तीन राज्यों से सटी सीमाओं के चलते बढ़ रही तस्करी, पुलिस की सख्त नजर
नाहन : सिरमौर में नशे का अवैध कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले की सीमाएं तीन राज्यों उत्तराखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से सटी होने के कारण नशे के तस्कर इस क्षेत्र को सुरक्षित ठिकाना बना रहे हैं। हालांकि, पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और नशे के कारोबारियों पर शिकंजा कस रही है।
पिछले 50 दिनों में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 33 मामले दर्ज कर 47 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 43 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। अब तक की गई छापेमारी में 125 ग्राम चिट्टा, 14.544 किलोग्राम चरस, 1.035 किलोग्राम अफीम, 13.996 किलोग्राम चूरापोस्त, 2.155 किलोग्राम गांजा, 112 नशीले कैप्सूल, 4 शीशियां और 92,120 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
शहरी इलाकों में सबसे ज्यादा केस
इस वर्ष अब तक जिले में चिट्टे से जुड़े सबसे ज्यादा मामले नाहन और पांवटा साहिब के शहरी इलाकों में दर्ज किए गए हैं। हालांकि, अन्य पुलिस थानों के अंतर्गत भी ऐसे मामले सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि सिरमौर में बाहरी राज्यों के चिट्टा गिरोह सक्रिय हैं, जो स्थानीय युवाओं को अपनी चपेट में ले रहे हैं।
सीरिंज के इस्तेमाल से बढ़ रही चिंता
इस बार पकड़े गए मामलों में यह भी सामने आया कि चिट्टे के सेवन के लिए सीरिंजों का उपयोग बढ़ रहा है। पुलिस ने अब तक 49 सीरिंज जब्त की हैं, जिससे यह साफ है कि युवा न केवल नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं, बल्कि अपनी सेहत के साथ भी गंभीर खिलवाड़ कर रहे हैं।
चिट्टा ही नहीं, अन्य नशीले पदार्थों की भी तस्करी
सिरमौर जिले में चरस, अफीम, गांजा और नशीली दवाओं की तस्करी भी हो रही है। सीमावर्ती इलाका होने के चलते पुलिस के लिए इस नेटवर्क को तोड़ना चुनौती बना हुआ है। हालांकि, पुलिस लगातार योजनाबद्ध तरीके से इस अवैध कारोबार को खत्म करने में जुटी है।
सिरमौर पुलिस की सख्त चेतावनी
सिरमौर के एएसपी योगेश रोल्टा ने कहा कि नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई बाहरी राज्यों से हो रही है, जिसकी रोकथाम के लिए पुलिस योजनाबद्ध तरीके से अभियान चला रही है। उन्होंने साफ किया कि नशे की तस्करी और सेवन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

