जिला सिरमौर में एक युवक की दर्दनाक मृत्यु हो गई है। इस दौरान ड्रिल मशीन की चपेट में आने से गले में मफलर कस गया जिस कारण दम घुटने के चलते युवक की मौत हो गई। मामला सिरमौर जिले के ददाहू के साथ सटे कटाह शीतला पंचायत के खैरी चांगन गांव का है।
खैरी चांगन निवासी नरेश कुमार (25) बिजली बोर्ड के ठेकेदार के पास कार्यरत था। जब वह शेड में ड्रिल मशीन से काम कर रहा था तो अचानक गले में डाला मफलर मशीन में फंस गया। इसी दौरान युवक का दम घुटने लगा जिस कारण उसकी मौत हो गई।
उधर, रेणुका थाने के एसएचओ रंजीत राणा ने हादसे की पुष्टि करते बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची थी। पुलिस ने मृतक के शव को सिविल अस्पताल ददाहू से नाहन मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इसके साथ ही ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
अदालत के आदेश के बाद रेणुका बांध प्रबंधन हरकत में आ गया है। उन्होंने 15 दिन के भीतर एलएओ को संबंधित भू-मालिकों को राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बीते शुक्रवार को रेणुका बांध प्रबंधन की संपत्ति अटैच करने के आदेश दिए हैं। यह राशि 42 करोड़ के करीब आंकी गई है। इसका भुगतान बांध प्रबंधन विस्थापितों को नहीं कर पाया है।
विस्थापितों ने इस मामले को अदालत में चुनौती देने के साथ ही अपनी राशि का भुगतान करने की मांग की थी। अदालत ने फैसले की सुनवाई के दौरान रेणुका बांध प्रबंधन को फटकार लगाते हुए तमाम संपत्ति अटैच करने के आदेश जारी किए। लिहाजा, बांध प्रबंधन अगले ही दिन हरकत में आ गया और उन्होंने एलएओ से संपर्क साध कर आगामी दो सप्ताह के भीतर यह राशि संबंधित विस्थापितों को अदा करने को कह दिया है।
बताया जा रहा है कि यह राशि भू-अर्जन अधिकारी शिमला की ओर से ही विस्थापितों को दी जानी है। इसको लेकर बांध प्रबंधन ने विशेष तौर पर भू-अर्जन अधिकारी को ई मेल भेजकर संबंधित भू-मालिकों की राशि अदा करने को कहा है।
मुआवजा न मिलने पर विस्थापितों ने अदालत में दी थी चुनौती
HNN/ श्री रेणुका जी
रेणुकाजी बांध परियोजना से जुड़े विस्थापितों के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांध प्रबंधन की तमाम संपत्ति अटैच करने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने आगामी 7 दिनों के भीतर डैम प्रबंधन की तमाम संपत्ति की सूची सौंपने के लिए कहा है, ताकि इस संपत्ति से विस्थापितों के मुआवजे का भुगतान किया जा सके।
जानकारी के अनुसार रेणुकाजी बांध में मर्ज होने वाले मौजा दीद-बगड़ के विस्थापितों के करीब 42 करोड़ रुपये के मुआवजे का भुगतान बांध प्रबंधन अभी तक नहीं कर पाया है। विस्थापितों ने इस मामले को अदालत में चुनौती दी थी। विस्थापितों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता एमपी कंवर ने बताया कि शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान रेणुका बांध की तमाम संपत्ति अटैच करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इस मामले की अगली सुनवाई दो जनवरी को रखी गई है। रेणुकाजी बांध के महाप्रबंधक एमके कपूर ने बताया कि उन्हें अदालत के फैसले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। मुआवजे के भुगतान की जिम्मेवारी भू-अर्जन अधिकारी (एलएओ) की है। भू-अर्जन अधिकारी से तुरंत संपर्क करके इस बारे में पूर्ण जानकारी ली जाएगी।
श्री रेणुका जी-संगड़ाह-हरिपुरधार सड़क पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा पेश आया है जहां एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। इसके अलावा इस हादसे में 1 अन्य घायल हुआ है जिसे स्थानीय अस्पताल से मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लायक राम निवासी ठकराड़ा और रामलाल बुधवार सुबह दिहाड़ी लगाने के लिए घर से बाइक पर सवार होकर निकले थे।
