Category: SHRI RENUKA JI

  • अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेला 2022- कलाकारों के चयन के लिए यहाँ होंगे ऑडिशन

    अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेला 2022- कलाकारों के चयन के लिए यहाँ होंगे ऑडिशन

    HNN/ श्रीरेणुकाजी

    अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेला-2022 के लिये कलाकारों का चयन ऑडिशन के माध्यम से किया जाएगा। ऑडिशन में सिरमौर सहित अन्य जिलों से श्रेणी सी व डी के कुल 60 कलाकार चयनित किये जाएंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त एवं अध्यक्ष श्री रेणुकाजी विकास बोर्ड आर.के. गौतम ने कहा कि कलाकारों के चयन के लिये ऑडिशन आगामी 31 अक्तूबर को प्रातः 9 बजे एसएफडीए सभागार में होंगे।

    उपायुक्त ने कहा कि ऑडिशन में चयनित कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेला-2022 की सांस्कृतिक संध्याओं में 3 नवम्बर से 7 नवम्बर तक प्रस्तुतियां देने का अवसर प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑडिशन कलाकार चयन समिति की निगरानी में गीत-संगीत के प्राध्यापकों द्वारा की जाएंगी। इच्छुक कलाकारों को 31 अक्तूबर को प्रातः 9 बजे पहुंचने को कहा गया है हालांकि ऑडिशन देर सांय तक चलेंगे। कलाकारों का पंजीकरण मौके पर ही किया जाएगा।

    इसके अलावा इच्छुक कलाकार अपना आवेदन जिला भाषा अधिकारी सिरमौर को उनकी मेल पर 30 अक्तूबर तक कर सकते हैं। चयनित कलाकारों को उनके लिये निर्धारित प्रस्तुति की तिथि के अनुसार दूरभाष के माध्यम से एक दिन पूर्व सूचित किया जाएगा। ऑडिशन में भाग लेने वाले कलाकारों के लिये आने-जाने व ठहरने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। उन्होंने कहा कि श्रेणी ए तथा बी के स्थापित कलाकारों का चयन सांस्कृतिक समिति द्वारा उनके आवेदनों तथा पूर्व में गायन के रिकॉर्ड व अनुभव के आधार पर किया जाएगा।

  • श्री रेणुकाजी मेले में इतने नवम्बर को महिलाओं का अलग से होगा विशाल दंगल

    श्री रेणुकाजी मेले में इतने नवम्बर को महिलाओं का अलग से होगा विशाल दंगल

    3 नवम्बर को मुख्य सचिव आर.डी. धीमान करेंगे अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले का शुभारंभ

    HNN / श्री रेणुका जी

    अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले का शुभारंभ आगामी 3 नवम्बर को हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव आर.डी. धीमान करेंगे। वह दोपहर एक बजे ददाहू पहुंच जाएंगे और सवा एक बजे भगवान परशुराम जी की शोभा यात्रा का शुभारंभ करेंगे। दोपहर में वह खेलकूद प्रतियागिताओं का उद्घाटन करने के उपरांत सांय 6 बजे अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले का विधिवत शुभारंभ करेंगे।

    उपायुक्त आर.के. गौतम ने श्री रेणुकाजी मेले की तैयारियों को लेकर कार्यालय सभागार में एक बैठक आयोजित की। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेला इस साल बड़ी धूमधाम के साथ आयोजित किया जाएगा। दो साल कोरोना महामारी के चलते सांस्कृतिक गतिविधियों सहित अनेक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जा सका। उपायुक्त ने कहा कि मेले के दूसरे दिन चार नवम्बर को पुरूषों का विशाल दंगल होगा जिसमें विजेता व उप-विजेता को आकर्षक इनाम दिया जाएगा।

    दंगल में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू व कश्मीर, उत्तर प्रदेश , उत्तराखण्ड व दिल्ली से अनेक नामी पहलवानों के आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा पहली बार महिलाओं की अलग से कुश्ती प्रतियोगिता पांच नवम्बर को आयोजित की जाएंगी। विजेता को 51 हजार रुपये जबकि उप-विजेता को 31 हजार रूपये के आकर्षक पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं को दंगल में भाग लेने की अपील की है।

