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  • स्कूल सुरक्षा पर एक दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

    स्कूल सुरक्षा पर एक दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मरवाड़ी में गुरूवार को 14वीं बटालियन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल नूरपुर जिला कांगड़ा की ओर से आपदा प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय स्कूल सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 173 छात्र-छात्राएं, शैक्षिक व गैर शैक्षिक स्टाफ ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान एनडीआरएफ की ओर से निरीक्षक आदेश कुमार, उप निरीक्षक अवतार सिंह एवं मोहित सिंह ने अपनी समस्त टीम सहित बच्चों को विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक व मानव जनित आपदाओं के दौरान स्वयं एवं अन्य व्यक्तियों की जान को जोखिम से बाहर निकालने के लिए विभिन्न राहत एवं बचाव उपायों की मॉकड्रिल बारे जानकारी दी।

    उपायुक्त कार्यालय ऊना के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ से जिला प्रशिक्षण प्रभारी राजन कुमार शर्मा ने बताया कि टीम द्वारा विद्यालय के बच्चों ने सीपीआर, आग लगने व बाढ़ आने के समय किए जाने वाले आपातकालीन उपायों व प्राथमिक चिकित्सा उपचार आदि को देखा, सुना व उसका अभ्यास किया। कार्यक्रम में एनडीआरएफ की टीम ने स्कूल के आपदा प्रबंधन प्रभारी व आपदा प्रबंधन कमेटी के सदस्यों को एक चिकित्सा उपचार किट भी भेंट स्वरूप प्रदान की ताकि किसी भी प्रकार की स्कूल संबंधी आपदाओं के दौरान इसका त्वरित उपयोग किया जा सके।

    इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या निशा कुमारी ने एनडीआरएफ टीम व जिला प्रशासन टीम का धन्यवाद करते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को बच्चों के लिए अति महत्वपूर्ण बताया और आशा जताई की बच्चे भविष्य में किसी भी आपदा के समय अपनी एवं अन्य लोगों की जान बचाने में सक्षम होंगे।

    इस मौके अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या निशा कुमारी, स्कूल आपदा प्रबंधन प्रभारी रमेश वीर कंवर, समस्त स्कूल अध्यापक वर्ग, गैर-अध्यापक वर्ग एवं विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति के संपूर्ण सदस्य भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

  • Road Closed / पंजावर-बाथड़ी सड़क पर वाहनों की आवाजाही एक माह के लिए बंद

    Road Closed / पंजावर-बाथड़ी सड़क पर वाहनों की आवाजाही एक माह के लिए बंद

    पंजावर-बाथड़ी सड़क के किलोमीटर 4/600 से 8/820 रोड़ तक के हिस्से पर वाहनों की आवाजाही 11 जनवरी, 2025 तक बंद रहेगी। इस अवधि के दौरान यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा जाएगा।

    उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 और 116 के तहत इस संदर्भ में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि यह आदेश सड़क मार्ग के अपग्रडेशन कार्य को त्वरित और सुचारू रूप से करने को लेकर जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वाहनों के आवागमन के लिए यातायात को गांव दौलतपुर के लिंक रोड से वैकल्पिक मार्ग पर मोड़ा गया है।

    उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सड़क बंद करने को लेकर जनता को सूचित करने और मार्ग परिवर्तन की जानकारी देने के लिए अग्रिम बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं।

  • रावमापा खड्ड में आपदा प्रबंधन विषय पर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

    रावमापा खड्ड में आपदा प्रबंधन विषय पर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

    राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) नूरपुर जिला कांगड़ा की 14वीं बटालियन ने बुधवार को पंडित मोहनलाल दत्त स्मारक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खड्ड में आपदा प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय स्कूल सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 298 छात्र-छात्राओं एवं 30 शैक्षिक व गैर शैक्षिक स्टाफ ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान एनडीआरएफ की ओर से निरीक्षक आदेश कुमार, उप निरीक्षक अवतार सिंह एवं मोहित सिंह ने अपनी समस्त टीम सहित बच्चों को विभिन्न प्राकृतिक व मानव जनित आपदाओं के समय स्वयं एवं अन्य व्यक्तियों की जान को जोखिम से बाहर निकालने के लिए विभिन्न राहत एवं बचाव उपायों की मॉकड्रिल एवं जागरूकता परिचय करवाया गया।