इसी दौरान जैसे ही वह दनोई के समीप पहुंचे तो उनकी बाइक हादसे का शिकार हो गई। इस दौरान पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में बाइक आ गई जिससे दोनों व्यक्ति नीचे गिर पड़े और बुरी तरह से घायल हो गए। हादसे में लायक राम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि रामलाल बुरी तरह से घायल हुआ जिसे स्थानीय लोगों द्वारा उपचार के लिए सिविल अस्पताल ददाहू पहुंचाया गया।
यहां पर चिकित्सकों ने व्यक्ति की गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर किया है। बताया जा रहा है कि हादसा इतना भयानक था कि रामलाल की टांग ही कट गई। रेणुकाजी पुलिस थाने के एसआई माधवराम ने हादसे की पुष्टि की है।
एक ओर जहां श्री रेणुका जी मेला मां रेणुका जी झील और परशु तालाब के अस्तित्व को लेकर संकट का सायरन बजा चुका है वही मेले का अंतरराष्ट्रीय दर्जा किसी भी मायने में एक स्थानीय मेले से अधिक नहीं है। जबकि अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त श्री रेणुका जी मेला ना केवल करोड़ों की इनकम जनरेट कर सकता है बल्कि धार्मिक महत्वत के चलते देश सहित विदेशी धार्मिक पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है। मौजूदा समय श्री रेणुका जी झील के अस्तित्व पर लंबे समय से बड़ा संकट भी जारी है।
वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर नरेंद्र मीणा के द्वारा वर्ष 2010 में प्रदेश की अन्य झीलों सहित श्री रेणुका जी झील का गहन अध्ययन किया गया था। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर नरेंद्र मीणा के अनुसार, यह झील काफी संकट की स्थिति में है। उन्होंने यह भी बताया था कि इस झील की अधिकतम गहराई 13 मीटर और दूसरी ओर केवल 8 मीटर ही रह गई है। अब यदि बात की जाए धार्मिक महत्व से इसके संरक्षण की तो इसमें अब एक बड़ा और कड़ा निर्णय लेने की जरूरत है। इस प्राकृतिक झील को सबसे ज्यादा नुक्सान मेले के दौरान ही होता है।
ऐसे में अब यह जरूरत महसूस की जा रही है कि झील के नजदीक कुरजा पवेलियन में मेले के दौरान लगाए जाने वाली दुकानें गिरी नदी के बेसिन में शिफ्ट की जानी चाहिए। वही अंतरराष्ट्रीय दर्जा के तहत इसका धार्मिक महत्व और अधिक परिष्कृत होना जरूरी है। मेले के दौरान प्रमुख पालकियों के साथ आने वाले पुजारियों का कहना है कि इस मेले में मां रेणुका जी और भगवान परशुराम जी की ओर से प्रदेश के सभी देवी देवताओं को निमंत्रण दिए जाने चाहिए। अब यदि इस मेले के दौरान प्रदेश के अन्य देवी-देवता कुब्जा पवेलियन में सजाए जाते हैं तो यहां का नजारा भव्य हो जाएगा।
श्री रेणुका जी विकास बोर्ड से जुड़े माता राम आदि का कहना है कि यदि प्रदेश के अन्य देवी-देवता यहां आते हैं तो धार्मिक पर्यटकों की संख्या भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाएगी। यही नहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मेले में आने वाली भीड़ जो झील के आसपास जंगल आदि में शौच करती हैं उससे भी निजात मिल जाएगी। देवी-देवताओं के एक स्थान पर दर्शनार्थ पहुंचने पर लोग खुद ब खुद आसपास गंदगी फैलाने से गुरेज करेंगे। वही मेले के दौरान आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या व अन्य गतिविधियां सहित तमाम दुकानें गिरी नदी के बेसिन में लगनी चाहिए।
अब यदि सांस्कृतिक संध्या व तमाम दुकानें गिरी नदी के बेसिन में लगती है तो ना केवल प्रशासन व पुलिस प्रशासन की सर दर्दी कम होगी बल्कि मेले के दौरान ट्रैफिक समस्या से भी निजात मिल जाएगी। गिरी नदी का बेसिन इतना बड़ा है कि यहां पर सैकड़ों वाहन पार्क भी किए जा सकते हैं। नदी के बेसिन में टेंटिंग की व्यवस्था कर लोगों को ठहरने के लिए भी उचित स्थान मिल सकता है। बड़ी बात तो यह है कि नदी के बेसन में यदि तमाम वाणिज्य गतिविधियां की जाती है तो भारी भरकम मूल्यों में की जाने वाली प्लाट्स की नीलामी से भी लोगों को राहत मिलेगी।