    गौतम ने कहा कि खेलकूद प्रतियोगिताओं में कब्बडी, वॉलीबॉल , बास्केटबॉल व बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के लिये ट्राफी सहित आकर्षक नकद पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे। ये प्रतियोगिताएं मेले के सभी छः दिनों तक चलेंगी। इसके लिये उपायुक्त ने समितियों का गठन भी किया। उन्होंने कहा कि समस्त पदाधिकारी अभी से प्रतियागिताओं को सुचारू रूप से सम्पन्न करवाने के कार्य में जुट जाएं।

    उपायुक्त ने कहा कि सांस्कृतिक संध्याएं मेले के मुख्य आकर्षण होंगी। इसके लिये उन्होंने अभी से कलाकारों का चयन करने के लिये समिति को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला के कलाकारों को विशेष अधिमान दिया जाएगा। इसके साथ जाने-माने हिमाचली कलाकारों की प्रस्तुतियां भी हर रोज होंगी। उन्होंन कहा कि प्रत्येक संध्या को एक विशेष थीम दिया गया है। 3 नवम्बर को हिंदी स्टार नाईट होगी जिसमें हारमॉनी आफ द पाइन्स मुख्य रूप से परफोर्म करेंगे। भगवान परशुराम जी का जीवन वृतांत भी इसी दिन आयोजित किया जाएगा।

     दूसरे दिन सिरमौरी नाईट होगी जिसमें विशुद्ध रूप से सिरमौर के कलाकारों को अवसर प्रदान किया जाएगा। तीसरी संध्या पांच नवम्बर को पंजाबी नाईट होगी। जबकि 6 नवम्बर को हिमाचली नाईट में हिमाचल के जाने-माने कलाकार दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। सात नवम्बर को भारतीय संस्कृति के दर्शन होंगे जिसमें देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी। उपायुक्त ने कहा कि 60 कलाकारों का चयन ऑडिशन के माध्यम से किया जाएगा।

    ये ऑडिशन आगामी 31 अक्तूबर को नाहन में होंगे। इसके लिये अलग से सूचना दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार गायन में ‘द सिरमौर सिंगर’ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। आर.के. गौतम ने कहा कि 8 नवम्बर को अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले का समापन राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर करेंगे। इस दिन वह स्मारिका का विमोचन भी करेंगे।

  • गिरी नदी का फिर बढ़ा जलस्तर: जटौन डैम का गेट खोला, लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील

    गिरी नदी का फिर बढ़ा जलस्तर: जटौन डैम का गेट खोला, लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील

    HNN / श्री रेणुका जी

    हिमाचल के जिला सिरमौर में गिरी नदी का जलस्तर अचानक एक बार फिर बढ़ गया है। जिस कारण श्री रेणुका जी प्रबंधन द्वारा जटौन बांध के 6 नंबर गेट को सुबह खोल दिया गया हैं। ऐसे में गिरी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को नदी के करीब न जाने की अपील की गई है।

    गिरी जटौन डैम प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार डैम से पानी छोड़े जाने की स्थिति में इसके अंतर्गत आने वाली पंचायत, मैदानी इलाकों में जल स्तर बढ़ सकता है। बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा होने की संभावना हो सकती है।

    उन्होंने जनता से अपील की है कि वह नदी किनारे व उसके आसपास जाने से परहेज करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सिरमौर के निशुल्क दूरभाष नंबर 1077 पर तुरंत संपर्क करें।

  • अपनी ही पंचायतों में कमजोर पड़े भाजपा के नारायण सिंह

    अपनी ही पंचायतों में कमजोर पड़े भाजपा के नारायण सिंह

    सवर्ण मोर्चा और आम आदमी पार्टी कांग्रेस से ज्यादा बिगाड़ेंगी भाजपा के समीकरण

    HNN / श्री रेणुका जी

    श्री रेणुका जी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के अभेद्य दुर्ग को भेद पाना भाजपा के लिए और ज्यादा मुश्किल हो गया है। भाजपा द्वारा तीन-तीन दिग्गजों को हाशिए पर रख मैदान में उतारे गए नारायण सिंह अपनी ही पंचायतों में पिछड़ते नजर आ रहे हैं। नारायण की गृह पंचायत काकोग, माईना, रजाना की अगर बात की जाए तो इन पंचायतों में करीब दो से ढाई हजार के बीच वोटर्स हैं। कांग्रेस के प्रत्याशी रहे विनय कुमार को पिछले इलेक्शन में इन पंचायतों से करीब 1000 मतों की बढ़त मिली थी।

