महिला सशक्तिकरण और नागरिक जागरूकता के उद्देश्य से उप-तहसील जोल तथा ग्राम पंचायत चौकीमन्यार के अंतर्गत आने वाले राजकीय महाविद्यालय में महिला सेल की ओर से मोटर वाहन अधिनियम और प्रमुख महिला संरक्षण कानून विषय पर एकदिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्रों को सुरक्षित ड्राइविंग, यातायात नियमों और महिला अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता एडवोकेट रमेश चंद सारथी ने मोटर वाहन नियमों में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, बीमा, यातायात संकेतों का पालन, सीट बेल्ट और हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरणों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशे की हालत में गाड़ी चलाना या तेज गति से वाहन चलाना गंभीर अपराध है, जिसके लिए भारी जुर्माने और सजा का प्रावधान है।
महिला सुरक्षा कानूनों पर जागरूकता
रमेश चंद सारथी ने महिला सुरक्षा कानूनों की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 तथा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम, 2013 महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।
प्राचार्य और महिला सेल की अध्यक्ष ने दिया संदेश
महाविद्यालय के प्राचार्य बलविंदर सिंह राणा ने अपने संदेश में यातायात नियमों के पालन, शिक्षा के महत्व और महिला अधिकारों की रक्षा पर बल दिया। वहीं महिला सेल की अध्यक्ष प्रोफेसर कविता कौशल ने विद्यार्थियों से जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की अपील की।
कार्यक्रम में शिक्षकों की उपस्थिति
इस मौके पर प्रोफेसर कविता कौशल, डॉ. रामकुमार नेगी, डॉ. राम सिंह, डॉ. सुमन डोगरा सहित कॉलेज के समस्त कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने इस तरह के आयोजन को छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।

