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Himachal Pradesh weather forecast and updates

  • हिमाचल मौसम अपडेट: 10 और 11 नवंबर को बारिश और बर्फबारी के आसार

    हिमाचल मौसम अपडेट: 10 और 11 नवंबर को बारिश और बर्फबारी के आसार

    Himachalnow / शिमला

    हिमाचल प्रदेश में मैदानी जिलों में 11 नवंबर तक मौसम साफ बना रहने के आसार हैं, जबकि मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में यह बदलाव आने का पूर्वानुमान जताया गया है।

    नौ नवंबर तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक कमी आने का अनुमान लगाया गया है। प्रदेश के न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज हुई है, जिसमें ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    मौसम विवरण इस प्रकार है: शिमला में अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मनाली में अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। धर्मशाला में अधिकतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

  • हिमाचल मौसम अपडेट: मौसम बदलने की तैयारी 8 नवंबर से होगी बारिश और बर्फबारी

    हिमाचल मौसम अपडेट: मौसम बदलने की तैयारी 8 नवंबर से होगी बारिश और बर्फबारी

    11 नवंबर को कांगड़ा, चंबा में बारिश और लाहौल-स्पीति में बर्फबारी के आसार

    Himachalnow / शिमला

    हिमाचल प्रदेश में सात नवंबर तक मौसम साफ बना रहने की संभावना है, लेकिन इसके बाद मौसम करवट बदलेगा। आठ नवंबर से प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। इससे प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक कमी दर्ज होने का पूर्वानुमान है।

    पिछले एक माह से बारिश न होने और सर्दी में चढ़ते पारे के बीच हिमाचल प्रदेश में आठ नवंबर से मौसम में बदलाव आने के आसार हैं। कांगड़ा, चंबा में बारिश और लाहौल-स्पीति के पश्चिमी क्षेत्र में बर्फबारी के आसार हैं।

    सोमवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली रही। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने से प्रदेश में अधिकतम पारे ने बीते दिनों में कई रिकॉर्ड बनाए हैं।

    धर्मशाला में सोमवार को अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो नवंबर में सबसे अधिक तापमान है।

    11 नवंबर को कांगड़ा, चंबा में बारिश और लाहौल-स्पीति के पश्चिमी क्षेत्र में बर्फबारी के आसार हैं।

    मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के लिए अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए अपनी यात्रा और गतिविधियों को प्लान करें।

  • हिमाचल में नवंबर में रिकॉर्ड गर्माहट, कल्पा 40 साल बाद सबसे गर्म

    हिमाचल में नवंबर में रिकॉर्ड गर्माहट, कल्पा 40 साल बाद सबसे गर्म

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश में नवंबर में रिकॉर्ड गर्माहट दर्ज की गई है। कल्पा में 40 साल बाद सबसे अधिक तापमान रहा, जो 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिमला में 8 साल बाद और कांगड़ा, सोलन व मनाली में 4 साल बाद नवंबर में सबसे अधिक तापमान रहा।

    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, कांगड़ा में साल 2020 में 28.4 डिग्री पारा पहुंचा था, जो अब 30.7 डिग्री रहा। सोलन में 2020 में 28.7 डिग्री था, अब 28.0 डिग्री रहा। मनाली में 2020 में पारा 22.6 डिग्री था, जो अब 22.2 डिग्री दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान में कमी आने से सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है।

    प्रदेश के सभी क्षेत्रों में 8 नवंबर तक मौसम साफ बना रहने के आसार हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान में और अधिक बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान है। शुक्रवार को ऊना में अधिकतम तापमान 32.0, बिलासपुर में 32.3, नेरी में 31.7, धौलाकुआं में 30.4, भुंतर में 30.5, चंबा में 29.9, सोलन में 28.0, धर्मशाला में 27.0, नाहन में 26.8 और केलांग में 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

