मृतक की बाजू पर प्रेमिका का नाम मिला, पुलिस ने हत्या के पहलू पर शुरू की जांच
पंचरुखी : करीब डेढ़ महीने पहले पंचरुखी से लापता हुए पंकज कुमार की संदिग्ध हालात में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ज्वालामुखी और पंचरुखी पुलिस अब इस केस की जांच प्रेम प्रसंग में हत्या के एंगल से भी कर रही है।
पुलिस को पंकज कुमार की एक बाजू पर उसकी कथित प्रेमिका का नाम उकेरा हुआ मिला है। शव की पहचान के लिए पंचरुखी पहुंचे पंकज के माता-पिता ने पहले उसे पहचानने से इनकार कर दिया था। लेकिन जब वे दोबारा देहरा स्थित शव गृह पहुंचे, तो उन्होंने बाजू पर अंकित नाम पढ़कर शव की पहचान कर ली।
परिजनों के अनुसार, जिस महिला का नाम पंकज की बाजू पर था, वह उसकी प्रेमिका थी और उसके दो बच्चे भी हैं। इस प्रेम संबंध की जानकारी परिवार को थी और उन्होंने कई बार पंकज और उसकी प्रेमिका को समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों नहीं माने। पंकज अविवाहित था। पुलिस ने शव को टांडा मेडिकल कॉलेज भेजकर पोस्टमार्टम करवाया है, जिससे मौत के कारणों के कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
परिजनों का हंगामा: सड़क पर शव रखकर किया चक्का जाम
जैसे ही पंकज का शव सलियाणा चौक पहुंचा, वहां मौजूद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पंचरुखी पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। आक्रोशित परिजनों ने शाम 4 बजे शव को सड़क पर रखकर मार्ग जाम कर दिया।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की। परिजनों ने थाने में कार्यरत एक पुलिस कर्मचारी पर भी गंभीर आरोप लगाए, जिसमें मामले को दबाने और जांच को प्रभावित करने का आरोप शामिल था।
मौके पर पहुंचीं एसडीएम नेत्रा मेती और डीएसपी बैजनाथ अनिल शर्मा से परिजनों ने एक महिला और दो पुरुषों की गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद पुलिस ने नीशू, शशि और उत्तम को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया।
परिजनों ने आरोपी महिला के घर के आंगन में ही शव जलाने की मांग की, लेकिन पुलिस ने मामले को शांत करवाकर परिजनों को घर भेज दिया।
माता-पिता को हत्या का शक, पुलिस जांच में उठे सवाल
मृतक पंकज कुमार के माता-पिता का मानना है कि प्रेम प्रसंग के कारण उनके बेटे की हत्या की गई। उन्होंने पुलिस से बारीकी से जांच करने और न्याय दिलाने की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, पंकज और उसकी प्रेमिका के बीच पिछले 8 वर्षों से संबंध थे। इसी कारण महिला के परिवार वाले पंकज को कई बार पीट चुके थे और उसके खिलाफ केस भी दर्ज करवा चुके थे।
माता-पिता ने यह भी आरोप लगाया कि पंकज को जान से मारने की धमकियां दी गई थीं। उन्होंने संदेह जताया कि हत्या के बाद पंकज का पर्स, जैकेट और गले में पहनी हुई चेन गायब कर दी गई।
पंचरुखी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
पंकज के परिजनों ने पंचरुखी पुलिस पर लापरवाही और केस को दबाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुलिस डेढ़ महीने तक लापता युवक की तलाश करने में पूरी तरह विफल रही।
परिजनों ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने और जांच में खानापूर्ति करने का आरोप भी लगाया है।

