1 वर्ष में ही डॉ बिंदल ने तोड़े विकास के सभी रिकॉर्ड

1 साल में ही तराश कर नाहन को बनाया नगीना

यूं तो एक बड़ी कहावत नाहन शहर के लिए कही जाती थी, की नाहन शहर नगीना आए थे 1 दिन के लिए लग गया महीना। यही नहीं नाहन पर से नटनी का श्राप भी लगभग खत्म हो चला है। असल में यह सब कहावतें पूर्व में जनता के प्रतिनिधियों का जनता के साथ ना जुड़े रहना तथा पॉलीटिकल विल की भी भारी कमी रही थी। जिसके चलते अपनी खामियों का ठीकरा श्राप से जोड़ दिया गया।

इसमें कोई शक नहीं है कि स्थानीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान भी मुद्दों को लेकर धरने प्रदर्शन करते थे। और अब सरकार में विधानसभा अध्यक्ष होने के बावजूद सत्र के बाद अधिकतर समय अपने विधानसभा क्षेत्र में ही गुजारते हैं।

हर छोटी बड़ी समस्या को लेकर अधिकारियों व सरकार से तालमेल बनाकर ना केवल गांव में बल्कि हर घर के व्यक्ति की समस्या को सुलझाने में व्यस्त रहते हैं। उनके लगातार प्रयासों का अब यह परिणाम निकल कर सामने आया है। कि जो शहर गड्ढों कीचड़ गंदगी से सना रहता था। उस शहर की हर सड़क हर गली खुद विकास की कहानी कह रही है। जिसको शायद अब किसी की पुष्टि की भी जरूरत नहीं है।

जल दानव का संहार

नाहन शहर का सबसे बड़ा मुद्दा जो कि दशकों पुराना कहा जा सकता है वह था पानी की समस्या का। विधायक के लगातार प्रयासों के चलते अब पूरा नाहन शहर इस जल संकट से उबर चुका है। जबकि अभी गिरी उठाओ पेयजल योजना शुरू नहीं हुई है। बावजूद इसके लोग अब लगातार मिल रहे पेयजल की वजह से पानी के ओवरफ्लो संकट से जूझ रहे हैं।

एक ही वर्ष में अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 500 करोड रुपए के विकास कार्य करवाना खुद एक विकास की इबारत लिखता है। जिसमें आई आई एम नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए 150 करोड़ भी शामिल है। शहर में मौजूदा समय सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। उसके लिए भी डॉ राजीव बिंदल ने तीन जगह पार्किंग बनाए जाने के लिए 2 करोड की किस्त भी जारी करवा दी है। यही नहीं पार्क के निर्माण के लिए ₹45 लाख की किस्त भी जारी कर दी गई है। इन पार्किंग में 200 के लगभग गाड़ियों को पार किए जाने का प्रावधान रहेगा।

किस किस योजना को कितना बजट

ब्रिक्स के अंतर्गत धारटी की पेयजल समस्या के समाधान के लिए 18 करोड रुपए की लागत की नई योजना का शिलान्यास। काला आम क्षेत्र की 11 पंचायतों की पेयजल समस्या के समाधान के लिए भी ब्रिक्स योजना के अंतर्गत 28 करोड रुपए की डीपीआर तैयार। विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न नालों गड्ढों के पानी काजल संग्रहण कर सिंचाई हेतु उपयोग लाने के लिए डैम बनाने के लिए 50 करोड रुपए का प्रकल्प सरकार को भेजा है। पुरानी पड़ चुकी पेयजल व सिंचाई योजनाओं के नवीनीकरण के कार्य भी शुरू करवाए हैं ।जिनमें नीम वाली पुल के लिए 8 करोड रुपए, मझाड़ा का पुल जिसके लिए 7.5 करोड रुपए, अंधेरी के पुल के लिए 4 करोड रुपए, देवनी सलानी सड़क पर मारकंडे का पुल जो कि 9.5 करोड रुपए से बन रहा है, नेशनल हाईवे चंडीगढ़ देहरादून पर ढिंमकी के मंदिर के समीप मारकंडा नदी पर 4.5 करोड रुपए की लागत से पुल का निर्माण कार्य भी जोरों पर चल रहा है।

