Himachalnow/शिमला
राज्य बिजली बोर्ड के बाद कौशल विकास निगम में भी छंटनी
राज्य बिजली बोर्ड में 80 चालकों की छुट्टी के बाद अब हिमाचल कौशल विकास निगम ने भी 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इनमें 12 जिला समन्वयक, 12 जेओए (आईटी), और 6 फील्ड सर्वेयर शामिल हैं। यह सभी कर्मचारी नाइलेट कंपनी के माध्यम से आउटसोर्स आधार पर नियुक्त किए गए थे और दो से तीन साल से सेवाएं दे रहे थे।
29 जुलाई और 5 अक्तूबर को हुआ छंटनी का फैसला
प्रधान सचिव वित्त की अध्यक्षता में 29 जुलाई और 5 अक्तूबर को हुई कौशल विकास निगम की सर्विस कमेटी की बैठक में इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का फैसला लिया गया था। इस संदर्भ में निगम के प्रबंध निदेशक ने नाइलेट और राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र जारी कर 30 नवंबर के बाद इनकी सेवाएं न लेने के निर्देश दिए हैं।
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एडीबी प्रोजेक्ट की समाप्ति बना कारण
कौशल विकास निगम की प्रबंध निदेशक गंधर्व राठौर ने बताया कि यह कर्मचारी एशियन डेवलेपमेंट बैंक (ADB) के एक प्रोजेक्ट के लिए नियुक्त किए गए थे। अब जब प्रोजेक्ट समाप्त हो रहा है, तो इनकी सेवाएं जारी रखना संभव नहीं है।
छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों में असमंजस
इस निर्णय के बाद प्रभावित कर्मचारी असमंजस और असुरक्षा की स्थिति में हैं। वे लंबे समय से निगम में सेवाएं दे रहे थे और अचानक इस फैसले ने उनके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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