Author: हिमाचलनाउ डेस्क

  • नाहन और पांवटा साहिब / घर-घर दस्तक दे रहे कर्मी अब तक 8000 स्मार्ट मीटर्स का सर्वे

    नाहन और पांवटा साहिब / घर-घर दस्तक दे रहे कर्मी अब तक 8000 स्मार्ट मीटर्स का सर्वे

    अभी 2 उपमंडलों में किया जा रहा सर्वे, 3 उपमंडलों में भी जल्द होगा शुरू, बिजली बोर्ड ने की सहयोग की अपील

    नाहन, 27 दिसम्बर : जिला सिरमौर में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने का सर्वे जारी है। फिलहाल ये सर्वे नाहन और पांवटा साहिब उपमंडलों में किया जा रहा है। इसके तहत अभी तक नाहन और पांवटा साहिब शहरी क्षेत्रों में करीब 8000 उपभोक्ताओं के मीटर्स का सर्वे किया जा चुका है, जिसमें क्रमशः 4000-4000 उपभोक्ताओं के मीटर शामिल हैं।

    सर्वे का कार्य टी.डी.सी. मैनेजमेंट कंसल्टैंट द्वारा
    सर्वे का यह कार्य टी.डी.सी. मैनेजमैंट कंसल्टैंट प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से करवाया जा रहा है। लिहाजा संबंधित कंपनी के कर्मी नाहन और पांवटा साहिब में उपभोक्ताओं के घर-घर और व्यवसायिक संस्थानों में दस्तक देकर सर्वे के कार्य में जुटे हुए हैं। जल्द ही जिला के अन्य तीन उपमंडलों राजगढ़, शिलाई और रेणुका जी में भी सर्वे का कार्य शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले माह यह कार्य शुरू किया जा सकता है।

    स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य और लाभ
    दरअसल, जिला सिरमौर में घरेलु और व्यवसायिक करीब 1.82 लाख उपभोक्ताओं के पुराने मीटर के स्थान पर यह स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि सर्वे का कार्य जारी है, लेकिन इस दिशा में कई जगहों पर सर्वे करने वाले कर्मियों को लोगों का सहयोग भी नहीं मिल रहा है। कई जगह पर लोग इन कर्मियों पर भरोसा भी नहीं कर रहे हैं। लिहाजा विद्युत बोर्ड ने इस दिशा में लोगों से सहयोग का भी आग्रह किया है।

    स्मार्ट मीटर की विशेषताएँ और फायदे
    दरअसल, स्मार्ट मीटर एक इलैक्ट्रोनिक उपकरण है, जो बिजली की खपत, वोल्टेज, करंट और पावर फैक्टर जैसी जानकारी को रिकार्ड करता है। यह मीटर वायरलेस या वायर्ड नेटवर्क के जरिये यूटिलिटी प्रोवाइडर से जुड़ता है। स्मार्ट मीटर के कई फायदे हैं। एक स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी की घटनाओं पर रोक लगेगी। यदि कोई मीटर से छेड़छाड़ करता भी है, तो इसका मैसेज सीधे बोर्ड के पास पहुंच जाएगा।

    दूसरा, यदि कोई उपभोक्ता समय पर बिल की अदायगी नहीं करता है, तो कनेक्शन काटने के लिए बोर्ड कर्मियों को मौके पर जाने से छुटकारा मिल पाएगा। कार्यालय में कम्प्यूटर से एक कमांड देते ही संबंधित उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। विद्युत बोर्ड की मानें तो स्मार्ट मीटर से बिजली ग्रिड की स्थिति का पता चलता है। इससे ग्राहकों को बिजली बिलों पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिलती है।

    इसके अलावा, बिजली कटौती की भविष्यवाणी और उसे रोकने में भी यह सहायक होते हैं। स्मार्ट मीटर से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल बेहतर तरीके से किया जा सकता है। बिजली बिलिंग में होने वाली गड़बड़ियों से भी छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा, स्मार्ट मीटर से घर में कितनी बिजली खर्च हुई है, इसकी जानकारी रोजाना मोबाइल पर मिल सकती है।

