भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े जहरीले कचरे को पीथमपुर में नष्ट करने की योजना के खिलाफ जनाक्रोश तेज हो गया है। स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए, दो लोगों ने आत्मदाह का प्रयास किया, और विधायक ने अनशन शुरू कर दिया।
जहरीले कचरे का विरोध क्यों?
भोपाल गैस त्रासदी का 337 मैट्रिक टन जहरीला कचरा पीथमपुर में जलाने की योजना बनाई गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कचरे को जलाने से कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इस मुद्दे को लेकर सैलाना के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने भी प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई और 24 घंटे के अनशन पर बैठ गए।
विधायक डोडियार ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, “यह कचरा हमारे जीवन और स्वास्थ्य के लिए खतरा है। सरकार को इसे जलाने का विकल्प बदलना चाहिए।”
प्रदर्शन में बिगड़े हालात
जहरीले कचरे के खिलाफ प्रदर्शन शुक्रवार को उग्र हो गया। दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिन्हें गंभीर हालत में चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
सड़कों पर हजारों की भीड़ उतर आई है। हर गली और मोहल्ले में विरोध तेज हो गया है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।
आने-जाने के रास्ते बंद
पीथमपुर में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि पुलिस ने इंदौर से आने-जाने के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। स्थानीय लोगों को पीने के पानी और खाने की कमी का सामना करना पड़ रहा है। फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर भी प्रदर्शन के कारण परेशान हो रहे हैं।
संगठनों का विरोध में समर्थन
इंदौर और अन्य इलाकों से कई सामाजिक संगठन और संस्थाएं पीथमपुर के विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रही हैं। मजदूर संघ, किसान संघ, और रहवासी संघ जैसे समूह एक मंच पर आकर इस मुद्दे के खिलाफ खड़े हैं।
सीएम और प्रशासन की कोशिशें विफल
सीएम मोहन यादव ने लोगों को संतुष्ट करने की कोशिश की और कहा कि जनता को जहरीले कचरे को लेकर कोई डर नहीं होना चाहिए। इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में एक बैठक भी आयोजित की गई, लेकिन ये प्रयास आंदोलनकारियों को शांत करने में नाकाम रहे।
मोबाइल नेटवर्क और जैमर लगाए गए
भीड़ के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने पीथमपुर में मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया है। जगह-जगह जैमर लगाए गए हैं। अब तक दो जगहों पर लाठीचार्ज और एक जगह वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
आंदोलन और भड़कने की चेतावनी
रहवासियों और प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जहरीले कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू की गई, तो आंदोलन और भड़क जाएगा। प्रशासन के सामने हालात को संभालने की चुनौती है, जबकि जनता अपने स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर डरी हुई है।
पीथमपुर में बिगड़ते हालात सरकार और प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। जनता और संगठनों का आक्रोश इस मुद्दे को जल्द सुलझाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

