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हिमाचल में पशुओं की उन्नत नस्ल तैयार करने की नई पहल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 8 Jan 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / पालमपुर

पालमपुर में आधुनिक आईवीएफ प्रयोगशाला का शुभारंभ

पालमपुर : कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार चौधरी ने पालमपुर में हिमाचल प्रदेश की पहली आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रयोगशाला का शुभारंभ किया। 1.91 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस प्रयोगशाला का उद्देश्य दुधारू पशुओं की उन्नत नस्ल तैयार करना है, जिससे पशुपालकों की आय बढ़ाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने भी भाग लिया और इसे पशुपालकों के लिए एक मील का पत्थर बताया। मंत्री ने कहा कि यह प्रयोगशाला प्रदेश में पशुओं की प्रजनन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उन्नत नस्लों का विकास करेगी, जिससे दूध उत्पादन में सुधार होगा।

मंत्री ने बताया कि सरकार ने गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 45 रुपये और भैंस के दूध का 55 रुपये प्रति किलो तय किया है। साथ ही, कांगड़ा जिले में 250 करोड़ रुपये की लागत से दूध प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन 1.5 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर बेसहारा पशुओं की समस्या को हल करने के लिए सरकार गंभीर है और गौशालाओं को आवंटित राशि को सीधे पशुपालकों को देने की योजना बनाई जा रही है। इस राशि को बढ़ाकर 1,200 रुपये प्रति पशु करने का प्रस्ताव है।

मंत्री ने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि अनुसंधान को प्रयोगशाला से गांव-गांव तक पहुंचाया जाए और ब्लॉक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। इस अवसर पर कृषि, पशुपालन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।