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  • JNV / जेएनवी पेखुबेला में कक्षा 9वीं व 11वीं की प्रवेश परीक्षा 7 फरवरी को होगी आयोजित

    JNV / जेएनवी पेखुबेला में कक्षा 9वीं व 11वीं की प्रवेश परीक्षा 7 फरवरी को होगी आयोजित

    जवाहर नवोदय विद्यालय पेखुबेला में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं की प्रवेश परीक्षा 7 फरवरी को आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी संबंधित वेबसाइट से समय पर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    7 फरवरी को होगी प्रवेश परीक्षा
    पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) पेखुबेला के प्राचार्य राज सिंह ने जानकारी दी कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा नवमीं और कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश हेतु लिखित परीक्षा 7 फरवरी को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से योग्य विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।

    एडमिट कार्ड ऑनलाइन होंगे उपलब्ध
    प्राचार्य ने बताया कि कक्षा 9वीं की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र आधिकारिक वेबसाइट https://cbseitms.nic.in/2025/nvsix_9 से डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं कक्षा 11वीं की प्रवेश परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र https://cbseitms.nic.in/2025/nvsxi_11 वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

    निर्देशों के पालन की अपील
    प्राचार्य राज सिंह ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय रहते अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड करें और परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की असुविधा न हो।

  • ड्राइविंग टेस्ट के दौरान सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर लोगों को किया गया जागरूक

    ड्राइविंग टेस्ट के दौरान सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर लोगों को किया गया जागरूक

    ड्राइविंग टेस्ट और वाहन पासिंग प्रक्रिया के दौरान आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    ड्राइविंग टेस्ट के दौरान जागरूकता कार्यक्रम
    हरोली विधानसभा क्षेत्र के कांगड़ मैदान में आयोजित ड्राइविंग टेस्ट एवं वाहन पासिंग प्रक्रिया के दौरान आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, मोटर वाहन निरीक्षक समीर दत्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

    सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी
    क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ऊना अशोक कुमार ने वाहन चालकों और आवेदकों को सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के प्रयोग से बचाव, गुड समेरिटन नियमों तथा सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

    यातायात नियमों के पालन की अपील
    आरटीओ अशोक कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों की पालना से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है, बल्कि अनमोल मानव जीवन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

    जनवरी माह में सड़क सुरक्षा अभियान
    आरटीओ ने जानकारी दी कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जनवरी माह के दौरान देशभर में सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा भी सड़क सुरक्षा माह – जनवरी 2026 को प्रभावी रूप से लागू करने हेतु सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

    सड़क सुरक्षा फिल्म महोत्सव की जानकारी
    उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग, हिमाचल प्रदेश की ओर से सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा फिल्म महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें भाग लेने के इच्छुक अभ्यर्थी अपनी प्रविष्टियां 15 फरवरी तक भेज सकते हैं।

    18 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागी ले सकेंगे भाग
    क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऊना अशोक कुमार ने बताया कि सड़क सुरक्षा फिल्म महोत्सव के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर हिंदी या अंग्रेज़ी भाषा में लघु वीडियो बनाकर भाग ले सकता है। प्रतियोगिता से संबंधित नियम एवं शर्तें विभागीय पोर्टल से प्राप्त की जा सकती हैं।

    ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रविष्टियों की सुविधा
    प्रतिभागी अपनी लघु फिल्म या वीडियो ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से अथवा विभागीय ईमेल पर भेज सकते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रविष्टियां परिवहन निदेशालय, प्रमुख एजेंसी/सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ, हिमाचल प्रदेश, शिमला में सीधे भी जमा करवाई जा सकती हैं।

    पात्रता एवं मानदंड
    इस प्रतियोगिता में आम नागरिक, विद्यार्थी तथा पेशेवर फिल्म निर्माता भाग ले सकते हैं। न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। देश के सभी राज्यों से प्रविष्टियां आमंत्रित हैं। सड़क सुरक्षा पर आधारित फिल्म हिंदी या अंग्रेज़ी भाषा में अधिकतम पांच मिनट अवधि की होनी चाहिए।

    सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को पुरस्कार
    आरटीओ ने बताया कि महोत्सव में चयनित सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 18 से 25 वर्ष, 25 से 32 वर्ष, 32 से 40 वर्ष तथा 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की श्रेणियों में प्रत्येक श्रेणी में 25 हजार रुपये, प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त 20 विशेष पुरस्कार भी दिए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक में 5 हजार रुपये एवं प्रमाण पत्र शामिल होगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

  • ऊना के हरोली में जल संरक्षण की नई मिसाल, 20 करोड़ से प्राचीन टोबों का कायाकल्प

    ऊना के हरोली में जल संरक्षण की नई मिसाल, 20 करोड़ से प्राचीन टोबों का कायाकल्प

    हरोली विधानसभा क्षेत्र में प्राचीन तालाबों के पुनरुद्धार से जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज को नई दिशा मिल रही है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी जल सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार कर रही है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    जल संरक्षण की अनुकरणीय पहल
    हरोली विधानसभा क्षेत्र में जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज और पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल की जा रही है। क्षेत्र के प्राचीन तालाबों (टोबों) को पुनर्जीवित कर उन्हें आधुनिक, सुंदर एवं बहुउद्देशीय सरोवरों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिस पर लगभग 20 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा रही है। यह पहल पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के साथ-साथ भविष्य की जल सुरक्षा का मजबूत आधार भी तैयार कर रही है।

    दूरदर्शी सोच से मिल रहा नया जीवन
    हरोली के विधायक एवं उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की दूरदर्शी सोच और जनहितकारी दृष्टिकोण के चलते वर्षों पुराने टोबों को नया जीवन मिल रहा है। जहां देश के अनेक हिस्से गिरते भूजल स्तर और सूखते जल स्रोतों की चुनौती से जूझ रहे हैं, वहीं हरोली में जल संरक्षण को लेकर एक सकारात्मक, दूरगामी और सतत मॉडल विकसित हो रहा है।

    प्राचीन टोबों से आधुनिक सरोवरों तक का सफर
    हरोली क्षेत्र में गांव-गांव फैले पारंपरिक तालाब, जिन्हें स्थानीय भाषा में टोबे कहा जाता है, कभी वर्षा जल संग्रहण, पशुओं के पेयजल और सिंचाई का प्रमुख साधन हुआ करते थे। समय के साथ देखरेख के अभाव में ये जल स्रोत उपेक्षित हो गए थे। ऐसे में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इनके महत्व को समझते हुए पुनरुद्धार की एक सुनियोजित रूपरेखा तैयार की।

    बहुउद्देशीय विकास और आधुनिक तकनीक
    इन तालाबों को अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुनः जल से लबालब किया जा रहा है। साथ ही इन्हें आकर्षक सरोवरों के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि ये जल संरक्षण के साथ जैव विविधता संरक्षण, जलीय जीवन, ग्रामीण पर्यटन और पंचायतों की संभावित आय का माध्यम भी बन सकें।

    पूरे प्रदेश के लिए प्रेरक मॉडल
    हरोली में तालाबों के संरक्षण और संवर्धन का यह कार्य मुकेश अग्निहोत्री के पहले विधायक कार्यकाल से ही निरंतर जारी है। वर्तमान समय में इन प्रयासों को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी रूप दिया गया है, जिससे यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए जल संरक्षण की प्रेरक मिसाल बनता जा रहा है।

    हरियाली, सौंदर्यीकरण और स्वच्छता पर जोर
    तालाबों के चारों ओर पैदल पथ, हरियाली, सौंदर्यीकरण और स्वच्छता से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा, वहीं आसपास के क्षेत्रों में गिरते भूजल स्तर को स्थिर करने में भी सहायता मिलेगी।

