8915 टूरिज्म से मान्यता प्राप्त होटल, रेस्त्रां, होमस्टे में से केवल 127 के पास फायर एनओसी
HNN/ शिमला
रोम जलता रहा और नीरो बांसुरी बजाता रहा यह कहावत हिमाचल सरकार पर लगभग अब पूरी तरह से फिट बैठती नजर आ रही है। आईजीएमसी शिमला में हुए सिलेंडर ब्लास्ट के बाद बड़ा खुलासा यह हुआ है कि प्रदेश के अधिकतर सरकारी संस्थानों में चल रही कैंटीन, जलपान गृह आदि बिना फायर एनओसी के ही चल रहे हैं।
हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि हिमाचल प्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तहत 4303 होटल, 904 रेस्टोरेंट्स, 3708 होमस्टे यूनिट में से केवल 127 होटलों के पास ही फायर एनओसी है। यानी कहा जा सकता है प्रदेश के अधिकतर होटलों आदि में आग से बचाव को लेकर कोई भी साधन नहीं है।
प्रदेश की जीडीपी में करीब 40 फ़ीसदी टूरिज्म से होने वाली इनकम पर इस अव्यवस्था का सीधा सीधा असर भी पड़ सकता है। अब आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि प्रदेश अग्निशमन विभाग से जुटाई गई जानकारी में पता चला है कि केवल 127 होटल ऐसे हैं जिन्होंने फायर की एनओसी ली है। इसके अलावा 40 अपार्टमेंट हाउस है जिनके पास फायर की एनओसी है।
अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रदेश में अधिकतर रेस्टोरेंट्स जिनकी संख्या लाखों में है उनके सुरक्षा पैरामीटर्स को जांच पाने में सरकार नाकामयाब रही है। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रदेश के अधिकतर अस्पतालों में मरीजों के लिए खाना बनाने वाली किचन, दफ्तरों, कार्यालय, परिसरों में खुली हुई कैंटीन किसी के पास भी अग्निशमन यंत्र है ही नहीं।
जबकि इन सभी संस्थानों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के माध्यम से खाना पकाना आदि का काम होता है। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि जब अधिकतर होटल रेस्टोरेंट्स और कैंटीन आदि के पास फायर की एनओसी नहीं है तो वह हिमाचल प्रदेश टूरिज्म से अथवा स्थानीय प्रशासन के द्वारा उन्हें कैसे मान्यता दे दी गई है।
जाहिर सी बात है प्रदेश सरकार को लोगों की जान से हो रहे इस खिलवाड़ को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता नजर नहीं आती है। बताना यह भी जरूरी है कि पिछले कुछ दिनों से आगजनी की घटनाएं भी बढ़ी है बावजूद इसके अभी तक सरकार की ओर से किसी भी तरह के गम भरी प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं।
उधर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आईजीएमसी में हुए अग्निकांड को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई यह अच्छी बात है मगर सरकार को चाहिए कि प्रदेश में ऐसे संस्थानों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए जहां जनता की आवाजाही ज्यादा हो।
उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि इस अग्निकांड में करोड़ों की लागत से बनी नई बिल्डिंग जलकर खाक हो गई है मगर मुख्यमंत्री दुर्घटना स्थल पर जाने की बजाए चुनाव प्रचार में डटे रहे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि प्रदेश में अग्नि से सुरक्षा को लेकर और अधिक पुख्ता प्रबंध किए जाएं। होटल, कैंटीन, अस्पतालों आदि में अग्नि सुरक्षा को लेकर उचित कदम उठाने की भी जरूरत है।