  • हिमाचल प्रदेश में शुष्क मौसम : पोस्ट मानसून सीजन में 97% कम बारिश

    हिमाचल प्रदेश में शुष्क मौसम : पोस्ट मानसून सीजन में 97% कम बारिश

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश सहित पूरे उत्तर-पश्चिम हिमालयी क्षेत्र में बीते एक महीने से अधिक समय से शुष्क मौसम बना हुआ है। राज्य के कई जिलों में सामान्य से 100% कम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, सिरमौर और सोलन में बारिश हुई ही नहीं।

    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य में 7 नवंबर तक मौसम शुष्क बना रहने का पूर्वानुमान है। इस बीच, राज्य के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में शुष्क ठंड बढ़ गई है, जहां 11 स्थानों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। ताबो का न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है।

    राज्य में पोस्ट मानसून सीजन के दौरान 1 से 31 अक्टूबर तक सामान्य से 97% कम बारिश दर्ज हुई है। विभिन्न जिलों में बारिश की कमी का आंकड़ा चिंताजनक है, जो कृषि और पर्यावरण पर इसके प्रभाव को दर्शाता है।

  • हिमाचल प्रदेश में बर्फ की चादर 10.02% तक सिकुड़ी, तेजी से पिघल रहे ग्लेशियर

    हिमाचल प्रदेश में बर्फ की चादर 10.02% तक सिकुड़ी, तेजी से पिघल रहे ग्लेशियर

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश में सतलुज, रावी, ब्यास और चिनाब बेसिन के निचले क्षेत्रों में बर्फ की चादर 10.02% तक सिकुड़ गई है। रावी बेसिन में सबसे अधिक 22.42% तक बर्फ घटी है। ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और नई झीलें बन रही हैं। सतलुज बेसिन में 2021 के मुकाबले 2022 में 321 नई झीलें बनी हैं।

    ग्लोबल वार्मिंग के कारण तापमान बढ़ रहा है, जंगलों में आग लगने से कार्बन अधिक मात्रा में उत्पन्न हो रही है। पर्यटन स्थलों पर क्षमता से अधिक वाहन और वायु प्रदूषण भी इसके मुख्य कारण हैं। हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद का जलवायु परिवर्तन केंद्र इस पर निरंतर अध्ययन कर रहा है।

    किन्नौर, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में ग्लेशियरों और झीलों के टूटने की स्थिति में बाढ़ से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम लगेंगे। तीनों जिलों के उपायुक्तों को सारी स्थितियों का आकलन करने और स्थान चिह्नित करने के लिए कहा गया है। लाहौल-स्पीति के घेपन पीक में इसके लिए जगह चिह्नित की गई है।

  • हिमाचल प्रदेश में सर्दियों की शुरुआत में देरी, तापमान 30-34 डिग्री तक पहुंचा

    हिमाचल प्रदेश में सर्दियों की शुरुआत में देरी, तापमान 30-34 डिग्री तक पहुंचा

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश में इस बार सर्दियों की शुरुआत में देरी हो रही है, जिससे राज्य में गर्मी का माहौल बना हुआ है। न्यूनतम तापमान 19-20 डिग्री के आसपास चल रहा है, जबकि अधिकतम तापमान अक्टूबर भर 30-34 डिग्री के बीच रहा है। यही कारण है कि हिमाचल, जिसे बर्फबारी और ठंड के लिए जाना जाता है, इन दिनों पंजाब की तरह गर्मी का सामना कर रहा है।

    मौसम विशेषज्ञ डीडी दूबे के अनुसार, इस वर्ष अक्टूबर में कमजोर वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में हवाएं नहीं आ पा रही हैं, जिससे ठंड की शुरुआत में देरी हो रही है। हालांकि, पाकिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ बनने के कारण नवंबर के पहले हफ्ते में सर्दी का आगमन संभव है। पाकिस्तान से आने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते हरियाणा और पंजाब में मौसम जल्द बदल सकता है, जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट शुरू होगी।

    मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों में कुछ जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। पिछले वर्ष अक्टूबर में हिमाचल में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी था, और बादल फटने की घटनाएं भी हो रही थीं। इस वर्ष हमीरपुर और बिलासपुर जिलों में मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में बठिंडा का तापमान 37 डिग्री पर पहुंच गया।

  • हिमाचल प्रदेश : अगले 6 दिनों तक बारिश के आसार नहीं

    हिमाचल प्रदेश : अगले 6 दिनों तक बारिश के आसार नहीं

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश में अगले 6 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य के सभी भागों में 5 नवंबर तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। बीते 24 घंटों में सुंदरनगर और मंडी में मध्यम कोहरा देखा गया, लेकिन तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।

    प्रदेश में 1 से 30 अक्टूबर तक पोस्ट मानसून सीजन में सामान्य से 97 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। ताबो का न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी मौसम साफ बना रहने की संभावना है। लोगों को साफ मौसम का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। मौसम संबंधी जानकारी के लिए मौसम विभाग की वेबसाइट या अन्य ऑनलाइन संसाधनों पर जा सकते हैं।

  • हिमाचल प्रदेश में मौसम अलर्ट : उच्च पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार

    हिमाचल प्रदेश में मौसम अलर्ट : उच्च पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय जिलों में मंगलवार को बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिला सहित शिमला, चंबा, कुल्लू, मंडी व कांगड़ा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया है।

    प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मंगलवार से लेकर तीन नवंबर तक धूप खिली रहने के आसार हैं। रविवार रात ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 1.6 और कुकुमसेरी में 1.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ गई है।

    रविवार रात को कल्पा में न्यूनतम तापमान 5.6, मनाली में 8.2, समदो में 6.5, रिकांगपिओ में 8.5, भुंतर में 9.8, सोलन में 11.0, शिमला में 12.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र ने पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव आने की संभावना जताई है।

  • हिमाचल मौसम अपडेट: 29 अक्तूबर को बारिश-बर्फबारी के आसार, जानें 3 नवंबर तक का पूर्वानुमान

    हिमाचल मौसम अपडेट: 29 अक्तूबर को बारिश-बर्फबारी के आसार, जानें 3 नवंबर तक का पूर्वानुमान

    HNN/शिमला

    हिमाचल प्रदेश सहित पूरे उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में लगातार शुष्क मौसम बना हुआ है। शिमला सहित अन्य भागों में आज भी मौसम साफ बना हुआ है। लेकिन मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर 29 अक्तूबर को बारिश-बर्फबारी के आसार हैं।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 29 अक्तूबर को राज्य के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी हो सकती है, जिसके बाद 30 अक्तूबर से 3 नवंबर तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

    राज्य के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है, जिसमें ताबो का न्यूनतम तापमान माइनस में चल रहा है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की जानकारी के लिए मौसम विज्ञान केंद्र की वेबसाइट या अन्य आधिकारिक स्रोतों पर नज़र रखें।

  • हिमाचल प्रदेश में दिवाली पर मौसम साफ, धूप खिलने से पारा चढ़ेगा

    हिमाचल प्रदेश में दिवाली पर मौसम साफ, धूप खिलने से पारा चढ़ेगा

    HNN/शिमला

    दिवाली पर हिमाचल प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। इस दौरान धूप खिलने से अधिकतम पारा और चढ़ने के आसार हैं। शुक्रवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ गई है।

    ताबो में न्यूनतम पारा माइनस दो डिग्री तक पहुंच गया है। मैदानी जिलों के मौसम में भी अब ठंडक बढ़ना शुरू हो गई है। वीरवार रात को ऊना, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर का न्यूनतम तापमान शिमला से भी कम रहा। प्रदेश में 31 अक्तूबर तक मौसम साफ बना रहने की संभावना जताई है।

    इस दौरान अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी और न्यूनतम तापमान में कमी आने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार दिन में पहाड़ी क्षेत्रों में धूप खिलने से रात को इन क्षेत्रों से गर्म हवाएं मैदानों में पहुंचते हुए ठंडी होंगी। इससे मैदानी जिलों में सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ेगी।