    जल संरक्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत का संकल्प
    उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली में तालाबों और टोबों का पुनरुद्धार केवल एक विकासात्मक परियोजना नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित रखने का संकल्प है। पारंपरिक जल स्रोत आने वाले समय में जल सुरक्षा की सबसे मजबूत नींव सिद्ध होंगे और ग्रामीण जीवन को नई दिशा देंगे।

    अधिकारियों की जानकारी
    जल शक्ति विभाग हरोली के अधिशाषी अभियंता पुनीत शर्मा ने बताया कि तालाबों के सौंदर्यीकरण, जल संचयन और ग्रामीण क्षेत्रों की पानी निकासी को एकत्रित करने के लिए जल शक्ति विभाग, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के संयुक्त कन्वर्जेंस के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। जल शक्ति विभाग से लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि शेष राशि अन्य विभागों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से व्यय की जा रही है।

  • एचआरटीसी बेड़े में शामिल होंगी 297 इलेक्ट्रिक बसें, ई-मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम

    एचआरटीसी बेड़े में शामिल होंगी 297 इलेक्ट्रिक बसें, ई-मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम

    प्रदेश सरकार द्वारा ई-परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एचआरटीसी में 297 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं। इससे प्रदूषण में कमी और यात्रियों को आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    ई-मोबिलिटी को सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक पहल
    प्रदेश सरकार हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) को हरित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था की ओर अग्रसर करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में एचआरटीसी के बेड़े में 297 नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जिससे राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

    पहली प्रोटोटाइप ई-बस सोलन पहुंची
    उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना के तहत पहली प्रोटोटाइप इलेक्ट्रिक बस हैदराबाद से सोलन पहुंच चुकी है। आगामी दो दिनों में सोलन-शिमला मार्ग पर इस ई-बस का ट्रायल किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

    प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर होंगे चरणबद्ध ट्रायल
    उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सोलन-शिमला मार्ग के बाद प्रदेश के अन्य प्रमुख मार्गों तथा एचआरटीसी के विभिन्न डिपुओं में भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों के ट्रायल शुरू किए जाएंगे। इससे अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में ई-बसों की कार्यक्षमता का आकलन किया जाएगा।

    प्रदूषण में कमी और परिचालन लागत घटेगी
    उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी और डीजल पर निर्भरता घटेगी। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि एचआरटीसी की परिचालन लागत में भी कमी आएगी, जिससे निगम की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी।

    यात्रियों को मिलेगी आधुनिक और आरामदायक सुविधा
    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक, आधुनिक और विश्वसनीय परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने में भी सहायक सिद्ध होगी। इलेक्ट्रिक बसें शोर रहित और सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करेंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन के प्रति लोगों का भरोसा और बढ़ेगा।

    चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी किया जा रहा विकसित
    इलेक्ट्रिक बसों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश भर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में हिमाचल प्रदेश को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया जा सके।

  • सड़क सुरक्षा फिल्म महोत्सव के लिए 15 फरवरी तक भेजी जा सकेंगी प्रविष्टियां, परिवहन विभाग की पहल

    सड़क सुरक्षा फिल्म महोत्सव के लिए 15 फरवरी तक भेजी जा सकेंगी प्रविष्टियां, परिवहन विभाग की पहल

    सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश परिवहन निदेशालय द्वारा विशेष फिल्म महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसमें आम नागरिकों से रचनात्मक भागीदारी के लिए 15 फरवरी 2026 तक प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    सड़क सुरक्षा जागरूकता को लेकर अभिनव पहल
    हिमाचल प्रदेश परिवहन निदेशालय द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत “सड़क सुरक्षा–फिल्म महोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लघु फिल्मों और वीडियो के माध्यम से सड़क सुरक्षा के संदेश को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना और जिम्मेदार सड़क व्यवहार को प्रोत्साहित करना है।