    उपायुक्त कार्यालय ऊना के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ से प्रशिक्षण प्रभारी, राजन कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यालय के बच्चों ने सीपीआर आग लगने के समय व बाढ़ आने के समय किए जाने वाले आपातकालीन उपायों व प्राथमिक चिकित्सा उपचार आदि को देखा, सुना व अभ्यास किया। एनडीआरएफ की टीम द्वारा स्कूल की आपदा प्रबंधन प्रभारी व आपदा प्रबंधन कमेटी के सदस्यों को एक चिकित्सा उपचार किट भी भेंट स्वरूप प्रदान की ताकि किसी भी प्रकार की स्कूल संबंधी आपदाओं के दौरान इसका त्वरित उपयोग किया जा सके।


    विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र पुरी ने एनडीआरएफ टीम व जिला प्रशासन टीम का धन्यवाद करते हुए इसे बच्चों के लिए अति महत्वपूर्ण बताया और आशा जताई की बच्चे भविष्य में किसी भी आपदा के समय अपनी एवं अन्य व्यक्तियों की जान को बचा पाने में सक्षम होंगे।


    इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र पुरी, समस्त स्कूल अध्यापक वर्ग, गैर-अध्यापक वर्ग एवं विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति के संपूर्ण सदस्य भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

  • हिमाचल प्रदेश में बैल के हमले की घटना में 19 वर्षीय युवक की मौत

    हिमाचल प्रदेश में बैल के हमले की घटना में 19 वर्षीय युवक की मौत

    घटना का विवरण

    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के दौलतपुर चौक के पास स्थित रायपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देर शाम, 19 वर्षीय युवक राहुल की बैल के हमले में मौत हो गई। युवक की पहचान राहुल पुत्र परमजीत निवासी रायपुर के रूप में हुई है। घटना के बाद शव को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    हमले का कारण और घटना का समय

    जानकारी के अनुसार, राहुल अपने दोस्त के साथ रोज की तरह सैलून से काम सीखकर घर लौट रहा था। जैसे ही वे रास्ते से गुजर रहे थे, एक बैल अचानक उनके रास्ते में आ गया और उन पर हमला कर दिया। राहुल के दोस्त ने तो भागकर अपनी जान बचा ली, लेकिन राहुल बैल के हमले की चपेट में आ गया।

    गांव के उपप्रधान अमित शर्मा ने बताया कि बैल रास्ते में खड़ा हुआ था। राहुल और उसके दोस्त ने दूसरी दिशा से आकर उसे नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन अचानक बैल ने हमला कर दिया। इस हमले में राहुल को गंभीर चोटें आईं और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिवार का दुख और आर्थिक स्थिति

    राहुल का परिवार बेहद गरीब था। वह अपने पिता की आर्थिक सहायता के लिए सैलून में काम सीख रहा था और अपने छोटे भाई-बहन और परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने के सपने देखता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, राहुल बचपन से ही बहुत मेहनती था और अपनी मेहनत के बल पर अपने परिवार की स्थिति सुधारने की कोशिश कर रहा था। यह हादसा उसके परिवार के लिए एक बहुत बड़ा आघात है, क्योंकि उसने अपने परिवार के लिए बहुत कुछ करने की उम्मीदें पाल रखी थीं।

    सरकारी सहायता

    राहुल के पिता परमजीत, जो पटवार खाने में चौकीदार के रूप में काम करते हैं, उनकी आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। इस दुखद घटना के बाद, तहसीलदार कुलताज सिंह की टीम ने परिवार को 25,000 रुपये की सहायता दी, ताकि वे कुछ समय के लिए आर्थिक रूप से सहारा पा सकें।

    पुलिस कार्रवाई

    दौलतपुर चौकी प्रभारी रविपाल ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और बाद में शव को परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि बैल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

    यह घटना न केवल एक परिवार के लिए एक भयानक दुख है, बल्कि यह इस बात की याद दिलाती है कि कभी-कभी सड़क पर घूमते पशु भी खतरनाक हो सकते हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।