पर उसकी गिरफ्तारी वारंट जारी हुई। पुलिस ने उसे सपरून चौकी की टीम के माध्यम से गिरफ्तार किया। आरोपी ने कोर्ट में 10 लाख रुपये का चेक सौंपा और तीन महीने में पूरी राशि अदा करने की लिखित हामी भरी। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।

499 ऋण डिफॉल्टरों के कारण बैंक पर आरबीआई की कैपिंग
499 लोन डिफॉल्टरों की वजह से आरबीआई ने बघाट अर्बन कोऑपरेटिव बैंक पर कैपिंग लगा दी थी। अब बैंक से 10,000 रुपये से अधिक की निकासी पर रोक है। बैंक का लगभग ₹138 करोड़ एनपीए में फंसा हुआ है, जिसमें से ₹72 करोड़ केवल 50 बड़े डिफॉल्टरों के पास हैं।

शेयर होल्डरों के दबाव के बाद शुरू हुई कार्रवाई
आरबीआई की कार्रवाई के बाद शेयर होल्डर फोरम की बैठक में बैंक प्रबंधन पर लोन रिकवरी तेज करने का दबाव बनाया गया। पूर्व मंत्री महेंद्र नाथ सोफत ने भी बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इसके बाद 15 डिफॉल्टरों की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए हैं।

अधिकारियों ने दी चेतावनी
सहायक पंजीयक सहकारी समिति सोलन गिरीश नड्डा ने कहा कि आरोपी ने तीन महीने में लोन चुकाने की बात मानी है, लेकिन यदि उसने शर्तों का पालन नहीं किया तो उसे दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है।