Loading...
Uncategorized

प्राकृतिक खेती से बढ़ी उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन क्षमता : प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 7 Oct 2025 • 1 Min Read

सिरमौर जिले के पच्छाद ब्लॉक के वासनी गांव में आयोजित किसान गोष्ठी में नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल उत्पादन लागत घटती है, बल्कि उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार मूल्य में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

नाहन

प्राकृतिक खेती से ‘वन हेल्थ’ अवधारणा को मिला बल
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति प्रो. चंदेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती ‘वन हेल्थ’ (One Health) की अवधारणा को सशक्त बनाती है, जिससे उत्पादक, उपभोक्ता और पर्यावरण तीनों को लाभ मिलता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती के सफल मॉडलों का अध्ययन करने का आग्रह किया।

सिरमौर में 19 हजार किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े
आत्मा परियोजना निदेशक डॉ. साहिब सिंह ने बताया कि जिले के 60 हजार किसानों में से 19 हजार से अधिक किसान पूर्ण या आंशिक रूप से प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं। उन्होंने राज्य सरकार की उन योजनाओं का उल्लेख किया जिनके तहत प्राकृतिक खेती को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और विपणन सुविधाओं से जोड़ा गया है।

नौणी विवि कर रहा वैज्ञानिक अध्ययन
प्रो. चंदेल ने बताया कि नौणी विवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से प्राकृतिक खेती पर वैज्ञानिक डेटा तैयार कर रहा है। इससे प्रदेश में टिकाऊ कृषि प्रणाली को और अधिक मजबूती मिलेगी।

कृषि विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. राज कुमार और केवीके समन्वयक डॉ. पंकज मित्तल ने किसानों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस गोष्ठी में 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया।