HNN / शिमला
डेंटल कॉलेज में इलाज करवाने से पहले मरीजों को स्क्रीनिंग के साथ वैक्सीनेशन की जानकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को देनी होगी। जानकारी देने के बाद ही मरीजों को अस्पताल में प्रवेश दिया जाएगा।
जानकारी देते हुए डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ आशु गुप्ता ने बताया कि डेंटल कॉलेज में रोजाना 500 के करीब मरीज दांतों के उपचार के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं। ऐसे में भारी भीड़ होने के चलते कोविड-19 का खतरा अधिक रहता है।
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जिसके चलते प्रबंधन ने यह फैसला लिया है कि बिना वैक्सीन लगवाए किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाए। उन्होंने बताया कि अगर मरीज ने वैक्सीन नहीं लगाई है और हल्के जुखाम और बुखार जैसे लक्षण है तो उन मरीजों का मौके पर कोविड-19 टेस्ट करवाया जाएगा और नेगेटिव आने पर ही उपचार किया जाएगा।
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