समाज कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
Divyang Relief Scheme : प्रदेश सरकार ने समाज के सभी वर्गों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं संचालित की हैं। निदेशक किरण भड़ाना ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाना है।
दिव्यांग राहत भत्ता और पेंशन योजना
प्रदेश में 77,453 दिव्यांगजनों को राहत भत्ता प्रदान किया जा रहा है। 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को ₹1150 से ₹1700 प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इस योजना में ₹130.33 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा और छात्रवृत्ति का प्रावधान
दिव्यांग छात्र-छात्राओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहन स्वरूप बिना आय सीमा के ₹625 से ₹5000 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जा रही है। इस योजना के लिए ₹1.70 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही, विशेष योग्यता वाले बच्चों के लिए विशेष शिक्षण संस्थानों का संचालन भी किया जा रहा है।
दिव्यांग विवाह अनुदान और उत्सव अनुदान
दिव्यांग विवाह अनुदान योजना के तहत दिव्यांगजनों को विवाह के लिए ₹25,000 से ₹50,000 तक की सहायता राशि दी जा रही है। इसके अलावा, विशेष गृह के निवासियों को त्योहारों पर ₹500 उत्सव अनुदान प्रदान किया जाता है।
सरकारी नौकरियों में आरक्षण और अन्य प्रावधान
वर्तमान वित्त वर्ष में 227 पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी की गई है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। अब तक प्रदेश में 95,105 दिव्यांगजनों को विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र प्रदान किए जा चुके हैं।
सस्ती ब्याज दरों पर ऋण का लाभ
अल्पसंख्यक वित्त और विकास निगम के माध्यम से दिव्यांगजनों को सस्ती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने में सहायता मिल रही है।

