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गेंहू की फसल की खरीद के पहले से पुख्ता प्रबंधन करे सरकार- बीकेयू

SAPNA THAKUR | 29 नवंबर 2021 at 11:02 am

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धान की फसल के खरीद के लिए सरकार के प्रबंध व्यापक नहीं, किसान हो रहे हैं परेशान

HNN/ नालागढ़ 

भारतीय किसान यूनियन की हिमाचल ईकाई ने विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेजा है। ज्ञापन के माध्यम से बीकेयू ने किसानों की विभिन्न मांगे प्रदेश सरकार के समक्ष उठाई हैं। भारतीय किसान यूनियन प्रदेश महासचिव प्रीतपाल सिंह राणा, जिलाध्यक्ष सुरमुख सिंह व ब्लॉक नालागढ़ के प्रधान जगतार सिंह जग्गा ने बताया कि गेंहू की फसल चार-पांच माह तक आने वाली है, जिसकी खरीद के प्रबंध सरकार से पहले करने की मांग उठाई गई है।

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यूनियन ने कहा कि नालागढ़ व अन्य मंडियों में सरकार के फसल खरीद के प्रबंध पुख्ता नहीं है। धान की फसल न बिकने के कारण गेंहू की फसल की बिजाई भी लेट हो रही है। इसलिए सरकार अगली बार फसल खरीद के लिए व्यापक प्रबंध करे ताकि किसानों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। ज्ञापन में बीकेयू ने टोकन सिस्टम बंद करने और उसकी जगह जमीन की फर्द व आधार काड पर देखकर फसल खरीद की मांग उठाई है।

ताकि जो किसान मंडी में फसल लेकर पहले आया है उसकी फसल प्राथमिकता के आधार पर खरीदी जाए। बीकेयू ने मक्की की फसल भी एमएसपी रेट पर खरीदने की मांग रखी है। यूनियन का कहना है कि मक्की की फसल पर एमएसपी तो है लेकिन इसकी कोई एजेंसी फसल खरीद नहीं कर रही। मजबूरी में किसानों को मक्की की फसल कम रेट पर बेचनी पड़ रही है।

हिमाचल की मंडियों में पंजाब की तर्ज पर आडटी सिस्टम शुरू किया जाए या फिर 6-7 व्यक्तियों को फसल भरने व अनलोड़ करने का काम दिया जाए ताकि किसानों को मंडी में दिक्कत न हो। ज्ञापन में भारतीय किसान यूनियन ने हिमाचल सरकार द्वारा जो केस किसानों पर दर्ज किए हैं उन्हें वापिस लेने की वकालत की है।

यूनियन का कहना है किसानों ने न तो किसी सरकारी प्रापर्टी को नुकसान पहुंचाया और न ही कोई और गुनाह किया। शांतिपूर्वक किसानों ने आंदोलन किया और उन पर दर्ज मामले वापिस होने चाहिए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया तो किसान मजबूरन प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन का रास्ता अख्तयार करने को मजबूर हो जाएंगे।

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