तो वहीं त्रिलोकपुर खड्ड पर बुडढीयों का के पुल के लिए 2.2 करोड़, 2 करोड़ की लागत से रामाधौन रोड पर 2 घाट का पुल, 2.5 करोड़ की लागत से खैरी नाला पर पुल, धौला कुआं गिरी नगर जाने वाले शहीद कुलविंदर सिंह रोड पर तीन पुलों के लिए 8.5 करोड रुपए, 6 करोड रुपए बंद कला में मारकंडा पुल के लिए। अब यहां बता दे कि यह सभी पुल बनकर लगभग तैयार हो चुके हैं एक को छोड़कर सभी को जनता के लिए समर्पित किया जा चुका है।

वही बाता नदी पर फतेहपुर गुलाबगढ़ का पुल जिसकी लागत 18 करोड रुपए, 6 करोड की लागत से मोगी नंद सुकेती मारकंडा का पुल, 8 करोड़ की लागत से कून नैहरला का मारकंडा पुल, इन तीनों फूलों की डीपीआर बनाकर केंद्र सरकार को बजट के प्रावधान हेतु भेजी गई है।

खजूरना विक्रम बाग में 2.5 करोड़ की लागत से पथराला खाले के पुल के निर्माण के लिए डीपीआर नाबार्ड को बजट के लिए भेजी गई है। वहीं 2 करोड रुपए की लागत से मारकंडा नदी पर मंडरेवा पैदल पुल का शिलान्यास भी हुआ है। 2.2 करोड़ की लागत से जमता नावनी सडक का निर्माण व पक्का करने का कार्य, जनता कत्याड सड़क के निर्माण व पक्का करने के लिए 2.2 करोड़ का बजट, कौंलावाला भूंड लवासा चौकी की सड़क के सुधार व उसको पक्का करने के लिए 8.3 करोड रुपए, सैन वाला से वर्मा पापड़ी तक की सड़क को चौड़ा करने तथा उसे सुधारने के लिए 6.4 करोड रुपए, खजूरना -ढाक वाली गणेश का बाग सड़क के प्रथम चरण के निर्माण हेतु 3 करोड रुपए और दूसरे चरण के निर्माण के लिए दो करोड रुपए का बजट का प्रावधान करवाया गया है। 2 करोड़ रुपए मालो वाला सड़क, 4 करोड रुपए बन कला- रखनी ,2.2 करोड रुपए गाडा बुड्ढी- रूखड़ी सड़क व पुल के निर्माण के लिए, एक करोड रूपया सती वाला सड़क, शंभू वाला मात्र भेड़ों सड़क की मेटलिंग तथा टारिंग के लिए 4 करोड़ों रुपया, नलका का संभालका बोहलियों सड़क के अपग्रेडेशन के लिए 5.5 करोड़, जैथल घाट से धगेड़ा रोड की मेटलिंग तथा टारिंग के लिए 80 लाख रुपया, भोगपुर सिंबल वाला सड़क की मेटलिंग तथा टारिंग के लिए 40 लाख रुपए इन सब योजनाओं के लिए पैसा स्वीकृत होकर कार्य भी शुरू हो रखा है।

अब यदि पीएचसी सुरला की बात की जाए तो यह मांग भी बड़े लंबे समय से अटकी पड़ी थी जिसके लिए डॉक्टर बिंदल ने 90 लाख से निर्मित होने वाले नए भवन का शिलान्यास भी करवा दिया है। तो वहीं पीएचसी कोलर मैं 90 लाख से निर्मित होने वाले नए भवन का भी शिलान्यास संपन्न हुआ है। इसी प्रकार पीएचसी शंभू वाला पी एच सी वर्मा पापड़ी की घोषणा भी की जा चुकी है। बर्मा पापड़ी में वेटरनरी अस्पताल का नया भवन का शिलान्यास भी हुआ है जबकि यहां अस्पताल का कार्य शुरू हो चुका है।