    सर्वे में सहयोग की अपील
    विद्युत बोर्ड नाहन सर्कल के अधीक्षण अभियंता दर्शन सिंह ने बताया कि जिला सिरमौर में घरेलु और व्यवसायिक 1.82 लाख उपभोक्ता हैं। सभी उपभोक्ताओं के पुराने मीटरों के स्थान पर अब स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। नाहन और पांवटा साहिब में अब तक करीब 8000 मीटर्स का सर्वे किया जा चुका है।

    उन्होंने आमजन से सर्वे में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी के लिए उपभोक्ता किसी भी कार्य दिवस में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक विद्युत बोर्ड कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।

  • Shutdown / नाहन में बिजली शटडाउन, जानिए कब और कहां रहेगी आपूर्ति बाधित

    Shutdown / नाहन में बिजली शटडाउन, जानिए कब और कहां रहेगी आपूर्ति बाधित

    नाहन, 26 दिसंबर: हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने जानकारी दी है कि 30 दिसंबर 2024 को नाहन शहर और आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में विघ्न होगा। 33 केवी गिरीनगर-नाहन लाइन और 33 केवी/11 केवी सब-स्टेशन दो-सड़का पर आवश्यक मरम्मत कार्य किया जाएगा।

    इस कारण, नाहन शहर, गुन्नू घाट, चौगान, कच्चा टैंक, शंभुवाला, बनकला, सतीवाला, बोहलियों, मातरभेड़ों, कटासन, उत्तमवाला, नेहरला, चासी, सुरला, महीधार, धारक्यारी, जाब्बल का बाग, जमटा, रामाधोण, पंजाहल, धगेडा, आमवाला, सैनवाला, बोगरिया, बांका बाड़ा औद्योगिक क्षेत्र, मोगिनंद सहित कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक बाधित रहेगी।

    हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने आम जनता से सहयोग की अपील की है और कहा है कि यह शट-डाउन मौसम के अनुकूल होने पर ही प्रभावी होगा।

  • चंबा जिला के कोराहा में कूड़ा संयंत्र में लगी भीषण आग, 2 करोड़ रुपये का हुआ नुकसान

    चंबा जिला के कोराहा में कूड़ा संयंत्र में लगी भीषण आग, 2 करोड़ रुपये का हुआ नुकसान

    चंबा जिले के कोराहा में स्थित नगर परिषद के कूड़ा संयंत्र में बीते कल रात करीब 3:00 बजे आग लगने से एक बड़ा हादसा हुआ। आग ने विकराल रूप ले लिया और संयंत्र में मौजूद अधिकांश मशीनें जलकर राख हो गईं। घटना के दौरान संयंत्र में काम कर रहे ऑपरेटर ने किसी तरह अपनी जान बचाई और मौके से भाग निकला। आग की सूचना मिलते ही नगर परिषद चंबा के कार्यकारी अधिकारी दिलीप कुमार नगोत्र ने पुलिस में मामला दर्ज कराया और आग बुझाने के प्रयासों की जानकारी दी।

    दिलीप कुमार नगोत्र ने बताया कि इस कूड़ा संयंत्र में कई महत्वपूर्ण मशीनें स्थापित की गई थीं, जिनमें कंपोस्ट मशीन, सीसीटीवी कैमरे और बेलिंग मशीन शामिल थे। आग में इन सभी का पूरी तरह से नुकसान हुआ है। नगर परिषद के अनुसार इस आगजनी में लगभग 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

    सूचना मिलने के बाद, अग्निशमन विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। संयंत्र में खाद तैयार करने के लिए स्थापित कंपोस्ट यूनिट और वेस्ट मैनेजमेंट के सभी सामान जलकर राख हो गए हैं, जिससे कार्य संचालन में गंभीर बाधा उत्पन्न हो गई है।

    पुलिस विभाग को भी सूचित कर दिया गया है और अब इस हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। आग के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है।

    यह घटना स्थानीय प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है, और अब नगर परिषद ने इस संयंत्र की मरम्मत और पुनर्निर्माण की योजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • Weather/ कुल्लू और लाहौल घाटी में बर्फबारी शुरू, रोहतांग और कुंजम दर्रे में बर्फबारी सैलानियों के लिए चेतावनी जारी

