सिरमौर जिला के हजारों लोगों को मां शमलाशन मंदिर समलौठा के लिए करना पड़ता है 15 किलो का अतिरिक्त सफर
HNN / नाहन
हरियाणा सरकार 4 वर्षों में हिमाचल की सीमा को जोडऩे वाली 4 किलोमीटर की सडक़ नहीं बना पाई है। 4 वर्ष पहले 5 जनवरी 2017 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मोरनी ब्लॉक के नीमवाला (हरियाणा-हिमाचल की सीमा) में नदी पर पुल के शिलान्यास के समय तत्कालीन पच्छाद के विधायक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं वर्तमान सांसद सुरेश कश्यप की मांग पर जिला सिरमौर के खील से हरियाणा की सीमा के साथ लगते खील-कोयलन-ठंडोग सडक़ को बस योग्य बनाने तथा पक्का करने की घोषणा की थी।
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मगर 4 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हरियाणा सरकार की ओर से इस सडक़ को बनाने की कोई पहल नहीं की गई है। जीप योग्य बनी हुई सडक़ पिछले कुछ महीनों से बिलकुल बंद पडी हुई है। जिसके चलते पच्छाद व नाहन उपमंडल सहित जिला सिरमौर के हजारों लोगों को हरियाणा राज्य के मोरनी स्थित मां शमलाशन मंदिर समलौठा (सिरमौर के हजारों लोगों की कुलदेवी) में दर्शनों के लिए जाने के लिए 15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।
यह सडक़ पच्छाद व नाहन विधानसभा क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों को हरियाणा के मोरनी क्षेत्र से जोड़ेगी। साथ ही पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां से मोरनी क्षेत्र के मां शमलासन मंदिर शमलौठा जाने के लिए इस 4 किलोमीटर सडक़ बनने से 15 किलोमीटर की दूरी भी कम हो जाएगी। 5 जनवरी 2017 को नीमवाला पुल के शिलान्यास के अवसर पर नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल की मांग पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अंबाला-नारायणगढ़ वाया कौलावाभूड़़-सराहां (हरियाण रोडवेज) की बस चलाने की घोषणा की थी, जो कि आज तक पूरी नहीं हुई है।
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