    इसकी बड़ी वजह यह भी मानी जा सकती है कि यह क्षेत्र एससी बाहुल है। यही नहीं, आसपास की कई पंचायतों में एससी वोटर्स की संख्या ज्यादा है। यह वर्ग हाटी को कथित एसटी का दर्जा दिए जाने पर काफी नाराज चला हुआ है। असल में गिरीपार जनजातीय क्षेत्र की मांग को लेकर बनाया गया संगठन जिसे हाटी नाम दिया गया था वह गैर राजनीतिक था। मगर बगैर नोटिफिकेशन के केंद्र सरकार द्वारा हाटी को एसटी का दर्जा देने की घोषणा के बाद इसका राजनीतिकरण हो गया। अब भाजपा के प्रत्याशियों के साथ इन क्षेत्रों में कथित हाटी साथ घूम रहे हैं।

    मगर यह वाले हाटी अब अलग-थलग माने जा रहे हैं। यानी क्षेत्र की जनता ने इन पर भाजपाई होने का आरोप भी जड़ दिया है। यह पूरा फैक्टर भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ जा रहा है। अब यदि बात की जाए इस विधानसभा क्षेत्र में दो नए चेहरे भी मैदान में उतरे हैं। जिनमें आम आदमी पार्टी से सेवानिवृत्त कर्नल राम कृष्ण है। तो वही, सवर्ण मोर्चा से चाढना के रहने वाले जगमोहन उम्मीदवार है। यानी जो सवर्ण मोर्चा हाटी को लेकर भाजपा को समर्थन दे रहा था उस वोट बैंक में सेंधमारी हो गई है। राजपूत और सवर्ण वर्ग जिसमें कुछ ब्राह्मण भी शामिल है वह सवर्ण मोर्चा को सपोर्ट करेंगे।

    आम आदमी और सवर्ण मोर्चा दोनों कांग्रेस और बीजेपी दोनों के प्रत्याशियों को नुक्सान पहुंचा रहे हैं। मगर इसका असली असर भाजपा प्रत्याशी पर पड़ने वाला है। एक बात तय है कि जो हाल ही में शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप आदि के द्वारा जो एकजुटता का पाठ पढ़ाया गया है उसका असर भी कुछ खास नहीं पड़ा है। हालांकि बीते कल मुख्यमंत्री सहित संजय टंडन आदि ने दावेदारी में रहे प्रत्याशियों से बातचीत भी करी थी। इस बातचीत का असर यह हुआ कि जहां पूर्व में प्रत्याशी रहे बलबीर चौहान आजाद उम्मीदवार मैदान में उतरने की तैयारी में थे , अब वह विड्रा कर चुके हैं।

    मगर एक बात इस विधानसभा क्षेत्र में ज्यादा सुनी जा रही है वह यह कि बलबीर को टिकट न दिए जाने को लेकर उनके गृह क्षेत्र के आसपास की कई पंचायतों में काफी रोष भी है। दूसरी, सबसे मजबूत दावेदारी पूर्व विधायक रूप सिंह की थी। वही, रूप सिंह और बलबीर, अरुण को लेकर सहमत भी हो चुके थे। मगर ऐन वक्त पर नारायण सिंह का एंटर होना बहुत से भाजपाइयों को अखर गया है। इस क्षेत्र के एससी वर्ग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उनके अधिकारों को छीनने वाली सरकार के साथ वह बिल्कुल नहीं जाएंगे। वही बता दें कि हरिपुरधार क्षेत्र के कुछ खास बड़े भाजपाई चेहरों ने हटकर रणनीति भी तैयार की है।

    यह रणनीति भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में बिल्कुल भी नहीं थी। इन लोगों का कहना है कि चाहे कांग्रेस हो चाहे भाजपा दोनों ने इस ऊपरी क्षेत्र को कभी आगे नहीं आने दिया। इस क्षेत्र के भाजपाइयों को इस बार ऊपरी क्षेत्र के दो प्रमुख चेहरों पर बड़ी उम्मीदें भी थी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि भले ही नारायण सिंह कुछ युवा चेहरों को लुभा कर रण क्षेत्र में डटे हुए हैं, मगर जीत अभी भी उनसे कोसों दूर है। जिन लोगों के दम पर नारायण सिंह को टिकट हासिल करने में मदद मिली थी वह चेहरे खुद अपने चुनाव में अब पूरी तरह से उलझे हुए हैं। ऐसे में नारायण सिंह के पास एक सफल रणनीतिकार की भी बड़ी कमी बनी रहेगी।