धर्मशाला, 10 जनवरी। धर्मशाला नगर निगम क्षेत्र में रेहड़ी-फहड़ी और पथ विक्रेताओं के लिए विशेष सर्वेक्षण 16 से 30 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस सर्वेक्षण की जिम्मेदारी धर्मशाला स्मार्ट सिटी लिमिटेड को सौंपी गई है। सर्वेक्षण के बाद योग्य विक्रेताओं को पहचान पत्र और चयनित स्थानों का आवंटन किया जाएगा।
यह जानकारी नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सुरेंद्र कुमार कटोच ने दी। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश स्ट्रीट वेंडिंग स्कीम 2016 के तहत की जा रही है, जिसके अनुसार हर पांच साल में यह सर्वेक्षण अनिवार्य होता है।
क्यों हो रहा है सर्वेक्षण?
सर्वेक्षण का उद्देश्य रेहड़ी-फहड़ी और पथ विक्रेताओं को:
- चयनित स्थानों पर व्यवस्थित करना।
- उनकी पहचान सुनिश्चित करना।
- सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करना।
यह सर्वेक्षण नगर निगम के सभी 17 वार्डों में किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हर पात्र विक्रेता को उसका अधिकार मिल सके।
सर्वेक्षण का शेड्यूल
सर्वेक्षण तीन शिफ्टों में होगा ताकि सभी विक्रेता आसानी से भाग ले सकें:
- सुबह: 7 बजे से 10 बजे
- दोपहर: 2 बजे से 5 बजे
- शाम: 6 बजे से 9 बजे
वार्डवार सर्वेक्षण कार्यक्रम:
- 16-18 जनवरी: वार्ड नंबर 1, 2 और 3
- 20-22 जनवरी: वार्ड नंबर 4, 5, 6, 7 और 8
- 23-24 जनवरी: वार्ड नंबर 9 से 17 तक
- 27-28 जनवरी: छूटे हुए विक्रेता नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
- 29-30 जनवरी: सभी वार्डों में छूटे हुए विक्रेताओं का पुनः सर्वेक्षण किया जाएगा।
दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य
सर्वेक्षण के दौरान विक्रेताओं को निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे:
- राशन कार्ड
- आधार कार्ड
- बैंक खाते की फोटोकॉपी
- परिवार सूची (वार्ड पार्षद या नगर निगम द्वारा प्रमाणित)
- आय स्त्रोत प्रमाण पत्र (हल्का पटवारी, तहसीलदार, या पार्षद से)
- यदि लागू हो, तो एससी, ओबीसी, विधवा, विकलांग, या एकल नारी श्रेणी का प्रमाण पत्र
सर्वेक्षण छूटने पर क्या करें?
यदि कोई विक्रेता सर्वेक्षण के दौरान किसी कारणवश छूट जाता है, तो वह 27 और 28 जनवरी को नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर सकता है।
ध्यान दें: 30 जनवरी के बाद कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
नगर निगम प्रशासन ने सभी रेहड़ी-फहड़ी और पथ विक्रेताओं से अपील की है कि वे इस सर्वेक्षण में सक्रिय रूप से भाग लें। यह प्रक्रिया उनकी पहचान, सुविधाओं और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
सुरेंद्र कुमार कटोच ने कहा, “यह सर्वेक्षण न केवल विक्रेताओं के लिए अधिकार सुनिश्चित करेगा, बल्कि नगर निगम क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित और प्रगतिशील बनाने में भी मदद करेगा।”
धर्मशाला स्मार्ट सिटी प्रशासन इस सर्वेक्षण को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए प्रतिबद्ध है। आपकी सहभागिता से यह प्रक्रिया और भी प्रभावी होगी।