    Weather/ कुल्लू और लाहौल घाटी में बर्फबारी शुरू, रोहतांग और कुंजम दर्रे में बर्फबारी सैलानियों के लिए चेतावनी जारी

    आज सुबह से कुल्लू और लाहौल घाटी में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। प्रमुख क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है, जिसमें रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा, और ऊंची चोटियां शामिल हैं। इस मौसमीय बदलाव ने जिले में एक बार फिर से सर्दी को बढ़ा दिया है और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।


    प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

    बर्फबारी के साथ-साथ जिला प्रशासन ने रोहतांग टनल और जलोड़ी दर्रा की ओर जाने से सैलानियों को सावधान किया है। प्रशासन की ओर से यह अलर्ट जारी किया गया है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


    निष्कर्ष

    आज से शुरू हुई बर्फबारी ने कुल्लू और लाहौल घाटी के ऊंचे क्षेत्रों को बर्फ से ढक लिया है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। सभी को मौसम की स्थिति का ध्यान रखते हुए यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।

  • हिमाचल / पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर दो दिवसीय अवकाश बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान, बोर्ड-निगम कार्यालय

    हिमाचल / पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर दो दिवसीय अवकाश बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान, बोर्ड-निगम कार्यालय

    शोक के प्रतीक के रूप में 27 और 28 दिसंबर को अवकाश

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है और राज्य में 27 और 28 दिसंबर को दो दिवसीय अवकाश घोषित किया है। यह शोक अवकाश राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, बोर्डों, निगमों और शैक्षणिक संस्थानों में लागू होगा। इस दौरान सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं और विंटर कार्निवल को भी स्थगित कर दिया गया है। डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से समूचा देश गमगीन है और हर जगह उनकी स्मृतियों को नमन किया जा रहा है।


    आदेश और व्यवस्थाएं

    हिमाचल प्रदेश के गृह विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी, प्रवीण कुमार टाक द्वारा जारी आदेशों में बताया गया कि इस अवधि के दौरान राज्य सरकार के सभी विभाग बंद रहेंगे। साथ ही, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी इन दिनों का वेतन सहित अवकाश प्रदान किया जाएगा।


    केंद्र सरकार द्वारा राजकीय शोक

    इसके अलावा, केंद्र सरकार ने भी डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर 26 दिसंबर से 1 जनवरी तक सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

    पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन ने देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है, और हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस दुःख की घड़ी में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए 27 और 28 दिसंबर को अवकाश घोषित किया है।

  • Teaching Jobs / हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में टीचिंग स्टाफ के लिए 31 पदों पर भर्ती

    Teaching Jobs / हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में टीचिंग स्टाफ के लिए 31 पदों पर भर्ती

    हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (HPU) में 31 टीचिंग स्टाफ के पद भरे जाएंगे। इन पदों के लिए पात्र अभ्यर्थी 23 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती नियमित और अनुबंध आधार पर की जाएगी। आइए जानते हैं पूरी जानकारी इस भर्ती प्रक्रिया के बारे में।


    पदों का विवरण

    • कुल पद: 31
      • नियमित पद: 28
      • अनुबंध आधार पर पद: 3

    नियमित पदों की संख्या

    1. प्रोफेसर: 11 पद
    2. एसोसिएट प्रोफेसर: 13 पद
    3. असिस्टेंट प्रोफेसर: 4 पद

    अनुबंध आधार पर पदों की संख्या

    • असिस्टेंट प्रोफेसर: 3 पद

    आवेदन शुल्क

    • सामान्य, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी (एनसीएल) के लिए आवेदन शुल्क:
      • 1750 रुपये (जिसमें 250 रुपये प्रोसेसिंग फीस और 1500 रुपये परीक्षा शुल्क शामिल हैं)
    • एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी और महिला अभ्यर्थियों के लिए:
      • 1500 रुपये परीक्षा शुल्क

    आवेदन की प्रक्रिया

    • आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से किए जा सकते हैं।
    • अंतिम तिथि: 23 जनवरी 2025