    सभी सड़क उपयोगकर्ताओं को करेगा जागरूक
    यह महोत्सव वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और यात्रियों सहित सभी सड़क उपयोगकर्ताओं को जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करेगा। परिवहन विभाग का मानना है कि रचनात्मक माध्यमों से जागरूकता बढ़ाकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और अमूल्य जीवन की रक्षा संभव है।

    18 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागी ले सकेंगे भाग
    क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऊना अशोक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस फिल्म महोत्सव में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है। प्रतिभागी सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर हिंदी या अंग्रेज़ी भाषा में लघु फिल्म या वीडियो तैयार कर सकते हैं।

    ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध
    प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जमा कर सकते हैं। लघु फिल्म या वीडियो को गूगल फॉर्म अथवा विभागीय ईमेल के माध्यम से भेजा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, प्रविष्टियां परिवहन निदेशालय, प्रमुख एजेंसी/सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ, हिमाचल प्रदेश, शिमला में सीधे भी जमा करवाई जा सकती हैं।

    पात्रता और तकनीकी मानदंड निर्धारित
    इस प्रतियोगिता में आम नागरिकों, विद्यार्थियों और पेशेवर फिल्म निर्माताओं को भाग लेने का अवसर दिया गया है। न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है, जो 10 दिसंबर 2025 को या उससे पहले पूरी होनी चाहिए। देश के सभी राज्यों से प्रविष्टियां स्वीकार की जाएंगी। सड़क सुरक्षा पर आधारित लघु फिल्म अधिकतम 5 मिनट अवधि की होनी चाहिए और भाषा हिंदी या अंग्रेज़ी रखी गई है।

    विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार
    आरटीओ ऊना ने बताया कि चयनित सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 18 से 25 वर्ष, 25 से 32 वर्ष, 32 से 40 वर्ष और 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की चार श्रेणियों में प्रत्येक श्रेणी के विजेता को 25 हजार रुपये, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा 20 विशेष पुरस्कार भी दिए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक पुरस्कार के तहत 5 हजार रुपये और प्रमाण पत्र शामिल होगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

    सड़क सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर
    परिवहन विभाग का कहना है कि यह फिल्म महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर समाज की सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करने का प्रयास है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और रचनात्मक प्रयासों के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं।

  • ऊना के हरोली में स्थानांतरित होगा एसडीआरएफ कार्यालय, विभागीय औपचारिकताएं तेज

    ऊना के हरोली में स्थानांतरित होगा एसडीआरएफ कार्यालय, विभागीय औपचारिकताएं तेज

    राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद एसडीआरएफ कार्यालय को ऊना जिले के हरोली उपमंडल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। विभागीय स्तर पर आवश्यक पत्राचार और प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    कैबिनेट निर्णय के बाद अमल की प्रक्रिया शुरू
    राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के कार्यालय को हरोली विधानसभा क्षेत्र के पालकवाह खास स्थित स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट भवन में स्थानांतरित करने का निर्णय हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था। इस निर्णय के अनुपालन में अब विभागीय स्तर पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    विभागों के बीच समन्वय के लिए पत्राचार जारी
    कैबिनेट निर्णय के बाद श्रम, रोजगार एवं ओवरसीज़ प्लेसमेंट विभाग की ओर से आपदा प्रबंधन विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, श्रम आयुक्त और उपायुक्त ऊना को औपचारिक पत्र जारी किए गए हैं। पत्र के माध्यम से पालकवाह खास स्थित स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट भवन के उपयोग को स्वीकृति देते हुए जिला प्रशासन को आवश्यक पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    15 फरवरी 2026 तक शिफ्टिंग का प्रस्ताव
    सरकारी आदेश के अनुसार एसडीआरएफ को 15 फरवरी 2026 तक पालकवाह खास स्थित स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट परिसर में शिफ्ट किए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए भवन, आधारभूत सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

    आपदा प्रबंधन व्यवस्था होगी और मजबूत
    इस संबंध में उपमुख्यमंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एसडीआरएफ कार्यालय की स्थापना का यह निर्णय राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है, ताकि समयबद्ध तरीके से स्थानांतरण पूरा हो सके।

