सीएमओ बोले- हर स्कूल में तंबाकू के दुष्प्रभावों का साइन बोर्ड लगाना जरूरी
HNN/ मंडी
जिला मंडी के समस्त शिक्षण संस्थानों को तंबाकु मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान आरंभ किया गया है। स्कूलों में भाषण, चित्रकला प्रतियोगिताएं, सेमिनार तथा जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र भारद्वाज ने जोनल अस्पताल के सभागार में तंबाकु मुक्त अभियान की टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण के उददेश्य के लिए जागरूकता अभियान के साथ साथ कानूनी प्रावधानों को लागू करना भी अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में तंबाकू मुक्त क्षेत्र का बोर्ड लगाना अत्यंत जरूरी है, साइन बोर्ड पर नोडल अधिकारी का नाम, पदनाम व फोन नंबर अंकित करना भी जरूरी है।
शिक्षण संस्थानों में उपयुक्त स्थान पर तंबाकू से होने वाले नुक्सान के बारे में पोस्टर भी लगाए जाएं ताकि विद्यार्थियों को तंबाकु के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी मिल सके। शिक्षण संस्थानों की नियमावली में संस्थान के अंदर तंबाकू का प्रयोग नहीं करने का प्रावधान भी किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू पदार्थों की बिक्री नहीं हो तथा शिक्षण संस्थानों के सौ गज के दायरे की निशानदेही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण कानून के अंतर्गत समस्त राजपत्रित अधिकारी, शिक्षण संस्थानों के प्रभारी, प्रिंसिपल, मुख्याध्यापक व अन्य अध्यापक, पुलिस, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि कार्यवाही के लिए प्राधिकृत हैं।
इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार ने गुटखा, खैनी आदि तंबाकु पदार्थों पर प्रतिबंध लगाया है और खुली सिगरेट बेचने व बिना लाइसेंस तंबाकु बेचने पर भी कड़ी कानूनी कार्यवाही तथा जेल का प्रावधान किया गया है। सीएमओ ने कहा कि तंबाकू नशाखोरी की पहली सीढ़ी है अतः नशाखोरी को रोकने के लिए तंबाकू के प्रयोग को रोकना प्रथम लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि तंबाकू से कैंसर, हृदयघात, अधरंग, अंधापन, गैंगरीन और नपुंसकता जैसे घातक रोग होते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों तथा युवाओं में तंबाकु के सेवन को आरंभ करने की अधिक संभावना रहती है जिसके चलते ही सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों को तंबाकु मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है इसमें आम जनमानस का रचनात्मक सहयोग भी जरूरी है।