    विभागों में पदों का वितरण

    हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के विभिन्न 20 विभागों में इन पदों का वितरण किया जाएगा:

    1. एनिमल साइंस: 2 पद
    2. केमिस्ट्री एंड केमिकल साइंस: 1 पद
    3. कंप्यूटेशनल बायोलाजी एंड बायोनिफारमेटिंग: 1 पद
    4. कंप्यूटर साइंस एंड इनफार्मेटिक्स: 2 पद
    5. दीनदयाल उपाध्याय स्टडी: 1 पद
    6. एन्वायरमेंट साइंस: 1 पद
    7. एचपी केंद्रीय विश्वविद्यालय बिजनेस स्कूल: 2 पद
    8. जियोलॉजी: 2 पद
    9. रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस: 2 पद
    10. वर्जुअल आर्ट्स: 1 पद
    11. जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन: 1 पद
    12. लाइब्रेरी एंड इनफार्मेशन: 2 पद
    13. गणित: 2 पद
    14. न्यू मीडिया: 2 पद
    15. पॉलिटिकल साइंस: 1 पद
    16. पंजाबी एंड डोगरी: 1 पद
    17. सोशोलाजी एंड सोशल एन्थोप्रोलॉजी: 1 पद
    18. संस्कृत: 1 पद
    19. टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट: 1 पद
    20. योगा: 1 पद

    अनुबंध आधार पर पदों का वितरण

    अनुबंध आधार पर भर्ती किए जाने वाले विभाग:

    1. सोशल वर्क
    2. अंग्रेजी
    3. जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन

    हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में टीचिंग स्टाफ के लिए 31 पदों पर भर्ती की जा रही है, जिसमें विभिन्न विभागों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 23 जनवरी 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से संबंधित शुल्क और अन्य विवरण ऊपर दिए गए हैं।

  • सुंदरनगर अस्पताल पर लापरवाही के आरोप, नवजात की मौत के बाद शिकायत दर्ज, स्वास्थ्य मंत्री से कार्रवाई की मांग

    सुंदरनगर अस्पताल पर लापरवाही के आरोप, नवजात की मौत के बाद शिकायत दर्ज, स्वास्थ्य मंत्री से कार्रवाई की मांग

    सुंदरनगर स्थित नागरिक अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बलख गांव के एक दंपति ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया है कि डिलीवरी के दौरान हुई लापरवाही के कारण उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई। मामले में मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है, और स्वास्थ्य मंत्री से कार्रवाई की मांग की गई है।

    शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और सभी मेडिकल टेस्ट सामान्य थे। बावजूद इसके, अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण डिलीवरी के बाद नवजात बच्चे की स्थिति गंभीर हो गई, और बच्चे की मौत हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने डॉक्टर से सिजेरियन ऑपरेशन की मांग की, तो अस्पताल ने उसे नॉर्मल डिलीवरी का निर्णय लिया और उनकी अनदेखी की। महिला ने बताया, “डॉक्टरों ने कहा कि चुप रहो, और हमने आपकी जान ले ली। हमें न तो किसी को भीतर आने दिया और न ही बाहर जाने दिया।”

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि अस्पताल में लेबर रूम में बदसलूकी होती है और महिला मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। उनका कहना है कि अस्पताल में जरूरी मशीनें और बुनियादी संरचना की कमी है, जो इस प्रकार की घटना को रोकने में मदद कर सकती थीं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    मंडी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर नरेंद्र भादवा ने मामले की जांच की बात कही है। उन्होंने कहा, “शिकायत मिलने के बाद जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने बताया कि सोमवार रात 8 बजे के आसपास डिलीवरी हुई थी, लेकिन डिलीवरी के बाद नवजात बच्चे की स्थिति ठीक नहीं थी, और कोई प्रतिक्रिया नहीं थी। हालांकि, इलाज के बाद भी बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी।

    डॉक्टर भादवा ने यह भी कहा कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर सही स्थिति का पता लगाया जाएगा।

  • कुपवी में प्रशासन की नाकामी / शिमला के कुपवी क्षेत्र में स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित, सरकारी दफ्तरों का संचालन बेहद अव्यवस्थित