    ऊना सहित आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती से न केवल ऊना जिला बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी आपात परिस्थितियों के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सकेगा। इसके साथ ही हरोली क्षेत्र को प्रशासनिक और विकासात्मक दृष्टि से एक नई पहचान मिलेगी।

  • घालुवाल पुल के पास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बिना परमिट लकड़ी ले जा रही 4 पिकअप गाड़ियाँ को पकड़ा

    घालुवाल पुल के पास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बिना परमिट लकड़ी ले जा रही 4 पिकअप गाड़ियाँ को पकड़ा

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    जिला ऊना के पुलिस थाना हरोली के अंतर्गत पुलिस चौकी पंडोगा की टीम ने गश्त व यातायात चैकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से लकड़ी ढो रही चार महिंद्रा पिकअप गाड़ियों को पकड़ा है। यह कार्रवाई 4 जनवरी 2026 की सुबह घालुवाल पुल पर की गई।

    पुलिस के अनुसार, चैकिंग के दौरान रोकी गई चारों पिकअप गाड़ियों में लकड़ी (वालण) लोड पाई गई, लेकिन वाहन चालक लकड़ी से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या परमिट पुलिस के समक्ष पेश नहीं कर सके।

    इस पर पुलिस ने गाड़ी नंबर HP55C-3213, HP67-7281, HP68A-4800 और HP72C-9533 के चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता एवं इंडियन फॉरेस्ट एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं।

    पुलिस का कहना है कि अवैध वन उपज के परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और मामले की जांच की जा रही है।

  • ठठल में यूको बैंक की नवीकृत शाखा का उद्घाटन, उपमुख्यमंत्री ने संवेदनशील बैंकिंग पर दिया जोर

    ठठल में यूको बैंक की नवीकृत शाखा का उद्घाटन, उपमुख्यमंत्री ने संवेदनशील बैंकिंग पर दिया जोर


    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिले के ठठल में यूको बैंक की नवीकृत शाखा का उद्घाटन किया। उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था में मानवीय दृष्टिकोण, ग्रामीण सेवा और सुरक्षित निवेश को समय की आवश्यकता बताया।


    ऊना/वीरेंद्र बन्याल


    नवीकृत शाखा से बेहतर बैंकिंग सुविधाएं

    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बैंकों को गरीब, जरूरतमंद और कमजोर वर्ग की सहायता को प्राथमिकता देनी चाहिए तथा वास्तविक मजबूरी में ऋण चुकाने में असमर्थ लोगों के साथ डराने-धमकाने के बजाय संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ठठल स्थित यूको बैंक शाखा का कारोबार लगभग 130 करोड़ रुपये का है और नवीकृत परिसर से क्षेत्रवासियों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी।

    गलत निवेश और साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील

    उपमुख्यमंत्री ने लोगों को धन दोगुना करने जैसे प्रलोभनों से सावधान रहने का आग्रह करते हुए कहा कि गलत निवेश के कारण लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं, विशेषकर क्रिप्टो करेंसी से जुड़े मामलों में प्रदेश में भारी आर्थिक नुकसान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यूको बैंक हिमाचल प्रदेश में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 200 शाखाओं के माध्यम से सेवाएं दे रहा है।

    चिंतपूर्णी मंदिर भवन निर्माण को मिलेगी गति

    उपमुख्यमंत्री ने विधायक सुदर्शन सिंह बबलू के प्रयासों की सराहना करते हुए उपायुक्त ऊना को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य भवन निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के प्रथम चरण में लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे तथा भविष्य में श्री चिंतपूर्णी में नया बस अड्डा भी बनाया जाएगा।

