BPL है भाजपा कार्यकर्ता, 3 सालों से भटक रहा बिजली कनेक्शन को, अखरोट और 5 हजार की है मांग

अब तो मकान भी जमीदोज हो गया फिर भी नहीं पिंघला बिजली बोर्ड के अधिकारियों का हृदय

HNN News/ श्रीरेणुका जी

प्रदेश में भाजपा की सरकार है और भाजपा का एक निर्धन अदना सा कार्यकर्ता बिजली के कनेक्शन के लिए पिछले तीन सालो से बोर्ड के चक्कर लगा- लगा कर अब हार चुका है।

मामला श्री रेणुका विधानसभा क्षेत्र के भलाड़ भलोना पंचायत के चुईनाधार गांव निवासी सुंदरदत्त पुत्र बलिराम का है। इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के विधायक है। अपनी मांग को लेकर 62 वर्षीय सुंदरदत्त विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल से भी नाहन में मिले। डॉ. बिंदल ने बोर्ड को जल्द से जल्द बिजली का कनेक्शन लगाने के लिए भी आदेश दिए।

मगर SDO और JEE इन आदेशों को धत्ता बताते हुए अभी तक कनेक्शन लगाने में सुंदरदत्त के साथ कागजी खेल, खेल रहे है। परेशान होकर सुंदरदत्त 150 किलोमीटर दूर नाहन मीडिया के पास पहुंचा। उसने बोर्ड के इन अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके क्षेत्र के बिजली बोर्ड का JEE और SDO 5000 रुपए नगद व अखरोट और देसी घी की मांग कर रहे हैं। जबकि कनेक्शन की मांग करने वाला BPL परिवार से सम्बन्ध रखने वाला सुंदरदत्त अपनी टैस्ट रिपोर्ट भी दो बार बनवा चुका है।

यह टैस्ट रिपोर्ट उसने बिजली के एक कांट्रेक्टर जिसका लाइसेंस नंबर C-1256 है के द्वारा पहली बार वर्ष 2019 में और अब दूसरी वर्ष 2020 में बनवाई है। सुंदर दत्त का आरोप है कि वह कई बार टैस्ट रिपोर्ट देने गया मगर दोनों अधिकारी टैस्ट रिपोर्ट लेने से मना कर देते है।

Copy of test report

अब दुर्भाग्य ने सुंदरदत्त का पीछा यहाँ भी न छोड़ा कि हाल ही की बारिशों में जिस मकान के लिए यह बिजली का कनेक्शन और खंबा मांग रहा था वह मकान भी भूस्खलन की भेंट चढ़ गया है। उसका घर का सारा सामान तथा 4 कमरे जमीन में दब गए हैं। अब यह अधिकारी नया बहाना लगा रहे है कि वहां कोई मकान नाम की चीज नहीं है। अधिकारी ने कहा है कि बिना मकान के परमानेंट कनेक्शन नहीं लगाया जा सकता।

सुंदरदत्त का कहना है कि ये अधिकारी कहते है कि व्यवसायिक कनेक्शन लो। हैरानी इस बात की है कि जो व्यक्ति पहले से ही 2 वक़्त का खाना भी सरकारी अनुदान पर खाता हो वह कमर्सियल बिल का भुगतान कैसे कर पाएगा।

जानकारी तो यह भी मिली है कि यह बिजली बोर्ड के अधिकारी ऐसा जान बूझकर कर रहे है ताकि उनका यहाँ से ट्रांसफर हो जाए। जिसके लिए उन्होंने एक छोटे से भाजपा कार्यकर्ता को निशाना बनाया है। हैरानी तो इस बात की भी है कि बोर्ड के यह अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष के आदेश भी नहीं मान रहे है।

क्या कहना है बिजली बोर्ड के JEE नवराज का
इनका कहना है कि वहां मकान नहीं है। उन्हें अस्थाई कनेक्शन लेना पड़ेगा। खम्बे की जो मांग कर रहे है वह उनके घर से थोड़ी ही दूरी पर है। इन्होने कहा कि बिजली का कनेक्शन देने से हमने बिलकुल भी मना नहीं किया है हमारे पास सुंदर दत्त के द्वारा फाइल नहीं दी गई है और ना ही उन्होंने टैस्ट रिपोर्ट बनवाई है। हमने सुंदर दत्त से ना तो पैसे की मांग की है और ना ही घी, अखरोट मांगे है। सुंदरदत्त जो आरोप हम पर लगा रहा है वह बे बुनियाद है। उनका कहना है कि यह भलोना वाला मकान है जो यह बना रहा है।