HNN/ मंडी
जिला में ब्यास नदी सहित अन्य जलाशयों में साइबेरिया, चीन, तिब्बत और यूरोपीय देशों से पहुंचे विदेशी परिंदे यहाँ अठखेलियां कर रहे है। झीलों में विदेशी मेहमान परिंदों की अठखेलियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। परिंदों की खूबसूरती झीलों की सुंदरता को चार चांद लगा रही है। वहीं, सैलानियों के अलावा स्थानीय लोगों के लिए भी इन परिंदों का आगमन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
हजारों किलोमीटर दूर से उड़ान भरने वाले इन पक्षियों को जिला मंडी की झीलें सुहावनी लगती हैं। यही कारण है कि जिले की हर झील में आजकल इन पक्षियों को अठखेलियां करते हुए देखा जा सकता है। मंडी जिला के जलाशयों में रूडी शेल्डक, साइबेरियन स्टोनचौट, कॉमन सैंडपाइपर, टफ्टेड डक, सिट्रीन वैगटेल, लिटिल कॉर्माेरेंट, ग्रेलैग गूज, व्हिस्कर्ड टर्न, ग्रेट कॉर्माेरेंट, रेड-वॉटल्ड लैपविंग, कॉमन शेल्डक, वुड सैंडपाइपर, ओरिएंटल डार्टर के पक्षी तैराकी कर रहे हैं।
उधर, मंडी डीएफओ वासु डोगर ने बताया कि वन विभाग ने विदेशी पक्षियों की सुरक्षा कड़ी कर दी है, जिसके लिए विभाग ने जलाशयों के लिए टीमें गठित की हैं, जो निरंतर विदेशी पक्षियों की सुरक्षा पर पूरी नजर रखेंगी। बताया कि साइबेरिया, चीन, तिब्बत और यूरोपीय देशों से यहां अब तक 10 से 15 किस्मों के विदेशी परिंदे मंडी के आस-पास के जलाशयों और नदियों में पहुंचे हैं।

