शक्तिपीठ माता मुरारी देवी / 42 वर्षों बाद माता मुरारी देवी मंदिर तक का रास्ता होगा पक्का, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

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42 वर्षों बाद माता मुरारी देवी मंदिर तक पक्की सड़क बनने का सपना साकार

देवभूमि हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध माता मुरारी देवी मंदिर, जो मंडी जिले का एक पवित्र शक्तिपीठ और प्रमुख पर्यटन स्थल है, तक जाने वाला रास्ता अब पक्का किया जाएगा। यह ख़बर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए राहत की बड़ी सौगात है।

छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध मंडी में चहड़ीघाट से माता मुरारी देवी मंदिर तक की 5 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क को पक्का करने के लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। यह रास्ता 1982 में वन संरक्षण के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन पिछले चार दशकों से इसे पक्का करने की मांग लंबित थी।

वन विभाग की 3.0827 हेक्टेयर भूमि अब लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित की जाएगी। इस कदम से न केवल मंदिर तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यावरणीय सुरक्षा, जैसे जंगल की आग को रोकने, में भी मदद मिलेगी।

श्रद्धालुओं और प्रशासन की प्रतिक्रियाएँ

मंदिर सेवा समिति के महासचिव ख्याली राम ठाकुर और मंदिर के पुजारी जगदीश कुमार शर्मा ने इसे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत बताया। श्रद्धालुओं ने अक्सर कच्ची सड़क की हालत खराब होने और बारिश के मौसम में आने वाली परेशानियों की शिकायत की है।

अब यह सड़क पक्की होने से भक्तजन, विशेष रूप से बुजुर्ग और असमर्थ लोग, बिना किसी बाधा के मंदिर तक पहुँच सकेंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से मंदिर की प्रसिद्धि और क्षेत्र का पर्यटन बढ़ेगा।

धार्मिक और पर्यटन दृष्टिकोण से महत्व

यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई ऊँचाई पर ले जाने में सहायक होगी। माता मुरारी देवी मंदिर न केवल श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाता है।