    जल योजनाओं और रोजगार का उल्लेख

    विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की योजनाओं के लिए स्वीकृत 12 करोड़ रुपये की जानकारी दी और बताया कि ठठल पंचायत में पुरानी पेयजल पाइप लाइनों को बदलने का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने यूको बैंक से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इसी शाखा से लिए गए ऋण से उन्होंने व्यवसाय शुरू किया, जो आज सैकड़ों लोगों को रोजगार दे रहा है।

  • सड़क सुरक्षा अभियान के तहत एचपी डिफेंस अकादमी ऊना में प्रशिक्षुओं को यातायात नियमों की जानकारी

    सड़क सुरक्षा अभियान के तहत एचपी डिफेंस अकादमी ऊना में प्रशिक्षुओं को यातायात नियमों की जानकारी

    सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और युवाओं में सुरक्षित ड्राइविंग की समझ विकसित करने के उद्देश्य से यह जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। प्रशिक्षुओं को यातायात नियमों के पालन की शपथ भी दिलाई गई।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    प्रशिक्षुओं को दिलाई गई सड़क सुरक्षा की शपथ

    सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश डिफेंस अकादमी, ऊना में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऊना अशोक कुमार ने की। इस दौरान अकादमी के 88 प्रशिक्षुओं, जिनमें 62 छात्र और 26 छात्राएं शामिल थीं, को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई।

    हेलमेट, सीट बेल्ट और सुरक्षित ड्राइविंग पर जोर

    आरटीओ अशोक कुमार ने प्रशिक्षुओं को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा के पालन तथा ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग न करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षित ड्राइविंग को जीवन रक्षा से जोड़ते हुए यातायात नियमों को अपनाने का आह्वान किया।

    देशव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान की जानकारी

    उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देशभर में जनवरी माह के दौरान सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी संबंधित विभागों को अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

    जिला स्तरीय सहभागिता से चलाया जा रहा अभियान

    आरटीओ ने बताया कि जिला ऊना में उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति के मार्गदर्शन में सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। अभियान में परिवहन विभाग के साथ जिला प्रशासन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायती राज, स्थानीय निकाय विभाग और गैर-सरकारी संगठन भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    युवाओं और वाहन चालकों पर विशेष फोकस

    अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।

  • एसआईएस इंडिया लिमिटेड में सुरक्षा गार्ड व सुपरवाइजर के 120 पदों पर होगी भर्ती

    एसआईएस इंडिया लिमिटेड में सुरक्षा गार्ड व सुपरवाइजर के 120 पदों पर होगी भर्ती

    युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में रोजगार का अवसर सामने आया है। चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के बाद विभिन्न संस्थानों में तैनाती दी जाएगी।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    साक्षात्कार तीन स्थानों पर होंगे आयोजित

    एसआईएस इंडिया लिमिटेड आरटीए हमीरपुर द्वारा पुरुष अभ्यर्थियों के लिए सुरक्षा गार्ड और सुपरवाइजर के कुल 120 पद भरे जाएंगे। इन पदों के लिए साक्षात्कार 5 जनवरी को जिला रोजगार कार्यालय ऊना, 6 जनवरी को उप रोजगार कार्यालय अम्ब तथा 7 जनवरी को उप रोजगार कार्यालय हरोली में प्रातः 10:30 बजे आयोजित किए जाएंगे।

    योग्यता, आयु सीमा और वेतन विवरण

    जिला रोजगार अधिकारी ऊना अक्षय शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण अथवा अनुत्तीर्ण रखी गई है। आयु सीमा 19 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों को 17,500 से 23,000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।

    प्रशिक्षण के बाद विभिन्न संस्थानों में तैनाती

    उन्होंने बताया कि चयन के उपरांत अभ्यर्थियों को एक माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद अभ्यर्थियों की नियुक्ति एटीएम, अस्पतालों, औद्योगिक क्षेत्रों, मॉल तथा अन्य प्रतिष्ठानों में की जाएगी।

    आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य

    साक्षात्कार में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्म तिथि प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाने होंगे। सभी प्रमाण पत्र मूल रूप में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साक्षात्कार के लिए कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।