ऐसा नहीं है कि डॉक्टर बिंदल ने केवल अपने स्तर पर ही विकास की गति को बांधा है बल्कि उन्होंने अपने कर्मठ सिपाहियों के लिए भी उन्हें पूरे मान-सम्मान के साथ विकास कार्यों में श्रेय दिलाया है। जिस में भाजपा के जिला प्रधान विनय गुप्ता की मांग पर कौंलावाला भूंड में आईटीआई की घोषणा भी मुख्यमंत्री से करवाने में सफलता हासिल की है।

रामपुर भारा पुर पॉलिटेक्निक कॉलेज के लिए 60-60 सीटों के प्रधान के साथ साथ दो नए विषय भी शुरू करवाए हैं। यही नहीं इस कॉलेज के लिए 3 करोड रुपए की लागत से नए भवन के बनाए जाने का भी लोकार्पण किया गया है।

उधर डॉ यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज में डॉ राजीव बिंदल लगातार अपनी धमक बनाए हुए हैं। तमाम बिगड़ी व्यवस्थाओं को जिस प्रकार उन्होंने धीरे धीरे ढर्रे पर लाना शुरू किया है उससे निश्चित ही यह एक रीजनल अस्पताल दशा गत ना लग कर एक मेडिकल कॉलेज लगेगा। यहां भी 150 करोड रुपए की लागत से नए भवन का शुभारंभ बहुत जल्द होने जा रहा है। नहान के डॉ यशवंत सिंह परमार स्नातकोत्तर कॉलेज के लिए एक रोडवे से मैदान का निर्माण महिमा लाइब्रेरी की मरम्मत तथा नए अध्ययन कक्ष के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए के बजट का प्रावधान भी करवा दिया है। संस्कृत कॉलेज के लिए 3 दशमलव 88 करोड़ के लिए नए भवन का लोकार्पण करवाया है। 10 विद्यालयों में नए भवनों के निर्माण की घोषणा तथा उनके लिए धनराशि स्वीकृत करवाने का कार्य माजरा में छात्रा फुटबॉल हॉस्टल के लिए भी उन्होंने घोषणाएं करवा दी हैं।

नाहन बस स्टैंड के लिए

मौजूदा समय नहान के मुख्य बस अड्डे के बहुत बुरे हालात हैं। स्थानीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने इसके सुधार व पार्किंग निर्माण के लिए 3 करोड रुपए व्यय किए जाने की बात कही है जिसमें उन्होंने बताया करीब 2 करोड वैसे इस अड्डे में नहीं पार्किंग की व्यवस्था भी होगी।

बरहाल राजनीतिक परिदृश्य में भी उन्होंने पूरे जिला सिरमौर को एक सूत्र में पिरो दिया है। बिना किसी राजनीतिक गतिरोध के जिला के तीन भाजपा विधायक तथा वरिष्ठ भाजपा नेताओं को भी साथ लेकर चल रहे हैं। डॉ राजीव बिंदल की सबसे खास बात तो यह है कि बिंदल का दरबार नियमित रूप से लगता है। समस्या के समाधान के साथ साथ प्रत्येक कार्यकर्ता व उनके दरबार में आने वाले हर फरियादी को सर्दी में एक गर्म चाय का प्याला भी खुद पूछ कर देते हैं। यही नहीं लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे औद्योगिक क्षेत्र काला आम को भी अब एक रोल मॉडल औद्योगिक क्षेत्र बनाने का जिम्मा उन्होंने उठा लिया है। नाहन की नगरपालिका हो या सड़क सुरक्षा कलम इनके लिए तमाम व्यवस्थाएं कर उन्हें ही इसका श्रेय दिलवाने की हर कोशिश करते हैं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है डॉ राजीव बिंदल अब विकास का पर्याय बन चुके हैं। नगीने पर लगी जंग को धोकर लगातार इसे बतौर विरासत ओं का शहर बनाने में जुटे हैं। यह प्रयास 1 वर्ष का है अभी तो 4 साल बाकी है।

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