हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया सबसे कम खर्चा

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HNN/ शिमला

हिमाचल विधानसभा के चार माह पहले हुए चुनाव में सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सबसे कम खर्च करके चीफ मिनिस्टर की सबसे बड़ी कुर्सी पाई। इस चुनाव के लिए सभी विधायकों के घोषित खर्च पर गौर करें तो सुक्खू ने सबसे किफायती चुनाव लड़ा। उन्होंने इस चुनाव में चुनाव आयोग द्वारा चुनावी खर्च के लिए तय सीमा का सबसे कम यानी सिर्फ 28 फीसदी की खर्च किया था। सुक्खू ने पूरा चुनाव सिर्फ 11 लाख 25 हजार 554 खर्च करके लड़ा।

पिछले साल हुए विधानसभा में चुनाव जीतने वाले विधायकों के चुनावी खर्च की रिपोर्ट एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफाॅम्र्स यानी एडीआर ने जारी कर दी है। संस्थाओं ने 66 विधायकों के शपथ पत्र का विश्लेषण किया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सिराज से चुनाव जीतने के लिए 35 लाख 34 हजार रुपए खर्च किए थे। जयराम ठाकुर सबसे ज्यादा चुनावी खर्च करने वाले विधायकों में तीसरे स्थान पर रहे।

चुनाव प्रचार पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 विधायकों में आठ भाजपा के हैं। इनमें चौपाल से बलवीर वर्मा ने 36 लाख 92 हजार रुपए खर्च किए हैं। उन्होंने तय बजट का 92 प्रतिशत खर्च किया है। सुलह से भाजपा के विपिन परमार ने 36 लाख 36 हजार रुपए खर्च कर दूसरे स्थान पर रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 35 लाख 34 हजार रुपए के चुनाव खर्च के साथ तीसरे, जयसिंहपुर से कांग्रेस के विधायक यादवेंद्र गोमा 33 लाख 43 हजार रुपए के साथ चौथे, धर्मशाला से कांग्रेस के सुधीर शर्मा 33 लाख छह हजार के साथ पांचवें, ऊना से भाजपा के सतपाल सत्ती 32 लाख 90 हजार के साथ छठे, करसोग से भाजपा के 32 लाख 26 हजार के साथ सातवें, नूरपुर से भाजपा के रणवीर सिंह निक्का 32 लाख 24 हजार के साथ आठवें, कांगड़ा से कांग्रेस के पवन काजल 31 लाख 68 हजार के साथ नौंवे, जबकि बंजार से भाजपा के सुरेंद्र शौरी 31 लाख 57 हजार के साथ दसवें स्थान पर हैं। 

विधानसभा चुनाव में प्रचार पर सबसे कम धन खर्च करने वाले विधायकों में सबसे ऊपर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हैं। मुख्यमंत्री ने नादौन विधानसभा क्षेत्र से 11 लाख 25 हजार रुपए प्रचार पर खर्च किए हैं। चंबा से कांग्रेस के नीरज नैय्यर ने 12 लाख सात हजार, ऊना के कुटलैहड़ से कांग्रेस के देवेंद्र कुमार ने 14 लाख 47 हजार, शाहपुर से कांग्रेस के केवल सिंह पठानिया ने 15 लाख 17 हजार, देहरा से निर्दलीय होशियार सिंह ने 16 लाख 27 हजार, कसुम्पटी से कांग्रेस के अनिरुद्ध सिंह ने 16 लाख 61 हजार, चिंतपूर्णी से कांग्रेस के सुदर्शन सिंह बबलू ने 16 लाख 93 हजार, शिमला शहरी से कांग्रेस के हरीश जनार्था ने 17 लाख 14 हजार, भोरंज से कांग्रेस के सुरेश कुमार ने 17 लाख 50 हजार, रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा ने 18 लाख पांच हजार रुपए खर्च किए हैं।

दिलचस्प यह है कि सबसे कम खर्च करने वाले विधायकों में दस में से नौ कांग्रेस के हैं, जबकि एक निर्दलीय है। इनमें भाजपा का कोई भी विधायक शामिल नहीं है। एडीआर और इलेक्शन वॉच ने आंकड़ों के हवाले से कहा है कि भाजपा ने इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से ज्यादा खर्च किया है।

भाजपा ने तय बजट के मुकाबले 72.2 प्रतिशत धनराशि खर्च की है, जबकि कांग्रेस ने 57.2 प्रतिशत धनराशि चुनाव प्रचार पर खर्च की। चुनाव आयोग ने 40 लाख रुपए अधिकतम चुनाव खर्च निर्धारित किया था। कांग्रेस के 40 विधायकों का औसतन चुनाव खर्च 22 लाख से ज्यादा रहा है, जबकि भाजपा के 24 विधायकों ने 28 लाख रुपए औसतन खर्च किए हैं। तीन निर्दलीय विधायकों ने प्रचार पर 20 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि खर्च की है। जो तय बजट का 52.2 प्रतिशत है।