    कुपवी में प्रशासन की नाकामी / शिमला के कुपवी क्षेत्र में स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित, सरकारी दफ्तरों का संचालन बेहद अव्यवस्थित

    मुख्य समस्याएँ और स्थानीय लोगों की शिकायतें

    शिमला के कुपवी क्षेत्र में स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण परेशान हैं और वे सरकार से समस्याओं के समाधान की गुहार लगा रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने कई बार कुपवी का दौरा किया है, लेकिन हर बार राजनीतिक बयानबाजी के अलावा कुछ भी ठोस कदम नहीं उठाए गए। विकास के मुद्दों को हमेशा नज़रअंदाज किया गया है, जिससे लोगों में निराशा फैल रही है।

    सरकारी दफ्तरों का अव्यवस्थित संचालन

    कुपवी में 30 से ज्यादा सरकारी विभागों के दफ्तर हैं, लेकिन इनमें से 25 कार्यालय निजी भवनों में चल रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पद खाली हैं और तहसील कार्यालय के नाम पर यहां सिर्फ एक कमरा है। इससे साफ जाहिर होता है कि कुपवी में सरकारी दफ्तरों का संचालन बेहद अव्यवस्थित और असुविधाजनक तरीके से किया जा रहा है।

    मुख्य बिंदु:

    • 32 सरकारी विभाग कुपवी में कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकांश निजी भवनों में चल रहे हैं।
    • कुपवी के तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पद खाली हैं।
    • तहसील कार्यालय के नाम पर केवल एक कमरा है और अन्य कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।

    विभागों के लिए भूमि की कमी

    स्थानीय लोग यह भी आरोप लगा रहे हैं कि कुपवी में सरकारी दफ्तरों के लिए न तो उचित भूमि चिन्हित की गई है और न ही इस दिशा में कोई ठोस कार्य किया जा रहा है। इस कारण कई विभागों को किराए के भवनों में कार्य करना पड़ रहा है। खासकर, 32 से 33 विभागों का संचालन किराए के मकानों में हो रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में कठिनाइयाँ आ रही हैं।

    मुख्य बिंदु:

    • कई सरकारी विभागों के पास अपनी जमीन नहीं है।
    • किराए के भवनों में सरकारी दफ्तरों का संचालन हो रहा है।

    एसडीएम कुपवी की प्रतिक्रिया

    एसडीएम कुपवी, अमन राणा, ने बताया कि इन समस्याओं को प्रशासन के समक्ष उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वयं उनका कार्यालय भी किराए के कमरे में चल रहा है और ये मुद्दे उच्च अधिकारियों तक पहुँचाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आईपीएच, पीडब्ल्यूडी, फॉरेस्ट, और अन्य विभागों के दफ्तरों का संचालन भी अधिकतर किराए के भवनों में हो रहा है, जबकि कुछ विभागों के पास अपनी भूमि और भवन भी हैं।

    मुख्य बिंदु:

    • एसडीएम अमन राणा ने उच्च अधिकारियों तक समस्याओं को पहुँचाने का आश्वासन दिया।
    • किराए के भवनों में विभिन्न विभागों का संचालन हो रहा है।

    निष्कर्ष

    कुपवी क्षेत्र में सरकारी दफ्तरों के संचालन की अव्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं का अभाव, स्थानीय लोगों के लिए लगातार एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। प्रशासन की ओर से केवल राजनीतिक बयानबाजी के अलावा ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों की अपेक्षाएँ हैं कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए और कुपवी में विकास के सही रास्ते पर काम शुरू किया जाए।

  • सोलन में पुलिस पेंशनरों की बैठक: लंबित मांगों पर चर्चा और समाधान की उम्मीद

    सोलन में पुलिस पेंशनरों की बैठक: लंबित मांगों पर चर्चा और समाधान की उम्मीद

    पुलिस पेंशनरों ने उठाई अहम मांगें
    सोलन में जिला पुलिस ने हाल ही में पुलिस पेंशनरों के साथ एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें उनके लंबित मुद्दों और मांगों पर चर्चा की गई। पेंशनरों ने सरकार से जल्द उनके लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने पुलिस भर्तियों में पूर्व पुलिस कर्मियों के बच्चों को आरक्षण देने की भी अपील की। इसके अतिरिक्त, मरणोपरांत पुलिस कर्मियों को सम्मान दिए जाने की भी मांग की गई है।

