लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

सिरमौर में आज भी जिंदा है “हेला” की परंपरा

SAPNA THAKUR | 2 दिसंबर 2021 at 3:59 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

खेत जोतने का काम हो या फसल निकालने का, मिलजुल कर करते हैं सहायता

HNN/ तपेंद्र ठाकुर पांवटा

आज के दौर में जहां लोगों के पास 1 मिनट का भी समय नहीं है तो वही ग्रामीण इलाकों की यदि बात की जाए तो लोग समय निकालकर एक दूसरे की मदद के लिए तैयार रहते हैं। जिला सिरमौर के बनौर के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग एक दूसरे की मदद के लिए तत्पर हैं। किसी का कोई भी कार्य हो ग्रामीण मिलकर भरपूर सहयोग करते हैं। दशकों से चली आ रही यह प्रथा आज भी गांव में बखूबी निभाई जाती है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

जिसका उदाहरण आज हम आपको प्रत्यक्ष तौर पर दिखाएंगे। जी हां, आज आपको हिमाचल प्रदेश जिला सिरमौर के कुछ ऐसे गांव में लेकर जाएंगे जहां पर लोग एकत्रित होकर कार्य करते हैं। आपको बता दें कि गांव के लोग बिना किसी मेहनताना, निस्वार्थ भाव तथा एकजुट होकर कार्य करते हैं।

आज के दौर में जहां आधुनिकता की दौड़ में लोग तमाम समाजिक सरोकारों को भूल चुके हैं वही यह भाईचारा एक प्रेरणादायक मिसाल है। आज के समय में जहां लोगों के पास 1 मिनट का भी समय नहीं है तो वहीं भोले-भाले ग्रामीण सारा दिन एक दूसरे की मदद में जुट जाते हैं।

सिरमौर की भाषा में इसको “हेला” कहते हैं। इन दिनों गांव में अदरक खोदने का कार्य जोरोशोरों से चला हुआ है और ये ग्रामीण एक साथ इस कार्य को एक दूसरे के परिवार की सहायता से करते हैं। ग्रामीण सुबह से शाम खेतों में काम करते हैं। दोपहर के समय में खेतों में ही भोजन करते हैं, यही नहीं बल्कि चाय पानी का प्रबंध भी खेतों में ही होता है। दोपहर तथा रात्रि का भोजन एक साथ करते हैं।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]