भारत नेट के तहत हिमाचल की 410 पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा

भारत नेट परियोजना के पहले और दूसरे चरण में हिमाचल प्रदेश की 410 पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाओं से जोड़ा गया है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार निरंतर जारी है।

शिमला

संसद में दी गई परियोजना की जानकारी
केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मसानी चंद्र शेखर ने राज्यसभा सांसद इंदु बाला गोस्वामी को जानकारी देते हुए बताया कि भारत नेट के पहले और दूसरे चरण में देश की 2,22,341 पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 2,14,904 पंचायतों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश की 410 पंचायतें इस परियोजना से जुड़ चुकी हैं। देशभर में उत्तर प्रदेश की सर्वाधिक 35,746 पंचायतों को यह सुविधा दी गई है, जबकि गोवा की किसी भी पंचायत को अभी तक यह सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

अन्य राज्यों का भी उल्लेख
संचार राज्य मंत्री ने बताया कि हरियाणा की 6,082, उत्तराखंड की 1,993, पंजाब की 12,668, जम्मू-कश्मीर की 1,101 और चंडीगढ़ की 12 पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान की गई हैं।

हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर 2025 तक भारत नेट परियोजना के अंतर्गत 783 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछाई जा चुकी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।

प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना पर भी जानकारी
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने संसद में बताया कि वर्ष 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना के अंतर्गत 630 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत फूड प्रोसेसिंग इकाइयों और संबंधित अवसंरचना के विकास के लिए अनुदान सहायता प्रदान की जाती है। यह मांग आधारित योजना है, जिसमें पूरे देश से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाते हैं और मेरिट के आधार पर स्वीकृति दी जाती है।