आबकारी, खनन और पर्यटन नीति में सुधार से 2000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय
धर्मशाला : प्रदेश सरकार ने आबकारी, पर्यटन, ऊर्जा और खनन नीति में महत्वपूर्ण सुधार कर 2000 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि यह बदलाव प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से किया गया है। सरकार द्वारा राजस्व बढ़ाने के इन प्रयासों से विभिन्न विकास कार्यों को पूरा करने के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कांगड़ा जिले में विकास कार्यों के लिए 1.2 अरब का भुगतान
प्रदेश सरकार के इन प्रयासों का लाभ कांगड़ा जिले को भी मिला है। पिछले पांच महीनों में ट्रेजरी से 1 अरब 19 करोड़ 82 लाख रुपये विभिन्न विभागों को जारी किए गए हैं, जो राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं पर खर्च किए जा रहे हैं।
कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार और पर्यटन को बढ़ावा
पर्यटन को बढ़ावा देने और हवाई यात्रा को सुगम बनाने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य जारी है। इस परियोजना के लिए 3500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि भूमि अधिग्रहण के लिए 355 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में 16 हेलीपोर्ट के निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है, जिससे राज्य में पर्यटन और हवाई संपर्क को नया आयाम मिलेगा।
समाज के कमजोर वर्गों के लिए सरकार की योजनाएं
प्रदेश सरकार समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य की प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखते हुए आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा शुरू की गई स्वेच्छा से बिजली सब्सिडी छोड़ने की पहल को प्रदेशवासियों का सकारात्मक समर्थन मिल रहा है।
युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान
युवाओं को सशक्त बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की विभिन्न योजनाओं के तहत अब तक 38,713 युवाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नामांकित किया गया है। इनमें से 38,572 युवाओं को प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं, जबकि 8,630 प्रशिक्षुओं को रोजगार मिल चुका है।
प्रदेश सरकार के ये प्रयास हिमाचल को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।