1000-2000 रूपए में नदी का बेसिन छोटे स्थानीय दुकानदारों और किसानों को भी बड़ी राहत देगा। यही नहीं मेले के दौरान फैलने वाला प्रदूषण बरसातों के दिनों में खुद-ब-खुद साफ भी हो जाएगा। जिला सिरमौर के बुद्धिजीवी वर्ग का भी मानना है कि श्री रेणुका जी मेले को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने को लेकर अब बड़े बदलाव की भी जरूरत है। वही यदि इस झील के प्राचीन रूप को वापिस अस्तित्व में लाने की बात की जाए तो वाडिया इंस्टीट्यूट इसके लिए रामबाण साबित होगा।
इसकी बड़ी वजह 2010 में डॉक्टर मीणा के द्वारा कई दिन तक की गई झील की रिसर्च है। डॉक्टर मीणा का कहना है कि सबसे जरूरी है इस झील से गाद को निकालना। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस झील को लेकर रिसर्च किया है जिसमें इस झील को पुनः उसके प्रारूप में लाने के भी वैज्ञानिक तरीके निकाले गए हैं। अब सवाल यह उठता है कि यदि प्रदेश सरकार इस पवित्र झील के संरक्षण को लेकर गंभीर होती है तो निश्चित ही उन्हें वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान की रिसर्च का सहारा लेना ही होगा।
यही नहीं सरकार व प्रशासन यदि इस मेले के आयोजन को लेकर आमूलचूल परिवर्तन करता है तो निश्चित ही प्रदेश की जीडीपी के लिए यह मेला और धार्मिक स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होगा। बरहाल, यदि पूरे प्रदेश के देवी-देवता मां रेणुका जी और भगवान परशुराम जी के बुलावे पर इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल पर आते हैं तो निश्चित रूप से इसे बड़ी उपलब्धि माना जाएगा।
अब यदि इस मेले से होने वाली आमदनी की बात की जाए तो इस बार यह आंकड़ा केवल 79 लाख रुपए तक ही सिमटकर रह गया है। जबकि इस मेले के आयोजन में करीब 61 लाख रुपए का खर्चा आया। प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले में इस वर्ष तीन लाख के आसपास लोग आए थे। यहां यह भी बताना जरूरी है कि नवरात्रों में लगने वाले मां बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में एक करोड़ से भी अधिक की इनकम हो जाती है।
वही, उपायुक्त जिला सिरमौर आरके गौतम का कहना है कि इस विषय को लेकर पुजारियों से बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल झील नहीं बल्कि धार्मिक भावना के अनुसार इसे मां का दर्जा मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र रेणुका झील और भगवान परशुराम जी के तालाब के संरक्षण को लेकर निश्चित रूप से महत्वपूर्ण प्रयास किए जाएंगे।
रेणुका जी ददाहू में रेणुका यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के बैनर तले राष्ट्रीय प्रेस दिवस का आयोजन का किया गया। ‘‘राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका’’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में विभिन्न अखबारों व सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कार्यवाहक बीडीओ परमजीत सिंह ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि समाज को मीडिया से काफी उम्मीदें हैं।
पत्रकारों को खबरों की तह तक जाकर जांच कर ही छापनी चाहिए। यूनियन के प्रधान नरेंद्र वर्मा व महासचिव योगेंद्र अग्रवाल ने कहा कि पत्रकारों को इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते देश की स्वतंत्रता व खबरों को दांव पर नहीं लगने देना चाहिए। क्योंकि समाज में प्रत्येक वर्ग की नजरें पत्रकारों की गतिविधियों पर टिकी रहती है। पत्रकार दीपक जोशी व अन्य पत्रकारों ने राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका पर विचार संगोष्ठी के माध्यम से अपने विचार रखें।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि श्री रेणुका जी मेला भगवान परशुराम का अपनी माँ रेणुका जी के प्रति श्रद्धा और भक्ति की अभिव्यक्ति है। यह भारतीय समाज के समृद्ध मूल्यों का प्रतीक है। वह आज सिरमौर जिले में अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि मेले और त्योहार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के द्योतक हैं और इन्हें हर कीमत पर संरक्षित किया जाना चाहिए।
उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए लोगों को बधाई दी और कहा कि माता रेणुका जी के प्रति अपनी धार्मिक आस्था है तथा प्रदेश और देश के विभिन्न स्थानों से लोग यहां दर्शन करने आते हैं। उन्होंने भगवान परशुराम जी और माता रेणुका जी के मंदिरों में पूजा की और ‘देव विदाई’ समारोह में भी भाग लिया। इसके उपरांत, राज्यपाल ने पूर्व सैनिक संगड़ाह और स्पोर्ट्स क्लब शिलाई के बीच खेले गए अंतिम कबड्डी मैच को भी देखा, जिसे शिलाई टीम ने जीता।
उन्होंने मेले के दौरान आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं में विजेता टीमों को पुरस्कार भी प्रदान किए। जिसमें महिला बैडमिंटन प्रतियोगिता में सतौन की कशिश प्रथम उपविजेता रहीं, जबकि स्वाति विजेता रहीं। पुरुष वॉलीबॉल में सेन धार प्रथम उपविजेता रहा और ए.के.एम. ददाहू विजेता टीम रही। पुरुष बास्केटबॉल प्रतियोगिता में नाहन सीनियर्स प्रथम उपविजेता रही और एम.एम.यू. अंबाला विजेता टीम रही।
महिला बैडमिंटन में इकबाल क्लब पांवटा साहिब प्रथम उपविजेता रही और नाहन बालर्स विजेता रही। उपायुक्त एवं अध्यक्ष श्री रेणुकाजी विकास बोर्ड, राम कुमार गौतम ने राज्यपाल का स्वागत किया और मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने मेले में आयोजित विभिन्न गतिविधियों की भी जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा, रेणुका विकास बोर्ड के पदाधिकारी, क्षेत्र के गणमान्य लोग एवं जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
नारायण सिंह के पास ना विजन और ना ही कोई मुद्दा, जनता कैसे करेगी स्वीकार
HNN / श्री रेणुका जी
श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा अब चारों खाने चित्त होती नजर आ रही है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी विनय कुमार के कांग्रेसी किले को भेद पाने में नाकाम साबित रही है। श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेसी प्रत्याशी विनय कुमार ने स्मृति ईरानी के नारायणूं सीरियल को फ्लॉप करार दे दिया है। विनय कुमार ने कहा कि भाजपा पार्टी एक मतलब परस्त पार्टी है। उन्होंने कहा कि नौकरी छोड़ कर लगातार संगठन और सरकार के लिए काम करने वाले बलवीर सिंह को पार्टी ने दूध में से मक्खी की तरह निकाल कर फेंक दिया।
उन्होंने कहा श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र में चाहे भाजपा का नेता हो या किसी अन्य पार्टी का हमारे संस्कार अतिथि को देव समान समझने के हैं। मगर जनता अच्छी तरह से जानती हैं कि इस क्षेत्र की हर बड़ी से बड़ी योजना को पूर्व में रही कांग्रेस सरकार ने ही पटल पर उतारा था। भाजपा की डबल इंजन सरकार ना तो इस क्षेत्र से बेरोजगारी को खत्म कर पाई हैं और ना ही इस क्षेत्र के लिए कोई बड़ी योजना क्रियान्वित कर पाई है। उन्होंने कहा कि श्री रेणुका जी बांध परियोजना कांग्रेस पार्टी की देन है।
विनय कुमार ने यह भी कहा कि डबल इंजन की सरकार के बावजूद हमारे क्षेत्र के बहुत से गरीब लोगों को शिमला में दिहाड़ी मजदूरी करने जाना पड़ता है। जहां पर सिरमौरी कहकर उनका उपहास उड़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में रही कांग्रेस सरकार ने पर्यटन के नजरिए से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया था। यही नहीं पूर्व सरकार ने यह सुनिश्चित किया था कि यहां के बेरोजगारों को औद्योगिक क्षेत्रों में 70 फ़ीसदी रोजगार सुनिश्चित किया जाए। बावजूद इसके डबल इंजन सरकार इस क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के लिए कोई भी योजना नहीं बना पाई है।
