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ऊना के अम्बेहड़ा में विराट हिंदू महासम्मेलन, स्वयं परिवर्तन से राष्ट्र धर्म को सशक्त बनाने का संदेश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 10 फ़रवरी 2026 at 12:15 am

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अम्बेहड़ा धीरज में आयोजित सम्मेलन में संतों और समाजसेवियों ने आत्म-सुधार को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। वक्ताओं ने संस्कृति संरक्षण, सामाजिक एकजुटता और आध्यात्मिक जागरण पर विशेष जोर दिया।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

अम्बेहड़ा में आयोजित हुआ विराट धार्मिक सम्मेलन
उप तहसील जोल के अंतर्गत ग्राम पंचायत अम्बेहड़ा धीरज में शिवबाड़ी वेलफेयर सोसाइटी अटया द्वारा विराट हिंदू महासम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की थीम “स्वयं परिवर्तन से राष्ट्र धर्म प्रोन्नत” रखी गई, जिसमें क्षेत्र के संतों, समाजसेवियों और विचारकों ने भाग लिया।

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संतों ने दिया आत्म-सुधार का संदेश
महंत श्री विष्णु देवनंद जी महाराज की कृपा पात्र उमेश आनंद जी महाराज (जोगी पंगा धाम, ऊना) ने कहा कि राष्ट्र और समाज की मजबूती व्यक्ति के आत्म-सुधार से शुरू होती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सांस्कृतिक जुड़ाव को जीवन का आधार बताया।

संस्कार और संस्कृति के संरक्षण पर जोर
वक्ताओं ने भारतीय संस्कारों, पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को समय की आवश्यकता बताया। मातृभूमि के प्रति सम्मान और परंपरागत शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।

सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी पर चर्चा
सम्मेलन में समाज के प्रत्येक वर्ग से सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व निभाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि संगठित समाज ही राष्ट्र की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है और जागरूक नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं।

आध्यात्मिक जागरण से बदलाव का आह्वान
संतों और आचार्यों ने आध्यात्मिक जागरण को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति भीतर से सशक्त होगा, तभी समाज और राष्ट्र सही दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।

हिंदू समाज की एकजुटता पर बल
सम्मेलन में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। साझा उद्देश्य के साथ मिलकर कार्य करने का आह्वान किया गया।

समापन में दिया एकता का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश दिया गया कि व्यक्तिगत आचरण में सुधार, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक एकजुटता से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। आयोजन में आचार्य शिव कुमार शास्त्री, जगदीश धीमान, मेजर कर्नल तरसेम राणा, आचार्य रमेश शास्त्री, योगराज योगी, निर्मल, पुष्पेंद्र, आचार्य सिद्धार्थ पांडे, संजीव शर्मा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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