डॉ. अंबेडकर के अपमान पर बिफरी कांग्रेस ने की अमित शाह के इस्तीफे की मांग

केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस का मार्च , राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पद से हटाने की मांग को लेकर जिला उपायुक्तों के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। शिमला में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला शिमला शहरी और ग्रामीण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में चौड़ा मैदान स्थित अंबेडकर चौक पर केंद्र की भाजपा सरकार और अमित शाह के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए डीसी कार्यालय तक मार्च किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव एवं हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने किया, जिन्होंने ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में संसद में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की कि अमित शाह को उनके पद से तुरंत हटाया जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि गृह मंत्री ने संसद का उपयोग संविधान रचयिता डॉ. अंबेडकर की आलोचना करने और उनके प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने के लिए किया, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी स्तर पर न तो सहन करेगी और न ही अनदेखा।

ज्ञापन में कहा गया कि डॉ. अंबेडकर ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान निर्माण में जो अमूल्य योगदान दिया, वह हमेशा स्मरणीय रहेगा। उनके नेतृत्व में संविधान में नागरिकों, विशेषकर दलितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों को सुरक्षित किया गया। लेकिन गृह मंत्री द्वारा संसद के भीतर अंबेडकर के प्रति की गई अभद्र भाषा और अपमान ने देश के संविधान और उसके मूल्यों पर हमला किया है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर एक साजिश के तहत संविधान से छेड़छाड़ कर डॉ. अंबेडकर और दलित वर्ग का अपमान कर रही है। पार्टी ने कहा कि आज तक गृह मंत्री ने न तो इस प्रकरण पर देश की जनता से माफी मांगी है और न ही भाजपा ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की है।

कांग्रेस ने संविधान और उसमें निहित नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी वचनबद्धता दोहराई और कहा कि वह डॉ. अंबेडकर के अपमान को किसी भी स्तर पर सहन नहीं करेगी। पार्टी ने राष्ट्रपति से अपील की है कि गृह मंत्री अमित शाह को उनके पद से तुरंत हटाया जाए और इस प्रकरण पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने इस कृत्य के विरोध में संसद से लेकर सड़कों तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।