वही नारायण सिंह के प्रचार में पहुंची केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी केवल धर्म के नाम पर लोगों को बांट कर चली गई। विनय कुमार ने कहा कि स्मृति ईरानी को यह नहीं मालूम कि भगवान राम सबके भगवान हैं अकेले भाजपा के नहीं। गौरतलब हो कि डबल इंजन सरकार के होने के बावजूद ना तो गिरी नदी का तट्टीकरण किया गया है और ना ही जलाल नदी के बड़े भू-भाग का कोई बड़ी योजना के लिए इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने कहा कि ददाहू में एविएशन टीम के द्वारा एक निरीक्षण भी किया गया था।
जिसमें जलाल नदी के बड़े भू-भाग पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाए जाने को लेकर एक बेहतर स्पॉट बताया गया था। इस नदी का चैनेलाइजेशन कर यहां पर एक लंबा चौड़ा एयरपोर्ट बनाकर इस क्षेत्र को पर्यटन के नजरिए से दुनिया के नक्शे पर रखा जा सकता था। यही नहीं इस क्षेत्र में एयरपोर्ट बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर का बाजार भी स्थानीय लोगों को रोजगार परक बना सकता था। बावजूद इसके भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह इस विधानसभा क्षेत्र के सुनहरे भविष्य का क्या विजन होगा यह भी नहीं बता पाए हैं।
भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह के पास मुद्दों के लिए भारी कमी देखी जा रही है। हैरानी तो इस बात की है कि जिस स्थान पर स्मृति ईरानी की जनसभा करवाई गई उस जनसभा में करीब 2500 कुर्सियां लगवाई गई थी, जिनमें से आधी से ज्यादा खाली रही। तो वही बेचड का बाग धारटी में विनय कुमार के द्वारा ठीक उसी दौरान अपने दम पर एक रैली का आयोजन करवाया गया। जिसमें भारी तादाद में जुटे स्थानीय लोगों ने विनय कुमार को अपना समर्थन दिया।
यहां यह भी बताना जरूरी है कि भाजपा के पूर्व प्रत्याशी विनय कुमार के निष्कासन के बाद भाजपा के एक बड़े धड़े में नाराजगी भी चल रही है। यही वजह रही कि स्मृति ईरानी की जनसभा में स्थानीय लोगों की जगह केवल बाहरी लोग ही बुलाए गए नजर आए।
अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले का आज पांचवा दिन है। वही, कल मेले का समापन हो जायेगा। मेले के चौथे दिन जहां दोपहर के समय खेल प्रतियोगिताएं आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। तो वहीं शाम के कार्यक्रमो में सांस्कृतिक संध्याओ ने खूब समा बांधा।
मेले की चौथी संध्या इंडियन आइडल फेम नितिन कुमार के नाम रही। नितिन ने मंच संभालते ही सर्व प्रथम मेरा भोला है भंडारी भजन से अपनी आवाज का जादू बिखेरा। तो, वही लोक वाद्य दलों की प्रस्तुतियों ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से मेले में आए लोगों का मनोरंजन किया।
बता दे कि हर वर्ष श्री रेणुकाजी मेले में लोक वाद्य दलों की प्रतियोगिता करवाई जाती है, लेकिन इस बार प्रतियोगिता न करवा कर उन्हें स्तुति देने के लिए ही आमंत्रित किया गया है।
छः दिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेला-2022 का कल मंगलवार को सम्पन्न हो जाएगा। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर 8 नवंबर 2022 को एक दिवसीय दौरे पर सिरमौर आएंगे। वह मेले के समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। उपायुक्त ने बताया कि राज्यपाल दोपहर 1:30 बजे ददाहू पहुंचेगे और मुख्य मंदिर परिसर में शीश नवाएंगे।
इसके पश्चात देवपालकियों को कंधा देकर विदाई देंगे। राज्यपाल रेणू मंच से समापन समारोह की अध्यक्षता करेगें। इसके बाद राज्यपाल अंतरराष्ट्रीय रेणुका जी मेला के मुख्य आकर्षण रहे खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत करेंगे।