शिमला | हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध वन कटान को रोकने के लिए वन विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है। वन माफिया पर शिकंजा कसने के लिए नई रणनीति बनाई गई है।
पेड़ काटने वाली मशीनों की होगी सार्वजनिक पहचान
✔ वन परिक्षेत्र अधिकारी चौपाल देशराज ने बताया कि अब हर पेड़ काटने वाली मशीन (कटर) की सार्वजनिक पहचान अनिवार्य होगी।
✔ लोगों को यह बताना होगा कि उनके पास कौन-सी मशीन है, उसका आकार क्या है और वह किस उद्देश्य से रखी गई है।
✔ वन विभाग के वन रक्षकों को 15 फरवरी तक इस कार्य को पूरा करने का आदेश दिया गया है।
✔ इसके बाद मशीनों के लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
अवैध कटान करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
यदि कोई व्यक्ति अपने पास मौजूद मशीनों की जानकारी छिपाने की कोशिश करता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग की नई रणनीति
➡ हर गांव और बीट में मौजूद पेड़ काटने वाली मशीनों का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
➡ मशीनों की ईंधन क्षमता (पेट्रोल, डीजल या इलेक्ट्रिक) और ब्लेड के आकार का भी दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
➡ अवैध कटान को रोकने के लिए यह अभियान सख्ती से लागू किया जाएगा।

