HNN / ऊना
कोरोना महामारी के बाद कई देशों में इन दिनों मंकी पॉक्स के मामले सामने आ रहे हैं। बेशक मंकी पॉक्स का अभी भारत में कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों के माध्यम से जिला स्तर तक मंकी पॉक्स को लेकर अलर्ट रहने के दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। इसको लेकर जिला ऊना में जिला स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। सीएमओ ने इसकी एडवाइजरी जिला के स्वास्थ्य खंडों तक चिकित्सा अधिकारियों को जारी कर दी है। इस एडवाइजरी में मंकी पॉक्स के लक्षणों का उल्लेख भी किया गया है।
क्या है मंकी पाक्स
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मंकी पॉक्स एक ऐसा वायरस है जो ह्यूमन तो ह्यूमन फैलता है। यानी अगर कोई किसी संक्रमित के संपर्क में आता है तो उसे भी तुरंत पकड़ लेता है। मंकी पॉक्स ने केंद्र और राज्यों की सरकारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। कई राज्यों में तो सरकारों ने खास गाइडलाइंस भी जारी कर दी हैं। यूरोप और अफ्रीकी देशों से इसके काफी मामले सामने आए हैं। यह वायरस काफी खतरनाक बताया जा रहा है जो फैल जाए तो कोरोना जैसी महामारी लोगों को देखने को मिल सकती है।
कैसे फैलता है मंकी पाक्स
मंकी पाक्स जानवरों, पशु से मनुष्यों के साथ-साथ मानव से मानव में फैल सकता है। कोविड-19 की तरह यह भी श्वसन या श्लेश्मा झिल्ली (आंखों) नाक या मुंह के माध्यम से एक-दूसरे में प्रवेश करता है, जबकि शरीर के तरल पदार्थ या घाव सामग्री के सीधे संपर्क व संक्रमित व्यक्ति के दूषित कपड़ों आदि के प्रयोग से भी एक से दूसरे में जा सकता है। हालांकि अभी तक मंकी पाक्स के मामले यूके, यूएसए, यूरोप, आस्ट्रेलिया और कनाडा में सामने आए हैं जिनमें कोई मौत अभी तक नहीं हुई है। यह वायरस चार स्टेजों में फैलता है जिसमें हर स्टेज पर अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं।
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