PWD के टेंडर देने के बाद रद्द करने के मामले में हाईकोर्ट का संज्ञान

HNN News/ शिमला

पीडब्ल्यूडी द्वारा टेंडर दिए जाने के पश्चात रद्द करने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। बिना किसी ठोस कारण के टेंडर रद्द किए जाने पर प्रदेश उच्च न्यायालय ने पीडब्ल्यूडी को आदेश जारी किए हैं कि वह प्रार्थी को टेंडर की शर्तों के मुताबिक जरूरी प्रमाण पत्र व स्वीकृति प्रदान करें। प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी व न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी की खंडपीठ ने प्रार्थी मोहम्मद जसीम को आदेश जारी किए हैं कि वह 6 माह के भीतर कार्य पूरा कर ले व इसकी अनुपालना रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष दाखिल करें।

याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार पीडब्ल्यूडी ने जिला सिरमौर के बकारला गांव के लिंक रोड पर 4 किलोमीटर सड़क बनाने हेतु निविदा आमंत्रित की थी, जिसकी अनुमानित लागत 47 लाख के लगभग आंकी गई थी। प्रार्थी सफल बोली दाता होने के बावजूद उसे टेंडर नहीं दिया गया व बिना किसी कारण के उसके पक्ष में आए टेंडर को रद्द कर दिया गया। प्रार्थी का आरोप है कि राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते ऐसा किया गया।

प्रार्थी की दलील थी कि लोक निर्माण विभाग द्वारा लिया गया यह निर्णय कानून के सिद्धांतों के विपरीत है, जबकि राज्य सरकार की ओर से इसके लिए कई तकनीकी कारण दिए गए। न्यायालय ने प्रार्थी की दलीलों से सहमति जताते हुए उपरोक्त आदेश पारित कर दिए व मामले की सुनवाई जनवरी 2020 के पहले सप्ताह के लिए निर्धारित कर दी।