    मुख्य मुद्दे: वित्तीय लाभ, आरक्षण, और सम्मान
    पेंशनरों ने बताया कि 2016 के बाद उन्हें कुछ वित्तीय लाभ नहीं मिले हैं, जिन्हें जल्द से जल्द भुगतान किया जाना चाहिए। इसके अलावा, पुलिस कर्मियों के मेडिकल बिल भी वर्षों से लंबित हैं, जिसके कारण गंभीर बीमारियों से पीड़ित पेंशनरों को कठिनाई हो रही है। पेंशनरों ने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में पुलिस कर्मियों को समान अंतिम सम्मान मिलना चाहिए, चाहे वह सिपाही हो, थानेदार हो, या जीओ (ग्राम पंचायत कर्मचारी) हो।

    पुलिस अधिकारियों ने मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का किया वादा
    सोलन पुलिस के उप अधीक्षक अनिल धौल ने बैठक के दौरान पेंशनरों की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पेंशनरों के मुद्दों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उनका समाधान जल्द से जल्द हो सके। उप अधीक्षक ने कहा, “हमारे रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों के लिए जो समस्याएं हैं, जैसे मेडिकल बिल्स और पेंशन के मुद्दे, उनका निपटारा करना हमारी प्राथमिकता है। हम इन मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रहे हैं।”

    आगे की दिशा: समाधान के लिए प्रयास
    बैठक में पेंशनरों द्वारा उठाए गए मुद्दों को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने उनके समाधान के लिए कदम उठाने का वादा किया है। सोलन पुलिस की तरफ से कहा गया कि हर संभव प्रयास किया जाएगा ताकि पेंशनरों की समस्याओं का समय पर निवारण हो। पुलिस अधिकारियों ने पेंशनरों को आश्वस्त किया कि उनके मुद्दों को प्राथमिकता के साथ हल किया जाएगा, और इसके लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।

    सोलन में पुलिस पेंशनरों की बैठक में उठाए गए मुद्दों पर गहरी चिंता और समाधान की आवश्यकता व्यक्त की गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन और पुलिस विभाग इन मुद्दों को कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से हल करते हैं। पेंशनरों की मांगों के समाधान से उन्हें राहत मिलेगी और उनके द्वारा दिए गए योगदान को उचित सम्मान मिलेगा।

  • Himachal Weather Update / हिमाचल में फिर लौटेगा बारिश और बर्फबारी का दौर, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया

    Himachal Weather Update / हिमाचल में फिर लौटेगा बारिश और बर्फबारी का दौर, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया

    मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया

    हाल ही का मौसम और तापमान

    प्रदेश में हाल ही में हुई बारिश और बर्फबारी के बाद फिलहाल मौसम साफ है। हालांकि, तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड में इजाफा हुआ है।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान

    मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए प्रदेश के निचले और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक शोभित कटियार के अनुसार, 27 दिसंबर की दोपहर से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू होगा।

    “प्रदेश के निचले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिलेगी। यह दौर 29 दिसंबर की सुबह तक जारी रहेगा।”

    प्रभाव क्षेत्र

    • निचले क्षेत्र: हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।
    • उच्च पर्वतीय क्षेत्र: मध्यम से भारी बर्फबारी की चेतावनी।

    चेतावनी और एहतियात

    मौसम विभाग ने इस मौसम से जुड़े खतरों को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

    मौसम की स्थिति में बदलाव

    शोभित कटियार ने बताया कि 29 दिसंबर के बाद से बारिश और बर्फबारी का यह दौर प्रदेश से बाहर निकल जाएगा। उसके बाद प्रदेश में मौसम साफ रहने की उम्मीद है।

    मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए प्रदेशवासियों को अगले दो दिनों तक सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते यातायात प्रभावित हो सकता है।